-ना भूसा ना दाना धान के पुआल मात्र बना पशुओं के जीवन का सहारा
रिर्पोट-आर तिवारी
गोण्डा। छुट्टा मवेशियों को संरक्षित करने तथा आम जनमानस के फ़ायदे के लिए सरकार द्वारा लाखों रूपए खर्च कर गौशाला का निर्माण कराया जिसमे जहां एक तरफ इधर उधर भागने, घूम रहे पशुओं को आश्रय मिलेगा वहीं किसानों की हो रही फसलें नुकसान होने से बचेगी । लेकिन अत्याधिक गौशालाओं में खामियां से परिपूर्ण है भूसा,चारा,दाना सहित पशुओं को खाने ,भोजन की व्यवस्था समुचित तौर पर नहीं। ऐसे में जब पशुओं का पेट ही नहीं भरेगा तो उन्हें बीमार होना लगभग तय। सभी को भोजन की जरूरत होती है। लेकिन इन मूक बंधे मवेशी किससे कहें अपनी ब्यथा। मिले तो ठीक ना मिले तो ठीक यानी अपनी पीड़ा कहे भी तो किससे और कैसे।
जिसका मिशाल बिकास खण्ड पंडरी कृपाल के ग्राम पंचायत सोहसा परसा के सोहसा गांव का अभी निर्माणाधीन गौशाला जहां अभी मुख्य गेट मवेशी निकल कर भाग ना जाए इसके लिए बाउंड्री आदि की व्यवस्था अभी अपूर्ण है । पानी के समसेवल लगा है। भीषण ठंड में रहने की व्यावस्था बाकी।
मौके पर नांद तथा आसपास पेड़ों में मवेशी बंधे थे जिनके सामने धान के पुआल डाले गये थे कुछ पशु भूख मिटाने के लिए खा रहे तो कुछ बैठे थे। नांद में कुछ नहीं था ।नांद देख कर लगता था बनने के बाद इसमें भूसा चारा दाना डाला नहीं गया था। मौके पर कृष्ण कुमार वर्मा गौशाला के चौकी दार मिले पूछने पर बताया अभी गौशाला का काम ही चल रहा था बन कर पूरा भी नहीं हुआ कि ब्लाक के अधिकारी लोग इसमें पशुओं को रखने का आदेश दे दिए इसी हफ्ते में दो बार इसमें पशुओं को लाकर छोड़ दिया। इनकी देखभाल की जिम्मेदारी हमारी है। सरकार द्वारा इनके भोजन चारा भूसा आदि की व्यवस्था नहीं की गई सिर्फ लाकर छोड़ दिया है। ग्राम प्रधान द्वारा पुआल दिया गया है उसे खिला रहा हूं। अभी चारा काटने तक की सुविधा नहीं है इस लिए सिर्फ पुआल खिला रहा हूं। गौरतलब हो गौशाला में सिर्फ पशुओं को रखना ही नहीं वल्कि उनके भोजन की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन उन सुविधाओं से वांछित है। गौशाला परिपुर्ण ना होने से यहां रस्सी में बंधे हुए हैं कारण कहीं पुनः निकल कर भाग ना सके ऐसे में इस गौशाला के मवेशियों की हालत क्या होगी यह तो मौजूदा स्थिति देख कर अनुमान लगाया जा सकता है। बहरहाल जो भी हो सिर्फ नाम का गौशाला भूख से बेजुबान हो रहे बेहाल। वहीं प्रधान प्रतिनिधि अनिल वर्मा ने बताया जो मुझसे हो रहा है कर रहा हूं।

