रिपोर्ट -आर तिवारी
गोण्डा। भले ही देश आजाद हुआ लोगो को खुल कर जीने की आजादी मिली। सरकार जनता को खुशहाल बनाने के लिए ना जाने कितनी लाभकारी महत्वपूर्ण योजनाओं का सौगात दिया। जहां आज तकरीबन हर गांव मजरों में आने जाने के सुगम रास्ते तथा गांव में योजना के तहत बिजली जिससे घर दुधिया रोशनी की जगमगाहट, गर्मी में पंखे की हवा,के साथ साथ बिधुत चलित अनेकों यंत्र लोग उपयोग करें। लेकिन आज भी बिकास खण्ड मुजेहना क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम पंचायत नौव्वागाव का एक मंजरा भानपुरवा आज भी बिधुत लाभ से वांछित है। इस मजरे की आबादी लगभग दो सौ से अधिक होगी। जबकि अगल बगल गांव मजरों में बिधुत आपूर्ति है लेकिन इस मजरे बासी आज भी तब जब लाभकारी योजनाओं के सौगात की बौछार है बल्ब की रोशनी पंखे की हवा जैसी सभी प्रकार की सुबिधाओ से कोसो दूर है। जबकि सरकार गाव गांव मजरों को बिधुतिकरण करने के लिए योजना चला रही है फिर भी गांव के लोग अंधेरे मे रह रहे हैं । आधुनिकता के दौर में घर हर व्यक्ति के पास मोबाइल फोन है चार्ज करने आवश्यक होता है जिसके लिए कुछ लोगों ने अपने घरों में छोटा छोटा सोलर पैनल लगा रखा है। बहरहाल मोबाइल चार्ज तो हो जाती है लेकिन इन ग्राम बासियो को आजादी के बाद भी बिजली की रोशनी से महरूम हैं।

