गोण्डा। मुजेहना समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक नवजात बच्चे को किसी अज्ञात जानवर द्वारा नोचे जाने की घटना को गलत साबित करते हुए जांच कमेटी द्वारा शासन को झूठी रिपोर्ट भेजी थी, उसी रिपोर्ट को सच मानते हुए स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य महकमे को क्लीन चिट दे दी थी। पूरी घटना क्रम को प्रमुखता से प्रकाशित किये जाने बौखलाई चिकित्सा अधीक्षक सुमन मिश्रा ने पत्रकार जगत में भय व्याप्त करने की मंशा से एक पत्रकार पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करा दिया था, जिसके विरोध में पत्रकारों ने आक्रोश की ज्वाला जलाई जिसकी तपिस जनपद में दौरे पर आये सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तक पहुंची, उन्होंने पत्रकारों की बात सुनी और शासन को भेजी गयी जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए पुनःः तीन सदस्यीय टीम बना कर शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्देश जारी किया। इस बार स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को बायकाट करके मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, उपाधीक्षक शिवराज, अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी को जांच कमेटी में शामिल किया गया था।
इसी क्रम में टीम शनिवार की सुबह पुनः जांच करने के लिए मुजेहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची जहां करीब एक घण्टे तक चिकित्सा अधीक्षक सुमन मिश्रा से पूछताछ की गयी, जांच में पुलिस कम्प्लेंट सहित मामले से जुड़े सभी अभिलेख थाने मंगवाये गए, उसके बाद जांच टीम ग्राम पंचायत रुद्रगढ़ गयी, पीड़ित परिवार के घर पहुंच कर प्रसूति के परिजनों से भी पूछताछ की गयी। इस दौरान जांच कमेटी में न होने के बावजूद स्वास्थ्य महकमे की मुख्य अधीक्षिका इंदुबाल स्वास्थ्य विभाग के बचाव में हस्तक्षेप करती नजर आई। परिजनों से पूछताछ के बाद एडिशनल एसपी शिव राज ने बताया की सभी पक्षों का बयान दर्ज कर लिया गया है जो सही है उसी की रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी।

