गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

वैज्ञानिक सी॰ एन॰ आर॰ राव की जीवनी

 
snr-raav

चिंतामणि नागेश रामचंद्र राव (कन्नड़: ಚಿಂತಾಮಣಿ ನಾಗೇಶ ರಾಮಚಂದ್ರ ರಾವ್) जिन्हें सी॰ एन॰ आर॰ राव के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय रसायनज्ञ हैं जिन्होंने घन-अवस्था और संरचनात्मक रसायन शास्त्र के क्षेत्र में मुख्य रूप से काम किया है। वर्तमान में वह भारत के प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के प्रमुख के रूप में सेवा कर रहे हैं। डॉ॰ राव को दुनिया भर के 60 विश्वविद्यालयों से मानद डॉक्टरेट प्राप्त है। उन्होंने लगभग 1500 शोध पत्र और 45 वैज्ञानिक पुस्तकें लिखी हैं।

वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया। सी वी रमण और ए पी जे अब्दुल कलाम के बाद इस पुरस्कार से सम्मानित किये जाने वाले वे तीसरे ऐसे वैज्ञानिक हैं।

आरंभिक जीवन
बेंगलुरू के एक कन्नड़ परिवार में जन्मे राव की माता का नाम नागम्मा नागेश राव और पिता का नाम हनुमंत नागेश राव है। राव ने 1951 में मैसूर विश्वविद्यालय से स्नातक तथा दो वर्ष पश्चात काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने पर्ड्यू विश्वविद्यालय से 1958 में पीएच॰ डी॰ की उपाधि अर्जित की। मैसूर विश्वविद्यालय से ही 1961 में उन्होंने डीएस॰ सी॰ की उपाधि प्राप्त की। 1963 में राव आईआईटी कानपुर से एक संकाय सदस्य के रूप में जुड़े। उन्हें कई विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्राप्त हुई है।

व्यावसायिक जीवन
राव वर्तमान में जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र, बेंगलुरू के मानद अध्यक्ष हैं, जिसकी स्थापना उन्होंने स्वयं १९८९ में की थी। वे संबंधित संस्थान में राष्ट्रीय शोध प्रोफेसर और लीनस पाउलिंग शोध प्रोफेसर के तौर पर भी सक्रिय हैं। उन्हें जनवरी २००५ के दौरान भारत के प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया, जहाँ वे १९८५-८९ के दौरान कार्य कर चुके हैं। डॉ॰ राव अंतरराष्ट्रीय पदार्थ विज्ञान केन्द्र (International Centre for Materials Science ) के निदेशक भी हैं।

पुरस्कार और सम्मान
४ फ़रवरी २०१४ को राव को भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्‍न से सम्मानित किया गया।[4] इसके पूर्व उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण और पद्म श्री तथा कर्णाटक राज्य सरकार द्वारा कर्णाटक रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। २००० में रॉयल सोसायटी द्वारा डॉ॰ राव को ह्यूज पदक (Hughes Medal) से नवाज़ा गया। २००४ में घन अवस्था रासायनिकी और पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा संस्थापित इण्डिया साइंस अवार्ड पाने वाले वे पहले व्यक्ति बने।

विवाद
डॉ॰ राव पर साहित्यिक चोरी करने और होने देने के आरोप भी लगे हैं। उन्होंने दिसंबर २०११ में 'एडवांस्ड मैटेरियल्स' (Advanced Materials)[6] नामक एक सम-परीक्षित पत्रिका (peer-reviewed journal) से, अपने शोध पत्र में किसी दूसरे वैज्ञानिकों के पाठ की पुनर्प्रस्तुति के लिए, माफी माँगी। हालांकि उनके सहयोगी और पत्र के दूसरे वरिष्ठ लेखक प्रो॰ एस॰ बी॰ कृपानिधि ने इस गलती के लिए भा॰ वि॰ सं॰ के समक्ष पत्र के सह-लेखक एक पीएच॰ डी॰ छात्र को जिम्मेदार ठहराया। करुणानिधि के कथनानुसार - "ये वाक्य पत्र की भूमिका के भाग थे, जो हमारे पीएचडी छात्र द्वारा लिखा गया था, जिसका हममें से किसी ने (न तो वरिष्ठ लेखक कृपानिधि ने और न ही डॉ॰ राव ने) संज्ञान नहीं लिया।"

पीएच॰ डी॰ छात्र ने इस घटना की जिम्मेदारी ली और एक माफीनामा जारी किया। बाद में राव ने पत्रिका से संबंधित शोध पत्र को वापस लेने का प्रस्ताव रखा लेकिन संपादक ने प्रकाशन को यथावत रहने दिया। मूल स्रोत विकिपीडिआ 


No comments:

Post a Comment

कमेन्ट पालिसी
नोट-अपने वास्तविक नाम व सम्बन्धित आर्टिकल से रिलेटेड कमेन्ट ही करे। नाइस,थैक्स,अवेसम जैसे शार्ट कमेन्ट का प्रयोग न करे। कमेन्ट सेक्शन में किसी भी प्रकार का लिंक डालने की कोशिश ना करे। कमेन्ट बॉक्स में किसी भी प्रकार के अभद्र भाषा का प्रयोग न करे । यदि आप कमेन्ट पालिसी के नियमो का प्रयोग नही करेगें तो ऐसे में आपका कमेन्ट स्पैम समझ कर डिलेट कर दिया जायेगा।

अस्वीकरण ( Disclaimer )
गोण्डा न्यूज लाइव एक हिंदी समुदाय है जहाँ आप ऑनलाइन समाचार, विभिन्न लेख, इतिहास, भूगोल, गणित, विज्ञान, हिन्दी साहित्य, सामान्य ज्ञान, ज्ञान विज्ञानं, अविष्कार , धर्म, फिटनेस, नारी ब्यूटी , नारी सेहत ,स्वास्थ्य ,शिक्षा ,18 + ,कृषि ,व्यापार, ब्लॉगटिप्स, सोशल टिप्स, योग, आयुर्वेद, अमर बलिदानी , फूड रेसिपी , वाद्ययंत्र-संगीत आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी केवल पाठकगणो की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दिया गया है। ऐसे में हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि आप किसी भी सलाह,उपाय , उपयोग , को आजमाने से पहले एक बार अपने विषय विशेषज्ञ से अवश्य सम्पर्क करे। विभिन्न विषयो से सम्बन्धित ब्लाग/वेबसाइट का एक मात्र उद्देश आपको आपके स्वास्थ्य सहित विभिन्न विषयो के प्रति जागरूक करना और विभिन्न विषयो से जुडी जानकारी उपलब्ध कराना है। आपके विषय विशेषज्ञ को आपके सेहत व् ज्ञान के बारे में बेहतर जानकारी होती है और उनके सलाह का कोई अन्य विकल्प नही। गोण्डा लाइव न्यूज़ किसी भी त्रुटि, चूक या मिथ्या निरूपण के लिए जिम्मेदार नहीं है। आपके द्वारा इस साइट का उपयोग यह दर्शाता है कि आप उपयोग की शर्तों से बंधे होने के लिए सहमत हैं।

”go"