आइये जानते हैं एसआईटी क्या है। एसआईटी (SIT) की फुल फॉर्म “Special Investigation Team” है और इसे हिंदी में विशेष जांच दल कहते है। एसआईटी (विशेष जांच दल) भारत की एक विशेष जांच एजेंसी है जिसे किसी विशेष मामले की जांच के लिए नियुक्त किया गया है।
एसआईटी जांच की आवयश्कता कहाँ होती है?
जब मौजूदा एजेंसी किसी मामले की उचित जांच करने में सक्षम नहीं होती है तब एसआईटी जाँच की आवश्यकता होती है। सिंपल भाषा में समझें तो ऐसे कुछ मामले जो उच्च प्रोफाइल वाले लोगों के खिलाफ है और वहां पर सामान्य एजेंसी सक्षम रूप से जाँच नहीं कर पा रही है तो वह मामला SIT को नियुक्त किया जाता है। आगे इस लेख में हम ये जानेंगे की एसआईटी कार्य कैसे करती है और इसका गठन क्यों होता है।
एसआईटी (SIT) का गठन क्यों होता है?
एसआईटी (SIT) को आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित किया जाता है और एसआईटी विशेष जाँच में अवकाश प्राप्त न्यायाधीश और कुछ विशेषज्ञ जो किसी भी दबाव में आए बगैर हाई प्रोफाइल मामलों या लोगों के खिलाफ जांच कर सके उन्ही को शामिल किया जाता है।
वर्ष 1984 के सिख दंगे की विशेष रूप से जाँच करने के अलावा कई मामलो में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट आमतौर पर अक्सर बड़े मामले में निष्पक्ष रूप से फैसला करने के लिए विशेष जांच दल का गठन करता है।
SIT की Report से ऐसे पहलू भी सामने आते है जो जो सामान्य एजेन्सी की Investigation से सामने नहीं आ पाते हैं। SIT का गठन कई मामलो में राज्य और केंद्र सरकारें भी करती हैं।
SIT कैसे काम करती है?
कई विशेष मामलों की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट या राज्य सरकार द्वारा SIT (विशेष जांच दल) को नियुक्त करते है इसका दल नेतृत्व एक व्यक्ति या कुछ सदस्यों द्वारा किया जाता है।
एसआईटी मामले की जाँच में कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
SIT अपने Investigation से मामले की सभी चरणों में छानबीन करके उस रिपोर्ट को अदालत में पेश करता है और उस रिपोर्ट के स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार अदालत के पास होता है।


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