ताड़ासन को समस्थिति भी कहा जाता है। ताड़ शब्द का अर्थ संस्कृत में पर्वत होता है, जिसके ऊपर इस आसन का नाम रखा गया है। ताड़ासन योग का एक मूलभूत आसन है क्योंकि यह आसन अनेक आसनों का आधार है।
इस लेख में ताड़ासन के आसन को करने के तरीके और उससे होने वाले लाभों ंके बारे में बताया गया है। साथ में यह भी बताया गया है कि आसन करने के दौरान क्या सावधानी बरतें। लेख के अंत में ताड़ासन से संबंधित एक वीडियो भी शेयर किया गया है।
ताड़ासन क्या है –
ताड़ासन संस्कृत शब्द ताड़ (पर्वत) के साथ आसन को मिलाकर बना है। ताड़ासन योग को खड़े रह कर करने वाले योगासनों की नींव माना जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस योग को करते समय शरीर पर्वत के समान सीधा और स्थिर रहता है। ताड़ासन रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने में मदद करता है, जिससे बाकी आसन करने में आसानी होती है। यह एक बहुत ही सरल योगासन है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है ।
क्या आप जानते हैं कि शरीर के लिए ताड़ासन के लाभ क्या हैं? अगर नहीं, तो इस बारे में विस्तार से जानिए लेख के अगले भाग में।
ताड़ासन के फायदे -
ताड़ासन के लाभ इस प्रकार हैं:
1. मधुमेह के लिए ताड़ासन के लाभ
योग में ऐसे कई योगासन बताए गए हैं, जो मधुमेह में लाभकारी हो सकते हैं। इनमें एक नाम ताड़ासन का भी शामिल है। नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन (NCBI) द्वारा प्रकाशित एक शोध में यह बताया गया है कि ताड़ासन ऐसे योगासनों में शामिल है, जो टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। यह आसन खून में ग्लूकोज को नियंत्रित करने और इंसुलिन की मात्रा को बनाए रखने में मदद कर सकता है । इस प्रकार मधुमेह के मरीजों के लिए ताड़ासन के फायदे देखे जा सकते हैं। हालांकि, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
2. पोस्चर सुधारने में करे मदद
शरीर का पोस्चर (मुद्रा) सुधारने के लिए रीढ़ की हड्डी को सीध में रखना बहुत जरूरी है। ऐसे में, रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ बनाए रखने में ताड़ासन के लाभ मदद कर सकते हैं। जैसा कि ताड़ासन योग के परिचय में हम बता चुके हैं कि इस योगासन को करते समय रीढ़ की हड्डी को बिलकुल सीधा रखा जाता है, जिससे शरीर का पोस्चर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही, ताड़ासन रीढ़ को सकारात्मक रूप से लचीला और शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है । दरअसल, यह मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है, जिससे रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में मदद मिलती है ।
3. घुटने, जांघ और टखनों को बनाए मजबूत
योगासन पूरे शरीर के लिए लाभदायक हो सकते हैं, लेकिन कुछ योगासन शरीर के कुछ खास अंगों पर काम करते हैं। इसी प्रकार ताड़ासन योग घुटने, जांघ और टखनों पर भी खास तौर से काम करता है। एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक शोध में यह पाया गया है कि ताड़ासन के फायदे रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने के साथ घुटने, जांघ और टखनों को मजबूत बनाए रखने में भी मदद कर सकते हैं । इन फायदों के पीछे ताड़ासन करने के दौरान शरीर पर पड़ने वाला खिंचाव हो सकता है। हालांकि, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
इसके लाभ जानने के साथ ताड़ासन करने का तरीका जानना भी जरूरी है। इस बारे में जानिए लेख के अगले भाग में।
- यह आसन शारीरिक और मानसिक संतुलन विकसित करता है।
- शरीर के पोस्चर में सुधार लाता है।
- जांघों, घुटनों और टखनों को मजबूत करता है।
- पेट और नितंबों को टोन करता है।
- रीढ़ की हड्डी में खिचाव लाकर उसके विकारों को मिटाता है।
- कटिस्नायुशूल (साइटिका) से राहत दिलाता है।
- फ्लैट पैर की परेशानी में मदद करता है।
ताड़ासन करने से पहले यह आसन करें -
ताड़ासन करने से पहले आप यह आसन ज़रूर करें:
- अधो मुख श्वानासन
- उत्तानासन
ताड़ासन करने का तरीका -
ताड़ासन करने का तरीका इस प्रकार है:
- दोनो पंजों को मिलाकर या उनके बीच 10 सेंटीमीटर की जगह छोड़ कर खड़े हो जायें, और बाज़ुओं को बगल में रखें।
- शरीर को स्थिर करें और शरीर का वजन दोनों पैरों पर समान रूप से वितरित करें।
- भुजाओं को सिर के उपर उठाएं। उंगलियों को आपस में फसा कर हथेलियों को ऊपर की तरफ रखें।
- सिर के स्तर से थोड़ा ऊपर दीवार पर एक बिंदु पर आँखें टीका करें रखें। पुर अभ्यास के दौरान आंखें इस बिंदु पर टिका कर रखें।
- बाज़ुओं, कंधों और छाती को ऊपर की तरफ खींचें और फैलाएं।पैर की उंगलियों पर आ जायें ताकि दोनो एड़ी उपर उठ जायें।
- बिना संतुलन और बिना पैरों को हिलायें, पूरे शरीर को ऊपर से नीचे तक ताने।
- श्वास लेते रहें और कुछ सेकंड के लिए इस मुद्रा में ही रहें।
- शुरुआत में संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है लेकिन अभ्यास के साथ यह आसान हो जाएगा।
- आसन से बाहर निकलने के लिए सारे स्टेप्स विपरीत क्रम में करें।
- यह एक चक्र है।
- अगले चक्र से पहले कुछ सेकंड के लिए आराम करें। 5 से 10 चक्र का अभ्यास करें।
ताड़ासन का आसान रूपांतर -
ताड़ासन को थोड़ा आसान बनाने के लिए आप यह बदलाव कर सकते हैं:
- अगर आप अपने पैर की उंगलियों पर खड़े हो कर ज़्यादा देर संतुलन नहीं बना पा रहे हों, तो दीवार का सहारा ले सकते हैं।
- अगर यह भी कठिन लगे, तो पैरों को ज़मीन पर टिकाए रख कर इस आसन का अभ्यास करें।
ताड़ासन योग के लिए कुछ सावधानियां –
अगर आप नीचे बताई गई समस्याओं से ग्रसित हैं तो ताड़ासन योग न करें ।
- सिर दर्द
- अनिद्रा (नींद न आने की समस्या)
- निम्न रक्तचाप
इस लेख के माध्यम से ताड़ासन से जुड़ी बातें आपको अच्छी तरह समझ आ गई होंगी। इस योगासन को करते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि ताड़ासन के लाभ आपके शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार जरूर होंगे, लेकिन यह किसी भी बीमारी का मेडिकल इलाज नहीं है। इन समस्याओं से पूरी तरह निजात पाने के लिए योग के साथ, सही डॉक्टरी इलाज और संतुलित आहार बहुत जरूरी है। इन सभी बातों के अलावा, अगर अब भी आपके मन में ताड़ासन से जुड़ा कोई सवाल है, तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स की मदद से उन्हें हमारे साथ साझा कर सकते हैं।


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