गर्भावस्था के इस चरण पर पहुँचने के लिए शुभकामनाएं, क्योंकि सप्ताह 40 का मतलब है कि आप और आपका बच्चा आधिकारिक तौर पर वास्तव में जल्द ही एक दूसरे से मिलने वाले हैं! कई गर्भवती महिलाएं निवारक कदम उठाती हैं और गर्भावस्था से संबंधित विभिन्न पुस्तकें पढ़कर शिशु के आगमन की तैयारी करती हैं। हम जानते है उनमें से आप भी एक है!
गर्भावस्था के 40वें सप्ताह में शिशु का विकास
- चर्बी की परत चढ़ना: आपके बच्चे के शरीर का 15% हिस्सा चर्बी से बना होगा, जो उस छोटे से बच्चे के शरीर के तापमान को नियमित करने में मदद करता है।
- नाखून और बाल बढ़ते रहते हैं: 40 हफ्तों में, आपके बच्चे के नाखून और बाल अभी भी बढ़ रहे हैं जो अभी भी अधिक स्पष्ट होंगे।
- फेफड़े का अनुकूलन: बाहर की हवा से सांस लेने के लिए फेफड़े लगभग विकसित हो गए हैं।
- रोग प्रतिरोधी तत्वों का संग्रहण: गर्भनाल अभी भी बच्चे को सभी रोग प्रतिरोधी तत्व प्रदान करता है जो उसे अपने जीवन के शुरुआती 6 महीनों के लिए संक्रमण से दूर रखने के लिए आवश्यक है।
- आंखों की रोशनी का विकास: अभी बच्चे की दृष्टि धुंधली होगी और वह केवल उन वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित कर सकता है जो उससे एक इंच दूर हैं।
- इन विकासों के अलावा, उसके शरीर में अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन भी होते हैं जिन्हें देखा जा सकता है। उदाहरण के लिए, जन्म नलिका से आपके बच्चे के लिए सहजता से निकलना सुनिश्चित करने के लिए, खोपड़ी में हड्डियों को पूरी तरह से जुड़ी नहीं होंगी।
इसके अलावा, आपके बच्चे का शरीर नाल को पार कर रक्तिम पित्तवर्णक का सफलतापूर्वक विखंडन कर रहा है, जहाँ वह अन्य अपशिष्ट पदार्थों के साथ बाहर निकल जाता है। जब बच्चा पैदा हो जाता है और गर्भनाल को काट दिया जाता है, तो उसके शरीर को अपने आप रक्तिम पित्त्वर्णक से बाहर आना होता है। इसमें सामान्य तौर पर कुछ दिन लगते हैं । कभी-कभी यह बच्चे के शरीर में निर्मित हो जाता है और इसलिए बच्चा पीलिया से ग्रस्त हो सकता है। उसे प्रकाश में लाकर उसकी देखभाल की जा सकती है।
शिशु का आकार क्या है?
गर्भावस्था के 40वें सप्ताह में शिशु का वज़न 2.7 किलोग्राम से 4 किलोग्राम के बीच बढ़ता है और लंबाई 19 इंच से 22 इंच बढ़ जाती है (हालांकि बहुत से बच्चे जो इससे छोटे या बड़े पैदा होते हैं, बड़े होकर स्वस्थ हो जाते हैं) इस समय शिशु का आकार तरबूज़ जैसा होता है।
सामान्य शारीरिक परिवर्तन
बढ़ते भ्रूण को समायोजित और पोषित करने के लिए गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर में भी परिवर्तन होता है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि प्रसव पीड़ा आरंभ होने के पूर्व ही आपका पानी भंग हो जायेगा ऐसा आवश्यक नहीं है । वास्तव में, बहुत कम महिलाओं को इसका अनुभव होता है। यहाँ तक कि अगर आपकी झिल्ली फट भी जाती है, तो यह एक धीमी गति का रिसाव या थोड़ा सा बहाव होता है ।
गर्भावस्था के 40वें सप्ताह में शिशु का वज़न 2.7 किलोग्राम से 4 किलोग्राम के बीच बढ़ता है और लंबाई 19 इंच से 22 इंच बढ़ जाती है (हालांकि बहुत से बच्चे जो इससे छोटे या बड़े पैदा होते हैं, बड़े होकर स्वस्थ हो जाते हैं) इस समय शिशु का आकार तरबूज़ जैसा होता है।
सामान्य शारीरिक परिवर्तन
बढ़ते भ्रूण को समायोजित और पोषित करने के लिए गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर में भी परिवर्तन होता है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि प्रसव पीड़ा आरंभ होने के पूर्व ही आपका पानी भंग हो जायेगा ऐसा आवश्यक नहीं है । वास्तव में, बहुत कम महिलाओं को इसका अनुभव होता है। यहाँ तक कि अगर आपकी झिल्ली फट भी जाती है, तो यह एक धीमी गति का रिसाव या थोड़ा सा बहाव होता है ।
गर्भावस्था के 40वें सप्ताह में लक्षण
गर्भवती महिलाओं को निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव हो सकता है:
1. पैरों में ऐंठन
गर्भावस्था के 40वें हफ्ते में शिशु श्रोणि में आ जाएगा, जिससे श्रोणि में कष्ट बढ़ जाता है,यह 40वें सप्ताह में बहुत सामान्य बात है।
2. अनिद्रा
यदि आप रात को ठीक से सो नहीं पाती हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है क्योंकि चिंताओं के कारण आप रात को जाग सकती हैं। आप किताब पढ़ने या लेखलिखने जैसी किसी आरामदायक गतिविधि में स्वयं को व्यस्त रख सकती हैं । इस समय पर अधिक से अधिक आराम करने की भी सलाह दी जाती है।
3. थकान
चूंकि आप ठीक से सो नहीं पा रही हैं, आप स्वयं को अवश्य थका हुआ महसूस करेंगी। इसलिए, स्वयं को आराम देने में मदद करने के लिए कुछ शांत समय सुनिश्चित करें।
4. संकुचन
गलत संकुचन जो आप शायद अब तक अनुभव कर रही हैं (ब्रेक्सटन-हिक्स) वास्तव में अब वे गलत नहीं हैं । अपने संकुचनों के समय का हिसाब रखें और विश्लेषण करें कि उनमें वास्तव में कितना अंतर है। यदि दो संकुचन के बीच अंतराल बहुत कम है, तो वास्तव में यह आपके लिए प्रसव पीड़ा का प्रारंभिक चरण हो सकता है।
प्रसव पीड़ा के लक्षण क्या हैं?
ऐसा करने के कई तरीके हैं।
गलत संकुचन जो आप शायद अब तक अनुभव कर रही हैं (ब्रेक्सटन-हिक्स) वास्तव में अब वे गलत नहीं हैं । अपने संकुचनों के समय का हिसाब रखें और विश्लेषण करें कि उनमें वास्तव में कितना अंतर है। यदि दो संकुचन के बीच अंतराल बहुत कम है, तो वास्तव में यह आपके लिए प्रसव पीड़ा का प्रारंभिक चरण हो सकता है।
प्रसव पीड़ा के लक्षण क्या हैं?
- गर्भावस्था के 40वें सप्ताह में, प्रसव पीड़ा का कोई संकेत नहीं होता है। हालांकि, आप इन संकेतों के जल्द आगमन की अपेक्षा कर सकती हैं, इसमें शामिल है:
- बार-बार, तीव्र संकुचन: एक बार जब आपको संकुचन की अनुभूति होने लगती है और यह संकुचन आपको असहज कर देते हैं या नियमित अंतराल पर आने लगते हैं ऐसे में आपको डॉक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए।
- पानी का रिसाव: आप यह देखने के लिए जाँच करा सकती हैं कि क्या यह ऐमिनियॉटिक द्रव का रिसाव है। इसका मतलब यह होगा कि द्रव की थैली फट गई है। आप आसानी से ऐमिनियॉटिक द्रव और सामान्य स्राव के बीच अंतर कर सकती हैं। नियमित स्राव के विपरीत, ऐमिनियॉटिक द्रव का प्रवाह बंद नहीं होगा।
ऐसा करने के कई तरीके हैं।
झिल्ली को निकालना
डॉक्टर गर्भाशय ग्रीवा के अंदर अपनी दस्ताने वाली अँगुलियों को डालकर झिल्ली को हटा देंगे। यह प्रोस्टाग्लैंडीन का उत्पादन करने में मदद करता है जो गर्भाशय ग्रीवा को नर्म करने और प्रसव पीड़ा को प्रेरित करने में मदद करता है। इस समय, आप अत्यधिक ऐंठन और थोड़ा सा रक्तस्राव महसूस कर सकती हैं। यह प्रक्रिया थोड़ी असहज हो सकती है।
गर्भाशय ग्रीवा का पतला या परिपक्व होना
यदि गर्भाशय ग्रीवा प्रसव के लिए तैयार नहीं हैं, तो डॉक्टर कुछ दवाओं की मदद से प्रसव पीड़ा को प्रेरित कर सकता है। प्रोस्टाग्लैंडिंस नामक सिंथेटिक दवा प्रसव पीड़ा को प्रेरित करेगी और इसे खाया भी जा सकता है या योनि में डाला जा सकता है।
ऐमिनियॉटिक थैली का फटना
प्रसव शुरू करने के लिए ऐमिनियॉटिक थैली को फाड़ा जा सकता है, इसे एमनियोटॉमी कहा जाता है। यहाँ, डॉक्टर पतले प्लास्टिक के कांटे का उपयोग करके ऐमिनियॉटिक थैली को फाड़ देते है। यह केवल तब किया जाता है जब शिशु का सिर नीचे या आंशिक रूप से पतली गर्भाशय ग्रीवा की ओर चला गया हो। कुछ महिलाओं का प्रसव झिल्ली के टूटने के कुछ घंटों के भीतर हो सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि यह हर महिला के लिए भिन्न होता है।
यदि गर्भाशय ग्रीवा प्रसव के लिए तैयार नहीं हैं, तो डॉक्टर कुछ दवाओं की मदद से प्रसव पीड़ा को प्रेरित कर सकता है। प्रोस्टाग्लैंडिंस नामक सिंथेटिक दवा प्रसव पीड़ा को प्रेरित करेगी और इसे खाया भी जा सकता है या योनि में डाला जा सकता है।
ऐमिनियॉटिक थैली का फटना
प्रसव शुरू करने के लिए ऐमिनियॉटिक थैली को फाड़ा जा सकता है, इसे एमनियोटॉमी कहा जाता है। यहाँ, डॉक्टर पतले प्लास्टिक के कांटे का उपयोग करके ऐमिनियॉटिक थैली को फाड़ देते है। यह केवल तब किया जाता है जब शिशु का सिर नीचे या आंशिक रूप से पतली गर्भाशय ग्रीवा की ओर चला गया हो। कुछ महिलाओं का प्रसव झिल्ली के टूटने के कुछ घंटों के भीतर हो सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि यह हर महिला के लिए भिन्न होता है।
पिटोसिन
यह कृतिम हॉर्मोन हैं जो प्रसव पीड़ा को प्रेरित कर सकते हैं या संकुचन को मजबूत कर सकते हैं।
गर्भावस्था के 40वें सप्ताह में पेट
निर्धारित की हुई तारीख के दो सप्ताह बाद, यदि आप अभी भी गर्भवती हैं तो यह औपचारिक तौर पर समायोपरांत प्रसव का मामला है, 12% से 13% महिलाओं में समायोपरांत प्रसव भी होता है। अच्छी खबर यह है कि बच्चे को किसी भी समय आना पड़ सकता है और बुरी खबर यह है कि उसे दो सप्ताह और अधिक लग सकते हैं।
यह कृतिम हॉर्मोन हैं जो प्रसव पीड़ा को प्रेरित कर सकते हैं या संकुचन को मजबूत कर सकते हैं।
गर्भावस्था के 40वें सप्ताह में पेट
निर्धारित की हुई तारीख के दो सप्ताह बाद, यदि आप अभी भी गर्भवती हैं तो यह औपचारिक तौर पर समायोपरांत प्रसव का मामला है, 12% से 13% महिलाओं में समायोपरांत प्रसव भी होता है। अच्छी खबर यह है कि बच्चे को किसी भी समय आना पड़ सकता है और बुरी खबर यह है कि उसे दो सप्ताह और अधिक लग सकते हैं।
गर्भावस्था के 40वें सप्ताह का अल्ट्रासाउंड
40वें हफ्ते में शिशु के अल्ट्रासाउंड से डॉक्टरों को पता चल सकेगा कि बच्चे के फेफड़े कितने विकसित हुए हैं। बच्चे की हलचल की देख-रेख के लिए एक दबाव रहित परीक्षण किया जाएगा और देखा जाएगा कि संकुचन के दौरान उसकी हृदय गति कैसी रहती है। यदि परीक्षण के परिणामों से यह संकेत मिलता है कि शिशु गर्भाशय के भीतर की तुलना में बाहर ठीक रहेगा, तो प्रसव को प्रेरित किया जा सकता है।
क्या खाना चाहिए?
क्या करें?
निप्पल को उत्तेजित करना: निप्पल उत्तेजना हॉर्मोन ऑक्सिटॉसिन को स्रावित करती है जो गर्भाशय के संकुचन का कारण बनता है। लेकिन यह केवल तभी किया जाना चाहिए जब डॉक्टर इसकी अनुमति दे।
टहलना: टहलने से शिशु जन्म नाली के और नीचे उतरता है और जो यह प्रसव पीड़ा को प्रेरित करने में मदद करता है। यह महिलाओं को संकुचन के समय होने वाली असुविधा में भी कमी लाता है।
मसालेदार भोजन: यह साबित नहीं हुआ है कि मसालेदार भोजन प्रसव पीड़ा को प्रेरित करता है, लेकिन आप ऐसा भोजन ले सकते हैं जिसमें बहुत सारा लहसुन और जीरा होता है जो प्रसव पीड़ा को प्रेरित करता है।
संभोग: यह प्रसव पीड़ा को प्रेरित करने में मदद करता है और साथ ही आपको और आपके साथी को एक दूसरे के क़रीब महसूस कराता हैं।
40वें हफ्ते में शिशु के अल्ट्रासाउंड से डॉक्टरों को पता चल सकेगा कि बच्चे के फेफड़े कितने विकसित हुए हैं। बच्चे की हलचल की देख-रेख के लिए एक दबाव रहित परीक्षण किया जाएगा और देखा जाएगा कि संकुचन के दौरान उसकी हृदय गति कैसी रहती है। यदि परीक्षण के परिणामों से यह संकेत मिलता है कि शिशु गर्भाशय के भीतर की तुलना में बाहर ठीक रहेगा, तो प्रसव को प्रेरित किया जा सकता है।
क्या खाना चाहिए?
- नीचे गर्भावस्था के 40वें सप्ताह के लिए खाद्य सामग्री की सूची दी गई है, जिनका इस अवधि में एक नई माँ को सेवन करना अनिवार्य।
- टोस्ट: इसे नर्म रखने की ज़रूरत है लेकिन इसे पर्याप्त मात्रा में लेना चाहिए ताकि पाचन तंत्र में बिना तनाव के पूरी ऊर्जा पहुँचे ।
- पास्ता: नर्म पास्ता को सेवन करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह प्रसव के दौरान होने वाली कठोर थकान के लिए कार्बोहाइड्रेट्स की भरपूर मात्रा प्रदान करता है।
- सेब का सॉस: इनका सेवन करना आसान है और यह ऊर्जा प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं।
- शर्बत: यह आपको जलयुक्त रखने में मदद करता है और थोड़ी-थोड़ी ऊर्जा प्रदान करता है, फलों के जूस या शर्बत विटामिन भी प्रदान करते हैं ।
सुझाव और देखभाल
नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं जिनका पालन करके एक माँ खुद को आराम से रख सकती है।
क्या करें?
निप्पल को उत्तेजित करना: निप्पल उत्तेजना हॉर्मोन ऑक्सिटॉसिन को स्रावित करती है जो गर्भाशय के संकुचन का कारण बनता है। लेकिन यह केवल तभी किया जाना चाहिए जब डॉक्टर इसकी अनुमति दे।
टहलना: टहलने से शिशु जन्म नाली के और नीचे उतरता है और जो यह प्रसव पीड़ा को प्रेरित करने में मदद करता है। यह महिलाओं को संकुचन के समय होने वाली असुविधा में भी कमी लाता है।
मसालेदार भोजन: यह साबित नहीं हुआ है कि मसालेदार भोजन प्रसव पीड़ा को प्रेरित करता है, लेकिन आप ऐसा भोजन ले सकते हैं जिसमें बहुत सारा लहसुन और जीरा होता है जो प्रसव पीड़ा को प्रेरित करता है।
संभोग: यह प्रसव पीड़ा को प्रेरित करने में मदद करता है और साथ ही आपको और आपके साथी को एक दूसरे के क़रीब महसूस कराता हैं।
क्या न करें?
- धूम्रपान: अगर आप धूम्रपान नहीं भी करते हैं, तब भी धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के संपर्क में आने से अजन्मे शिशु को सांस की बीमारी हो सकती है।
- कैफीन: अनिद्रा को बढ़ाने के अलावा, कॉफी को शिशु में मधुमेह की संभावना को बढ़ाने के लिए जाना जाता है।
- आपके लिए आवश्यक खरीददारी
डाइपर
हैंड सैनिटाइज़र, जिसमें अल्कोहल न हो
पालने के गद्दे रक्षक पैड के साथ जो जलरोधक और बहुत नर्म होते हैं
निपल शील्ड
पैसिफ़ायर और बोतल के वाइप्स
स्तन के लिए मरहम
निष्कर्ष
शिशु के अब किसी भी समय बाहर आने के लिए तैयार होने के साथ उन सभी संकेतों का ध्यान रखें जो प्रसव के आरंभ होने का संकेत देते हैं। इसके अलावा, पर्याप्त व्यवस्था करें ताकि समय आने पर आप बिना किसी परेशानी के अस्पताल पहुँच सकें।

