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पलाश के फायदे और नुकसान

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पलाश मूल रूप से भारतीय पेड़ है और यह पूरे देश में पाया जाता है। पलाश के फूल लाल रंग के होते हैं और इनके खिलने के मौसम में पूरा पेड़ लगभग लाल दीखता है जिसके कारण इसे 'जंगल की आग' के रूप में भी जाना जाता है। यह औषधीय गुणों से भरपूर पेड़ है और इसके सभी हिस्सों का उपयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों और विकारों के इलाज के लिए किया जाता है।

पलाश आयुर्वेद में टॉनिक और एंथेलमिंटिक (आँतों के कीड़ों को मारने वाली दवा) के रूप में भी उपयोग किया जाता है। आयुर्वेदिक ग्रंथ में आचार्य चरक और सुश्रुत ने पलाश के बीज और छाल के औषधीय गुणों के बारे में बताया है। पलाश में सूजन को कम करने वाले, सूक्ष्म-कीटाणु नाशक, एंथेलमिंटिक, एंटी-डाइबेटिक, मूत्रवर्धक, दर्दनाशक और ट्यूमर-रोधी गुण होते हैं। इसकी पत्तियां एस्ट्रिजेंट, मूत्रवर्धक और एंटी ओव्यूलेटरी गुणों से भरपूर होती हैं। इसके फूल टॉनिक और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। और इसकी जड़ें रतौंधी (Night Blindness) के इलाज में उपयोगी हैं।

पलाश के फायदे -

पलाश की छाल में बीटा-साइटोस्टेरॉल, ल्यूकोएंथोसायानिडिन, ऐमिरिन, बीटूलिनिक एसिड, स्टिग्मा स्टेरॉल और पेलेसोनिन पाए जाते हैं।

पलाश के फूल में सात फ्लेवोनॉयड ग्लुकोसाइड, बट्रिन, आईसोबट्रिन, तीन ग्लूकोसाइड (कोरियोप्सिन, आईसोकोरियोप्सिन और सल्फ्यूरिन), मोनोस्पेर्मोसाइड और आइसोमोनोस्पेर्मोसाइड पाए जाते हैं।

पलाश के पत्तों में ग्लुकोसाइड होते हैं। बीज में प्रोटियोलिटिक और लिपोलिटिक एंजाइम, पैलासोनिन, मोनोस्पेर्मोसाइड और आइसोमोनोस्पेर्मोसाइड होते हैं।

आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में पलाश के विभिन्न हिस्सों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बीज में पेट की सफाई करने, मूत्रवर्धन और आंत के कीड़े मारने के गुण होते हैं। फूल और पत्ते मूत्रवर्द्धक, कामोत्तेजक (Aphrodisiac), ऐस्ट्रिंजेंट और श्रोणि क्षेत्र में रक्त प्रवाहवर्द्धक के तौर पर काम आते हैं। पलाश के फूल का अर्क दस्त में उपयोगी होता है।

पलाश करे सूजन कम - 
पलाश या ढाक के फूलों का उपयोग शरीर में जलन, सूजन और मोच दूर करने के लिए किया जाता है। नीचे इसके बारे में बताया जा रहा है - (और पढ़ें - मोच के घरेलू उपाय)

सामग्री -
  •     पलाश के फूल 
  •     पानी
पलाश के फूलों का इस्तेमाल सूजन को कम करने के लिए कैसे करें -

  • पलाश के फूल लें और भाप में।
  • फूलों को भाप में पकाने के लिए एक बर्तन में पानी भर लें। और जब पानी उबलना शुरू हो जाए तो उस पर कोई जाल रखें।
  • अब उस पर फूलों को रखें।
  • अब सूजन वाली जगह पर इन फूलों को रखें।
ये उपाय कितनी बार करें -
  •     इसे दिन में दो बार अवश्य करें।

पलाश खून साफ करने में उपयोगी - 

शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxin) को निकालने के लिए पलाश के फूलों को उपयोग किया जा सकता है। पलाश के फूल खून साफ करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप सूखे या ताजे फूलों का उपयोग कर सकते हैं। नीचे इसके बारे में बताया जा रहा है - (और पढ़ें - बॉडी को डिटॉक्स कैसे करें)

सामग्री -
  •     पलाश के फूल 
पलाश के फूलों का इस्तेमाल विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए कैसे करें -
  •     पलाश के ताजे फूल लें।
  •     फूलों को अच्छे से सुखाएं।
  •     अब सूखे फूलों को बारीक पीस लें।
  •     अब आप इस तैयार पाउडर का उपयोग कर सकते हैं।
ये उपाय कितनी बार करें -
  •     1 -2 ग्राम मात्रा में, दिन में एक बार जरूर इस पाउडर का सेवन करें।

पलाश करे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन दूर -

इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को दूर करने और यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए, पलाश के फूल और जड़ का उपयोग किया जाता है। नीचे इसके बारे में बताया जा रहा है -

सामग्री -
  •     पलाश के फूल
  •     पलाश की जड़
  •     मिश्री
  •     दूध 
पलाश के फूलों का इस्तेमाल यौन शक्ति को बढ़ाने और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या दूर करने के लिए कैसे करें -
  • पलाश के सूखे फूल लें और इनका चूर्ण बनाएं।
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को दूर करने के लिए दिन में दो बार मिश्री और दूध के साथ सेवन करें।
  • इसके अलावा इसकी जड़ के अर्क की 5-6 बूंदों का सेवन करें।  फूलों को अच्छे से सूखाएं।
  • अब सूखे फूलों को अच्छे से बारीक पीस लें।
  •  यह वीर्य का अनैच्छिक प्रवाह रोकता है और यौन शक्ति भी बढ़ाता है।

पलाश है आँखों की समस्याएं दूर करने में उपयोगी - 

पलाश का उपयोग आंखों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। यह मोतियाबिंद और रतौंधी जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में लाभकारी होता है।  इसकी जानकारी नीचे दी जा रही है - 

सामग्री -
  •     पलाश की जड़ का अर्क
लाश का इस्तेमाल आंखों की समस्याओं को दूर करने के लिए कैसे करें -
  •     पलाश की जड़ का अर्क नियमित रूप से आँखों में डालें।
  •     यह उपाय आंखों की हर प्रकार की समस्या को ठीक करने में मदद कर सकता है।

पलाश का फूल है नकसीर में उपयोगी - 

पलाश का उपयोग नकसीर (नाक से खून बहना) में भी किया जा सकता है। नाक से खून निकलने के दौरान इसका उपयोग बहुत ही लाभकारी माना गया है। नीचे इसके बारे में बताया जा रहा है 

सामग्री -
  •     5-7 पलाश के फूल
  •     पानी
  •     चीनी
पलाश के फूलों का इस्तेमाल नकसीर की समस्या दूर करने के लिए कैसे करें -
  •     पलाश के पत्ते लें।
  •     फूलों को पानी में पूरी रात भिगो कर रखें।
  •     अगली सुबह इस घोल को छान लें और स्वाद के अनुसार चीनी मिला लें।
  •     रोगी को इसका सेवन कराएं।
  •     इस उपाय से नाक से खून बहना रूक जाता है।
पलाश है पाचन सम्बन्धी समस्याओं में उपयोगी - 
पलाश पेट की सूजन और पेट फूलने की समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। इसका उपयोग निम्न प्रकार से करें -

सामग्री -
  •     पलाश की छाल
  •     पानी
  •     अदरक का पाउडर
पलाश का इस्तेमाल पेट की सूजन दूर करने के लिए कैसे करें -
  • पलाश की छाल और सूखे अदरक को पानी में अच्छे से उबाल लें।
  • जब इसका काढ़ा तैयार हो तो इससे छान लें। 
  • आप इस काढ़े का उपयोग पेट की सूजन (जो अक्सर अपच के कारण होती है) को कम करने के लिए बहुत ही उपयोगी होता है।
पलाश का सेवन दिलाए पाइल्स से राहत -
पलाश का पौधा बवासीर (पाइल्स) के इलाज में भी उपयोगी है। इसके लिए,
  •     पलाश के पौधे की 10-20 ग्राम राख लें और इसे गर्म घी के साथ मिलाकर रोगी को दें।
  •     यह खूनी पाइल्स में लाभकारी होता है।
  •     इसके अलावा आप पलाश की ताजा पत्तियां लें और इन पत्तियों पर घी लगा लें।
  •     अब इन पत्तियों को रोगी को दही के साथ दें।
पलाश के बीज है दस्त में फायदेमंद - 
  • पलाश के बीज दस्त में लाभकारी हैं।
  • 625 मिलीग्राम से लेकर 2 ग्राम तक गोंद लें और इसमें थोड़ी से मात्रा में दालचीनी और बहुत कम मात्रा में खसखस मिला लें।
  • यह मिश्रण को रोगी को दें।
  • यह दस्त के लिए एक तत्काल इलाज के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
  • इसके अलावा आप एक दिन में तीन बार भोजन के बाद, एक चम्मच बकरी के दूध के साथ एक चम्मच पलाश के बीज के काढ़े का सेवन करें।
  • यह उपाय दस्त में फायदेमंद होता है।
  • इस उपचार के दौरान, केवल बकरी का दूध और चावल का ही सेवन करना चाहिए।
पलाश के फूल रखें त्वचा को स्वस्थ - 
पलाश आपकी त्वचा तो स्वस्थ रख सकता है। इसके लिए,

    पलाश के पूरे पौधे को छाया में सुखाएं और पीस लें। अब एक चम्मच चूर्ण घी और शहद में मिला लें।
  •     इस मिश्रण का दिन में दो बार सेवन करें।
  •     यह उपाय किसी भी व्यक्ति को बीमारी और विकार से मुक्त और स्वस्थ बना सकता है।
  •     इसके अलावा यह एंटी एजिंग के लिए भी बहुत ही अच्छा उपाय है।
  •     इसके अलावा आप नींबू के रस को पलाश के बीज के साथ पीसकर प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते हैं।
  •     यह एक्जिमा और खुजली का इलाज करने के लिए बहुत ही लाभकारी उपाय होता है।
पलाश के फूल है गर्भावस्था में उपयोगी - 
  • गाय के दूध में इसकी मुलायम और ताजा पत्तियों को अच्छे से पीस लें।
  • इस मिश्रण को गर्भवती महिला को 2 चम्मच पेस्ट गाय के दूध के साथ खिलाएँ।
  • यह एक स्वस्थ बच्चे के जन्म में बहुत मदद करता है।
पलास के नुकसान-
  • पलाश बीजो में गर्भ निरोधक गुण होते हे। जिसके कारण यह गर्भधारण करने में बाधा पैदा कर सकता है।
  • पलाश के बीजो का प्रयोग पारंपरिक तौर पर गर्भ निरोधक के तौर पर कियर जाता है।
  • इसके सेवन से कुछ लोगो को एलर्जी हो सकती है। 


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