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साल के फायदे लाभ गुण और नुकसान

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साल या शोरिया रोबस्टा का पेड़ भारत, म्यांमार और नेपाल में पाया जाने वाला विशाल पर्णपाती पेड़ होता है। यह औषधीय पेड़ है और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में हजारों साल से इसके विभिन्न हिस्सों का उपयोग पित्त, ल्‍यूकोरिया, गोनोरिया, त्वचा विकार, अल्सर, घाव, दस्त और कमजोरी आदि बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता है।

साल के पेड़ के फायदे -

इस पेड़ से प्राप्त राल को साल डामर, बंगाल डामर, लालधूना राल, राल या धूम कहते हैं। इसमें वातनाशक, भूख बढ़ाने वाले और एस्ट्रिन्जेंट गुण पाए जाते हैं। इससे त्वचा विकारों, नसों में दर्द, जलने के घाव, बुखार, प्लीहा (Spleen), दस्त आदि में उपयोगी होता है। यह गोनोरिया और कमजोर पाचन के लिए भी लाभकारी होता है। इसके अलावा अल्सर, घावों और रजोनिवृत्ति के विकारों में भी यह लेने की सलाह दी जाती है।

तो आइये जानते हैं इसके लाभ के बारे में -

साल करे घावों को जल्दी भरने में मदद -

साल के पेड़ की गोंद पीड़ादायक सूजन के इलाज में बहुत उपयोगी होती है। इसमें राला नामक तत्व होता है जो इसे प्रभावी एस्ट्रिंजेंट और रोगाणुरोधी बनाता है। यह घाव को जल्दी भरने में मदद करता है।

साल है बेहतरीन दर्दनाशक - 

हड्डी का टूटना (फ्रैक्चर) बेहद पीड़ादायक होता है। फ्रैक्चर ठीक होने में काफी समय लगता है और इस दौरान काफी देखभाल की जरुरत होती है। साल के पेड़ में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण तत्व, भग्नासंधानकृत (Bhagnasandhanakrut) फ्रैक्चर को ठीक करने में काफी उपयोगी होता है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में इसका उपयोग किया जाता है। यह बगैर किसी दुष्प्रभाव के हड्डियां जल्दी जुड़ने और घाव भरने में मदद करता है। 

साल का उपयोग करे त्वचा के धब्बे-निशान दूर - 

साल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा के दाग-धब्बों से छुटकारा पाने में मदद करते हैं। कई बार हमें चोट लग जाती है या कटने का गहरा निशान रह जाता है। जिसके कारण त्वचा पर निशान रह जाते हैं। ऐसे में प्रभावित जगह पर साल से बनी औषधि के उपयोग से निशान हलके पड़ जायेंगे और कुछ दिनों में खत्म हो जायेंगे।

साल के पेड़ का उपयोग करे प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत - 

हम सभी बिना सोचे समझे सड़क के किनारे मिलने वाली खाने की चीजों का आनंद लेते हैं। क्या आप जानते हैं कि यह हमारे लिए हानिकारक है? लेकिन साल में बहुत से गुण हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर हमें इससे होने वाली हानि से बचा सकते हैं। साल का आंतरिक रूप से उपयोग करने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है।

साल का सेवन है दस्त में उपयोगी - 

आयुर्वेद में लगभग हर बीमारी का उपचार उपलब्ध है। इस चिकित्सा पद्धति में साल को बहुत महत्त्व दिया गया है जिससे बहुत सी बीमारियों का इलाज संभव है। साल के पेड़ में एक महत्वपूर्ण तत्व होता है- ग्राही। इसमें अवशोषण के गुण होते हैं जिससे यह दस्त का शर्तिया इलाज बन जाता है। 

साल के पेड़ के फायदे करे कान का संक्रमण ठीक -
कान में संक्रमण और इससे जुड़ी अन्य परेशानियां बहुत पीड़ादायक होती हैं। कुछ मामलों में, कान में संक्रमण के कारण सुनने की शक्ति भी चली जाती है। आयुर्वेद के अनुसार साल के पेड़ में "कर्णरोगहर" नामक तत्व होता है जो कान के संक्रमण और कान की कई अन्य प्रकार की परेशानियों का इलाज कर सकता है।

साल के लाभ करे शरीर की बदबू दूर - 
शरीर में से अत्यधिक पसीना आने से शरीर से बदबू आने लगती है। इससे व्यक्ति का स्वाभिमान कम होने लगता है जिसके कारण कई मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी होने लगती है। लेकिन आयुर्वेद में इस समस्या इलाज है जो साल के जरिये होता है। साल के पेड़ में "स्वेदहर" नामक तत्व पाया जाता है। यह पसीना कम करने और शरीर की बदबू दूर करने का बेहतरीन जरिया है।

साल के गुण करे खुजली दूर - 
साल के पेड़ में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो खुजली ठीक करने में मदद कर सकते हैं। खुजली के कारण बहुत परेशानी हो सकती है और इससे दाने भी हो सकते हैं। खुजली के उपचार से लिए आयुर्वेदिक उपचार के रूप में साल बेहद उपयोगी हो सकता है।

साल के नुकसान -
वैसे तो साल के पेड़ के विभिन्न हिस्सों के चिकित्सकीय उपयोग के कोई स्पष्ट दुष्प्रभाव सामने नहीं आये हैं। दरअसल यह बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए दिया जाता है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी दिया जाता है ताकि दूध ज्यादा बने। हालांकि इसका उपयोग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लें विशेष तौर पर यदि आप गर्भवती हों या आप स्तनपान करा रही हों।

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