सब्जी की टोकरी में सामान्य-सा दिखाई देने वाला टमाटर, कई असामान्य गुणों से भरपूर होता है। यह न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसके अंदर पाए जाने वाले विटामिन-ए और विटामिन-सी जैसे कई गुणकारी तत्व स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होते हैं।
टमाटर के फायदे –
टमाटर में लाइकोपीन नामक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। टमाटर जूस के फायदे की बात करें, तो इसमें विटामिन-सी, पोटैशियम, फोलेट और विटामिन-के भी पाया जाता है । इन तमाम गुणों के कारण ही टमाटर ह्रदय रोग और कैंसर जैसे जोखिम को कम कर सकता है। साथ ही कई अन्य स्वास्थ्य लाभों में भी कारगर है।
सेहत के लिए टमाटर के फायदे –
1. दांतों और हड्डियों के लिए टमाटर
हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन-के जरूरी है ऐसे में टमाटर के औषधीय गुण में पाए जाने वाली विटामिन-के की मात्रा हड्डियों के लिए फायदेमंद हो सकती है। साथ ही टमाटर में कैल्शियम भी पाया जाता है जो हड्डियों के साथ-साथ दांतों की मजबूती और उनमें चमक के लिए भी सहायक हो सकता है।
2. आंखों के रोग में लाभदायक
टमाटर के अंदर पाया जाने वाला विटामिन-सी आंखों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। टमाटर खाने से आंखों की बीमारियों से बचा जा सकता है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल से भरपूर टमाटर का सेवन करना चाहिए। इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण हमारी कोशिकाओं और टिशू को स्वस्थ रखने में मदद करता है ।
3. वजन कम करने में सहायक
टमाटर के औषधीय गुण के रूप में पाया जाने वाला फाइबर आंतों के स्वास्थ के लिए फायदेमंद है। साथ ही टमाटर में मौजूद फाइबर शरीर को ऊर्जा देता है और वजन कम करने में सहायक हो सकता है। वजन घटाने और आंतों के जोखिम को कम करने के लिए फाइबर की खुराक उपयोगी है।
4. मधुमेह के लिए टमाटर जूस के फायदे
टमाटर का जूस लाइकोपीन, β-कैरोटीन, पोटैशियम, विटामिन-सी, फ्लेवोनोइड, फोलेट और विटामिन-ई का समृद्ध स्रोत है। यही कारण है कि टमाटर टाइप 2 मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ ही यह टाइप 2 मधुमेह से संबंधित ह्रदय के जोखिम को कम करने में भी लाभकारी हो सकता है ।
5. कैंसर
टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन एक लाल कैरोटीनॉयड है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीकैंसर गुण होते हैं। जैसा कि आप जान ही चुके हैं कि टमाटर में लाइकोपीन पाया जाता है, जो प्रोस्टेट कैंसर के खिलाफ एंटी-प्रोलिफेरेटिव और प्रो-एपोप्टोटिक के रूप में काम करता है । एंटी-प्रोलिफेरेटिव गुण के कारण ही टमाटर ट्यूमर सेल पर प्रभावी रूप से काम करता है।
6. ब्लड प्रेशर
टमाटर के अर्क में लाइकोपीन, बीटा कैरोटीन और विटामिन-ई जैसे कई कैरोटीनॉयड होते हैं। ये प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं और शरीर से फ्री रेडिकल्स को साफ करते हैं। टमाटर के अंदर पाए जाने वाले ये सभी पोषक तत्व उच्च रक्तचाप के उपचार में मददगार साबित होते हैं। उच्च रक्तचाप का उपचार करने से ह्रदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
7. एंटी-इंफ्लेमेटरी
जैसा कि आप जान ही चुके हैं कि टमाटर एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है। इसमें लाइकोपीन और विटामिन-सी जैसे गुण शामिल हैं। वैज्ञानिक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है कि ये सभी गुण मिलकर एंटीइंफ्लेमेटरी की तरह काम करते हैं, जिससे शरीर में आई किसी भी प्रकार की सूजन से राहत मिल सकती है ।
8. गर्भावस्था में उपयोगी
फोलेट को बी-समूह विटामिन माना गया है, जो टमाटर के गुण में से एक है। फोलिक एसिड गर्भ में पल रहे भ्रूण को न्यूरल ट्यूब दोष से बचाने में मदद करता है। यह रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क का रोग होता है। इसलिए, टमाटर खाने के फायदे गर्भवती महिला के लिए भी हैं ।
9. दर्द निवारक
टमाटर में एनाटाबिन पाया जाता है, जो एंटीइंफ्लेमेटरी यानी दर्द निवारक के रूप में काम करता है । वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि एनाटाबिन मांसपेशियों में होने वाले दर्द के साथ-साथ जोड़ों में होने वाले दर्द के लिए भी उपयोगी है ।
10. ह्रदय की गति को नियंत्रित करता है
वैज्ञानिक अध्ययन में पुष्टि की गई है कि टमाटर में कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण होता है। साथ ही यह लाइकोपीन, बीटा-कैरोटीन, फोलेट, पोटैशियम, विटामिन-सी, फ्लेवोनोइड और विटामिन-ई का समृद्ध स्रोत है। इन तमाम खूबियों के कारण ही टमाटर कोलेस्ट्रॉल व रक्तचाप की रोकथाम में सहायक होता है। अगर कोलेस्ट्रॉल व रक्तचाप नियंत्रित रहेगा, तो ह्रदय संबंधी रोग होने के जोखिम कम हो जाते हैं ।
11. प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है
टमाटर के बीज एंटीऑक्सीडेंट, लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन के उत्कृष्ट स्रोत हैं। ये प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करने में सक्षम हैं। साथ ही ये जुकाम व इन्फ्लूएंजा से बचने में भी मदद कर सकते हैं । इस प्रकार टमाटर के गुण में बेहतर प्रतिरोधक क्षमता को भी शामिल किया जा सकता है।
12. रक्त के थक्के बनने से रोके
टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन शरीर में सूजन और कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है। साथ ही प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार कर सकता है। इसके अलावा, यह शरीर में रक्त के थक्के बनने से रोक सकता है। वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि टमाटर प्लेटलेट्स को चिकना करता है। इससे रक्त के थक्के बनने से होने वाली समस्या और रक्त के प्रवाह में आने वाली कठिनाई दूर हो सकती है ।
13. मांसपेशियों का निर्माण करे
टमाटरक में पोटैशियम व सोडियम पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का काम करते हैं । ये शरीर में द्रव और रक्त की मात्रा को बनाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही पोटैशियम का सेवन संतुलित मात्रा में करने से मांसपेशियों भी मजबूत होती है और उनका निर्माण भी आसानी से होता है।
त्वचा के लिए टमाटर के फायदे –
टमाटर न केवल सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि इसका उपयोग त्वचा के लिए भी लाभदायक है।
1. ग्लोइंग और स्मूद स्किन
टमाटर में पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन और लाइकोपीन त्वचा को नुकसान से बचाने में मदद करता है साथ ही त्वचा को ग्लोइंग और स्मूद भी करने में मदद करता है।
कैसे करें उपयोग : टमाटर के रस में शहद मिला कर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद इसे धो लें।
कब कर सकते हैं उपयोग : इसे हफ्ते में दो दिन उपयोग किया जा सकता है।
2. एंटी-एजिंग
टमाटर एंटी-एजिंग सुपरफूड भी है, जो त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में कारगर है। टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है, जो त्वचा से संबंधित बीमारियों को दूर करता है ।
कैसे करें उपयोग : एक टमाटर को मैश करें और इसके गूदे को एक चम्मच शहद के साथ मिलाएं। अच्छी तरह मिल जाने के बाद त्वचा पर आराम-आराम से मालिश करें। इसके 10 मिनट बाद चेहरे को धो लें।
कब कर सकते हैं उपयोग : इसे आप हफ्ते में तीन बार उपयोग कर सकते हैं।
3. ओपन पोर्स का इलाज करें
ओपन पोर्स छोटे-छोटे रोम छिद्र होते हैं। जब ये रोम छिद्र ज्यादा खुल जाते हैं, तो इनमें धूल-मिट्टी जमा होने लगती है। इस कारण से कील-मुंहासों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में टमाटर का रस इन रोम छिद्रों को साफ कर उनके आकार को कम करता है। साथ ही चेहरे की त्वचा को टोन कर सकता है।
कैसे करें उपयोग : टमाटर को आधा काट लें और चेहरे पर आराम-आराम से मलें। त्वचा रस को अच्छी तरह से सोख लेगी। चेहरे पर मलने के बाद इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें और बाद में अपना चेहरा धो लें।
कब कर सकते हैं उपयोग : इस आप हफ्ते में किसी भी एक दिन उपयोग कर सकते हैं।
4. सनबर्न का इलाज
टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक परा बैंगनी किरणों से बचाने में मदद कर सकता है। इसका मतलब है कि टमाटर के प्रयोग से सनबर्न जैसी समस्या का सामना किया जा सकता है ।
कैसे करें उपयोग : जमे हुए टमाटर को मैश करें और इस गूदे को सनबर्न की जगह पर कुछ देर के लिए लगा कर छोड़ दें।
कब कर सकते हैं उपयोग : कभी भी इसका उपयोग कर सकते हैं।
5. बेहतरीन एस्ट्रिंजेंट
अगर त्वचा पर पिंपल्स के कारण बड़े छिद्र हो गए हैं, तो हम आपको बता दें इन छिद्रों को छोटा करने वाला घटक एस्ट्रिंजेंट नाम का केमिकल होता है। ये एस्ट्रिंजेंट टमाटर में पाया जाता है । टमाटर से आपकी त्वचा को साफ करने से त्वचा के छिद्रों के आकार को कम करके उन्हें छोटा करने में मदद मिलती है।
कैसे करें उपयोग : नींबू के रस की 3-4 बूंदों के साथ टमाटर का रस मिलाएं। इसमें कॉटन काे डुबोकर आराम-आराम से अपने चेहरे पर लगाएं।
कब कर सकते हैं उपयोग : हफ्ते में एक बार इसका उपयोग कर सकते हैं।
6. ब्लीचिंग के लिए
अपनी त्वचा की टोन लाइटनिंग करने के लिए रोजाना टमाटर का मास्क लगाएं। टमाटर में प्राकृतिक ब्लीचिंग और व्हाइटनिंग गुण होते हैं, जो त्वचा को ग्लो कर सकते हैं। टमाटर विटामिन-सी से भरपूर होता है और इसमें एस्ट्रिंजेंट गुण होते हैं, जो त्वचा के प्राकृतिक रंग को साफ करते हैं।
कैसे करें उपयोग : आधे टमाटर को मैश करके उसमें आधा चम्मच नींबू का रस अच्छी तरह मिलाएं। इस पेस्ट को कॉटन की मदद से आराम-आराम से 10-15 मिनट तक चेहर पर ब्लीच करें।
कब कर सकते हैं उपयोग : हफ्ते में एक दिन इसका उपयोग कर सकते हैं।
7. डेड स्किन सेल्स से मुक्ति
टमाटर में मौजूद फाइटोकेमिकल्स त्वचा में मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कैसे करें उपयोग : टमाटर को बीजों के साथ मिक्सी में पीस लें और इसमें 1 चम्मच चीनी मिलाएं। इसे चेहरे पर हल्के-हल्के हाथों से 10 मिनट तक मालिश करें।
कब कर सकते हैं उपयोग : हफ्ते में तीन बार इसका उपयोग कर सकते हैं।
टमाटर त्वचा और सेहत के साथ-साथ बालों के लिए भी फायदेमंद है। आइए जानते हैं इस बारे में।
बालों के लिए टमाटर के फायदे –
अगर आपके बाल रूखे और बेजान हैं, तो आप टमाटर के उपयोग से इन्हें फिर से खूबसूरत बना सकते हैं। जानते हैं कि टमाटर के औषधीय गुण का उपयोग बालों के लिए कैसे कर सकते हैं।
1. टूटते बालों की रोकथाम करे
क्या करें?
- बस एक टमाटर का रस लें और अपने बालों में लगाएं।
- इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें
- और फिर अपने बालों को धो लें।
कब कर सकते हैं?
इस क्रिया को सप्ताह में 3 बार दोहराएं।
कैसे काम करता है?
टमाटर को फ्लेवोनॉयड्स का समृद्ध स्रोत माना जाता है, जो बालों के झड़ने को रोकने के लिए उत्कृष्ट माना जाता है । ऐसा माना जाता है कि स्कैल्प पर टमाटर का रस लगाने से बालों का झड़ना रोका जा सकता है।
2. रूखे बालों के लिए
क्या करें?
- टमाटर की प्यूरी को तेल में मिलाकर बालों पर लगाएं।
- इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें ।
- इसके बाद इसे धो लें।
कब कर सकते हैं?
- इस क्रिया को सप्ताह में एक बार कर सकते हैं।
कैसे करता है काम?
टमाटर में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है। इससे बाल चिकने, चमकदार और लचीले बन सकते हैं। सर्दियों के दौरान अक्सर बालों में नमी कम हो जाती है, जिससे बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं। इस कारण बाल जड़ों से कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। ऐसे में टमाटर सूखे बालों में नमी को लॉक करने में मदद करते हैं।
3. डैंड्रफ और खुजली का इलाज करे
क्या करें?
- 2-3 पके टमाटर लें और उनमें से गूदा निकाल लें।
- गूदे में 2 चम्मच नींबू का रस मिलाएं और पेस्ट बना लें।
- इस पेस्ट को आराम-आराम से बालों की जड़ों पर लगाएं।
- फिर इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
- इसके बाद बालों को पानी से धाे लें और सूखने दें।
कब कर सकते हैं?
- इस घरेलू उपचार को महीने में दो बार किया जा सकता है।
कैसे करता है काम?
खुजली और रूसी के इलाज के लिए टमाटर बहुत उपयोगी है। टमाटर में जिंक होता है , जो रूसी से लड़ता है। साथ ही बालों के विकास के लिए कोलेजन प्रदान करता है ।
4. हेयर कंडीशनर के रूप में
क्या करें?
- इसके लिए आपको टमाटर के तेल की आवश्यकता होगी।
- अपने हाथ में टमाटर के तेल की कुछ बूंदें लें।
- इसे आराम-आराम से बालों पर लगाएं।
कब कर सकते हैं?
- इस विधि को हफ्ते में एक दिन कर सकते हैं।
कैसे करता है काम?
टमाटर का इस्तेमाल प्राकृतिक कंडीशनर के रूप में किया जा सकता है। यह बालों को प्राकृतिक चमक प्रदान करने और इसे मुलायम बनाने में कारगर हैं।
टमाटर का उपयोग –
1. टमाटर का सूप
सामग्री :
- 400 ग्राम टमाटर
- 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1 कप फैट फ्री दूध
- 1 चम्मच लहसुन पाउडर
- आधा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च
- 2 बड़े चम्मच ताजा तुलसी
- 1 स्लाइस टोस्ट
क्या करें?
- टमाटर और लाल मिर्च को ब्लेंडर में अच्छी तरह पीस लें।
- एक मध्यम पैन में टमाटर का मिश्रण डालें और मध्यम आंच पर 10 मिनट तक उबालें।
- अब दूध, लहसुन पाउडर व काली मिर्च डालें और 5 मिनट तक उबाल लें।
- अब इसमें तुलसी डालें और सर्व करें।
2. तरबूज और टमाटर की सलाद
सामग्री :
- 2 बड़े टमाटर
- 2 बड़े चम्मच सेब कासिरका
- 1 बड़ा चम्मच जैतून का तेल
- 1 बड़ा चम्मच ताजा तुलसी
- बिना बीज के 4 कप तरबूज
- आधा चम्मच नमक
- आधा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च
क्या करें?
- टमाटर को बड़े-बड़े टुकड़ों में काटकर प्लेट में रख दें।
- फिर एक कटोरी में सेब का सिरका, तेल और तुलसी को अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट बना लें।
- सबको मिलाने के बाद इसमें तरबूज डालें और तब तक अच्छे से मिलाएं, जब तक कि पेस्ट तरबूज के ऊपर कोट न हो जाए।
- इसके बाद टमाटर के ऊपर कोट किए तरबूज डालें।
- अब नमक और काली मिर्च मिलाएं और सर्व करें।
- टमाटर के उपयोग के बाद जानते हैं सही टमाटर के चयन और उसको सुरक्षित रखने के टिप्स।
टमाटर का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?
चयन :
- पके और कड़क टमाटर ही चुने जो कि कहीं से भी नरम और खरोंच वाले न हों। अच्छे टमाटर में मिट्टी जैसी खुशबू होती है ।
- टमाटर ठंड के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं। यह टमाटर के पकने की प्रक्रिया को प्रभावित कर इसके स्वाद को भी कम कर सकते हैं।
स्टोरेज :
- टमाटरको धूप में नहीं रखना चाहिए। इसे कमरे के सामान्य तापमान पर रखा जा सकता है और इसे जितना जल्दी हो सके उपयोग कर लेना चाहिए।
- पूरी तरह से पके हुए टमाटर रेफ्रिजरेटर में रखें। फ्रिज में ये 2-3 दिन तक ताजा रहेंगे।
- डिब्बाबंद टमाटर कई किस्मों में आते हैं जैसे कटे हुए, कैचअप, सूप व चटनी आादि।
- डिब्बाबंद टमाटर का सेवन छह महीने के भीतर किया जा सकता है।
- अगर आपके पास ज्यादा टमाटर हैं, तो आप टमाटर को फ्रीज भी कर सकते हैं।
- अब बारी है टमाटर से होने वाने नुकसान के बारे में जानने की।
टमाटर के नुकसान –
गुणकारी टमाटर खाने के फायदे बहुत हैं, लेकिन तभी तक जब इसे उचित मात्रा में लिया जाए। ज्यादा खाने से टमाटर के नुकसान भी हो सकते हैं।
एलर्जी: टमाटर से होने वाली एलर्जी बहुत कम ही पाई जाती है, लेकिन फिर भी इसके पराग से ब्रीथिंग संबंधी एलर्जी हो सकती है, जिसे ओरल एलर्जी सिंड्रोम कहा जाता है ।
पोटैशियम की उच्च मात्रा : कुछ ह्रदय रोगियों को बीटा-ब्लॉकर्स नामक दवा दी जाती है। यह रक्त में पोटैशियम के स्तर को बढ़ा सकती है । वहीं, टमाटर पोटैशियम का स्राेत है, इसलिए बीटा-ब्लॉकर्स के साथ टमाटर का सेवन डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए।
गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी): जीईआरडी से ग्रस्त लोगों में, टमाटर जैसे अत्यधिक अम्लीय खाद्य पदार्थों का सेवन करने छाती में जलन और उल्टी की समस्या हो सकती है ।
इस आर्टिकल में आपने जाना कि किस प्रकार टमाटर को अपने व्यंजन में शामिल किया जा सकता है। साथ ही सॉस व प्यूरी के रूप में भी टमाटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे स्वास्थ्य के साथ-साथ, बालों की देखभाल और सौंदर्य उत्पाद में भी प्रयोग किया जा सकता है।


