जब भी किसी को अचानक सीने में दर्द होता है तो उसे हार्ट अटैक का डर सताने लगता है। यकीनन, कभी-कभी यह चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि हर बार छाती में दर्द होना हार्ट अटैक ही हो। छाती में दर्द के कारण और भी हो सकते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर चेस्ट पेन किन-किन कारणों से होता है और इसका इलाज क्या है। इस सवाल का जवाब आपको इस लेख में मिल जाएगा। यहां जानिए कि सीने में दर्द हो तो क्या करना चाहिए और घर में सीने में दर्द का इलाज कैसे किया जा सकता है। इस लेख में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो समस्या को कम करने में कुछ हद तक मदद कर सकते हैं। वहीं, सीने में दर्द की स्थिति अगर गंभीर है तो इसका डॉक्टरी इलाज जरूरी है।
छाती में दर्द के कारण –
हर व्यक्ति को सीने में दर्द होने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। किसी को सीने के लेफ्ट साइड चेस्ट पैन तो किसी को राइट साइड चेस्ट पैन होता है। इसके अलावा, किसी को यह दर्द तेज और ज्यादा देर के लिए हो सकता है, तो किसी को यह दर्द हल्का और कम समय के लिए हो सकता है। आइए बताते हैं छाती में दर्द के कारण के बारे में
ह्रदय संबंधी कारण-
- हार्ट अटैक।
- हृदय की रक्त वाहिकाओं के अवरुद्ध होने पर एनजाइना।
- पेरिकार्डिटिस, जो हृदय के पास एक थैली में सूजन आने के कारण होता है।
- कार्डियोमायोपैथी, हृदय की मांसपेशी का एक रोग।
एओर्टिक डिसेक्शन, जब एओर्टा (एक बड़ी रक्त वाहिका जो खून को दिल से पूरे शरीर में ले जाती है) फट जाती है, जिससे सीने में अचानक दर्द उठता है।
फेफड़े संबंधी कारण-
निमोनिया-
- प्लूरिसी, फेफडों के आसपास के हिस्से (lining) में सूजन।
- न्यूमोथोरैक्स, जो फेफड़ों से हवा का रिसाव के कारण छाती में होता है।
- पल्मोनरी एम्बोलिज्म या फिर रक्त का थक्का।
मांसपेशी या हड्डी संबंधी कारण-
- घायल या टूटी हुई पसली।
- थकावट के कारण मांसपेशियों में दर्द।
- फ्रैक्चर के कारण नसों पर दबाव।
अन्य कारण-
- पैनिक अटैक, जिसमें सांसें तेज हो जाती है।
- ब्रेस्ट बोन से पसलियों के जोड़ पर सूजन।
- दाद
- पसलियों के बीच की मांसपेशियों में तनाव।
पाचन तंत्र संबंधी कारण-
- पेट में ऐंठन
- पथरी
- सीने में जलन
- पेट के अल्सर
छाती में दर्द के लक्षण –
चेस्ट पेन के कोई लक्षण नही होते क्योंकि छाती में दर्द होना कोई बीमारी नही है। यह ऊपर बताए गए कारणों का एक लक्षण हो सकता है, जिनमें कुछ गंभीर समस्याएं भी शामिल हैं। सीने में दर्द का इलाज करने के लिए इसके कारणों का इलाज करना जरूरी है।
छाती में दर्द (सीने) का घरेलू इलाज –
लेख के इस भाग में कुछ ऐसी सामग्रियों के बारे में बताया गया है जो सीने में दर्द का घरेलू उपाय कर सकती हैं। यहां हम पाठकों को बता दें कि ये नुस्खे चेस्ट पैन को कुछ हद तक कम तो कर सकते हैं, लेकिन ये उनके कारणों का स्थायी इलाज नहीं हैं। ऐसे में, छाती में दर्द के कारण को समझकर उसका डॉक्टरी इलाज करवाना जरूरी है, ताकि समस्या अधिक गंभीर न बन जाए।
1. लहसुन-
सामग्री :
- एक चम्मच लहसुन का रस
- एक कप गुनगुना पानी
क्या करें?
छाती में दर्द का घरेलू इलाज करने के लिए एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच लहसुन का रस डालें।
इसे अच्छी तरह मिलाएं और रोजाना पिएं।
चाहें तो रोज सुबह लहसुन के दो टुकड़े चबा भी सकते हैं।
यह कैसे काम करता है?
इतिहास के पन्नों से पता चलता है कि हिप्पोक्रेट्स (एक महान यूनानी चिकित्सक) लहसुन का उपयोग सीने में दर्द का इलाज करने के लिए करते थे । चेस्ट पैन के कारणों में हम बता चुके हैं कि हृदय रोग सीने में दर्द का एक कारण हो सकता है और माना जाता है कि लहसुन का उपयोग हृदय रोग से बचाव करने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है। यह हृदय-रोग के जोखिम कारक जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज आदि के खतरे को कम कर सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
2. विटामिन-डी
एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन) द्वारा प्रकाशित एक शोध में पाया गया है कि शरीर में विटामिन-डी की कमी चेस्ट पैन का कारण बन सकती है। दरअसल, शोध में जिक्र मिलता है कि विटामिन-डी की कमी से नॉन-कार्डियक चेस्ट पेन (हृदय रोग के कारण न होने वाला चेस्ट पैन) हो सकता है (4)। ऐसे में इससे बचने के लिए विटामिन-डी के स्रोत जैसे फैटी फिश (साल्मन या टूना), चीज, अंडे की जर्दी या मशरुम का सेवन किया जा सकता है ।
3. हल्दी वाला दूध
सामग्री :
- आधा चम्मच हल्दी पाउडर
- एक गिलास गर्म दूध
क्या करें?
- एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं।
- सीने में दर्द का आयुर्वेदिक इलाज करने के लिए इस हल्दी वाले दूध को पी लें।
यह कैसे काम करता है?
माना जाता है कि अपने एंटी-इन्फ्लामेट्री गुणों के कारण हल्दी छाती में दर्द का घरेलू उपाय कर सकती है। यह कोलेस्ट्रोल के उच्च स्तर को कम करती है और इसका लंबे समय तक सेवन हृदय रोग से बचाने में भी मदद कर सकता है ।
4. तुलसी-
सामग्री :
- आठ से दस तुलसी के पत्ते
- क्या करें?
- छाती में दर्द का घरेलू इलाज करने के लिए तुलसी के पत्तों को चबा लें।
- इसके अलावा, तुलसी की चाय भी पी सकते हैं।
- तुलसी के पत्तों का रस निकालकर इसमें शहद मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है।
यह कैसे काम करती है?
तुलसी का उपयोग सदियों से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता आ रहा है। यह जानकार शायद आपको हैरानी होगी कि सीने में दर्द का घरेलू उपाय करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। माना जाता है कि तुलसी का उपयोग सीने में दर्द के कारण जैसे हृदय रोग, पथरी, सूजन आदि को कम करने में मदद कर सकता है ।
5. लाल मिर्च
सामग्री :
- एक चौथाई छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- किसी भी फल का एक गिलास जूस
क्या करें?
फल के एक गिलास जूस में लाल मिर्च पाउडर मिलाएं।
छाती में दर्द के घरेलू उपाय करने के लिए इस जूस को पी लें।
यह कैसे काम करती है?
कैप्साइसिन, एक तरह का फाइटोकेमिकल होता है, जो मिर्च में पाया जाता है। माना जाता है कि यह केमिकल छाती में दर्द के कारण बनने वाले कई जोखिम कारकों जैसे एनजाइना, हृदय रोग, पेट के अल्सर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है । जैसा कि हम बता चुके हैं कि सीने का दर्द कोई बीमारी नही है और इसका इलाज करने के लिए इसके पीछे मौजूद कारण का इलाज करना जरूरी है। इस तरह मिर्च का उपयोग करके छाती में दर्द का इलाज घर पर किया जा सकता है।
6. मेथी के बीज
सामग्री :
- एक चम्मच मेथी के दाने
क्या करें?
- छाती में दर्द का घरेलू इलाज करने के लिए एक रात पहले मेथी दानों को पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह इन्हें खाएं।
- इसके अलावा, एक चम्मच मेथी दानों को पांच मिनट के लिए पानी में उबाल लें। फिर इस पानी को छानकर पिएं।
यह कैसे काम करता है?
जैसा कि हम बता चुके हैं कि सीने में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं। इन्ही में एक कारण सांस लेने में तकलीफ भी ही सकता है। ऐसे में सीने के दर्द का घरेलू इलाज करने में लिए मेथी के उपयोग किया जा सकता है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि मेथी के बीज का सेवन क्रोनिक चेस्ट पैन (लंबे समय से चला आ रहा सीने का दर्द) को कम करने में मदद सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।
7. बादाम
सामग्री :
- तीन-चार बादाम
क्या करें?
- कुछ घंटों के लिए बादाम को पानी में भिगो दें।
- फिर छिलके हटाकर सीने में दर्द का आयुर्वेदिक इलाज करने के लिए इन बादाम को खा लें।तुरंत राहत के लिए बादाम के तेल और गुलाब के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर सीने पर लगाया जा सकता है।
यह कैसे काम करता है?
दिमाग के लिए बादाम के फायदे के बारे में तो आपने सुना ही होगा, लेकिन क्या जानते हैं कि इसका उपयोग सीने में दर्द का घरेलू इलाज करने के लिए भी किया जा सकता है। जैसा कि हम बता चुके हैं कि सीने में दर्द हृदय संबंधित समस्या के सबसे आम लक्षणों में शामिल है । बादाम शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसकी मदद से हृदय रोग और उसके कारण होने वाले चेस्ट पेन से बचा जा सकता है ।
छाती में दर्द का इलाज –
जिस तरह छाती में दर्द के कारण एक नहीं हैं, उसी तरह इसका इलाज भी एक नहीं है। चेस्ट पेन के मेडिकल ट्रीटमेंट की बात करें तो यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि दर्द किस कारण से हो रहा है। इस बात को ध्यान में रखकर चिकित्सक सीने में दर्द का इलाज और उससे जुड़ी अन्य जानकारी दे सकते हैं ।
नीचे बताई गईं परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से मिलने की सलाह दी जाती है –
- सीने में अचानक दबाव महसूस होना।
- सीने का दर्द बढ़कर जब जबड़े, बाएं हाथ या कंधे तक आने लगे।
- सीने में दर्द के साथ मतली, चक्कर, पसीना, जोर से दिल धड़कना या सांस लेने में तकलीफ होना।
- अचानक सीने में सामान्य से अधिक या लंबे समय तक दर्द होना।
- आराम करते समय सीने में दर्द उठना।
- लंबी ट्रिप, देर तक आराम या अधिक समय तक एक ही जगह पर बैठने के बाद उठने से अचानक सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द उठना।
- तेज बुखार और खांसी के साथ हरा-पीला बलगम निकलना।
- निगलने में तकलीफ होना।
आगे पढ़िए कुछ योगासनों के बारे में जो सीने के दर्द से आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं।
सीने में दर्द से राहत पाने के लिए योगासन
1. सूर्य नमस्कार-
सीने में दर्द से आराम पाने के लिए सूर्य नमस्कार को अपनाया जा सकता है। माना जाता है कि प्रतिदिन सूर्य-नमस्कार करने से हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है (13)। सूर्य-नमस्कार में 12 मुद्राएं शामिल होती हैं, जिन्हें स्टेप बाय स्टेप किया जाता है। इन स्टेप्स के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है –
प्रणाम आसन : सबसे पहले सीधे खड़े होकर हाथों को छाती के पास लाएं और नमस्कार की मुद्रा बनाएं।
हस्तउत्तानासन : सांस लेते हुए हाथों को ऊपर करें और कानों के पास हाथ लाकर पीछे झुकने की कोशिश करें।
पादहस्तासन : अब सांस छोड़ते हुए आगे की झुकें और हथेलियों को जमीन पर रखने का प्रयास करें। अब घुटनों को बिना मोड़े माथे से घुटने को छुने का प्रयास करें।
अश्व संचालनासन : इस आसन को करने के लिए सांस को अंदर लेते हुए बाएं पैर पर बैठें और फिर दाएं पैर को पीछे ले जाएं। इस दौरान दायां घुटना जमीन पर लगा रहना चाहिए। अब छाती को आगे की ओर फैलाते हुए ऊपर देखने का प्रयास करें।
पर्वतासन : अब सांस छोड़ते हुए बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं और शरीर को बीच से उठाने की कोशिश करें। इस दौरान बाजुओं को सीधा रखें और एड़ियों को जमीन से सटाने का प्रयास करें।
अष्टांगासन : अब सांस अंदर लेते हुए घुटनों को जमीन से टिकाएं और छाती व ठुड्डी को जमीन से लगाएं।
भुजंगासन : इसके लिए सांस को बिना छोड़े कमर से ऊपर के हिस्से को नाभी तक उठाने का प्रयास करें। साथ ही हथेलियां जमीन से सटाए रखें।
पर्वतासन : अब सांस को बाहर की ओर छोड़ते हुए शरीर को बीच से उठाएं। ध्यान रहे कि इस दौरान बाजुओं को सीधा और एड़ियों को जमीन का स्पर्श कराए रखें।
अश्व संचालनासन : इस आसन के लिए सांस लेते हुए दाएं पैर को आगे लाएं और बैठ जाएं। बायां पैर सीधा रखें और बाएं घुटने को जमीन का स्पर्श कराएं।
पादहस्तासन : सांस बाहर की ओर छोड़ते हुए बाएं पैर को आगे लाएं। इस दौरान हथेलियों को जमीन से व माथे को घुटने से टिकाएं।
हस्तउत्तानासन : इसके लिए सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और पीछे झुकने का प्रयास करें।
प्रणाम आसन : अब शुरुआती आसन की तरह दोबारा नमस्कार मुद्रा में आ जाएं।
2. भुजंगासन
अगर किसी को श्वांश संबंधित समस्या जैसे अस्थमा के कारण सीने में दर्द हो रहा है तो उससे आराम पाने के लिए भुजंगासन को अपनाया जा सकता है । नीचे जानिए इसे करने का तरीका –
- भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले एक शांत जगह देख कर अपनी योग मैट बिछाएं और उसपर पेट के बल लेट जाएं।
- इस दौरान हाथों को सिर के दोनों तरफ रखें और माथे को जमीन से टिकाएं। इस समय अपने पैरों को भी बिल्कुल सीधा रखें और दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें।
- इसके बाद अपनी हथेलियों को कंधों के बराबर में लाएं। अब लंबी गहरी सांस भरते हुए हाथों से जमीन पर दबाव डालें और नाभि तक शरीर को ऊपर उठाने का प्रयास करें।
- इस प्रक्रिया में सबसे पहले अपने सिर, उसके बाद छाती और आखिर में नाभि वाले हिस्से को ऊपर उठाना होगा।
- इस अवस्था में रहकर, गर्दन को पीछे ले जाते हुए आसमान की ओर देखने की कोशिश करें।
- इस दौरान अपने शरीर का वजन दोनों हाथों पर बराबर बनाएं रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
- कुछ सेकंड इस पोजीशन में रहने के बाद सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए शुरुआती अवस्था में आ जाएं।
- इस पूरी प्रक्रिया को एक चक्र माना जाएगा। आप अपनी क्षमतानुसार इस आसन के चार से पांच चक्र पूरे कर सकते हैं।
3. मार्जरी आसन-
सीने के दर्द से आराम पाने के लिए मार्जरीआसन भी किया जा सकता है। माना जाता है कि यह पाचन तंत्र की गड़बड़ी के कारण होने वाले सीने के दर्द से आराम दिला सकता है। जानिए इसे करने की विधि के बारे में –
- सबसे पहले योग मैट को बिछाकर वज्रासन में बैठ जाएं।
- अब हाथों को सामने जमीन पर रखें और फिर हाथों व घुटनों के बल आ जाएं। इस मुद्रा में शरीर का आकार बिल्ली की तरह दिखाई देगा।
- इसके बाद सांस अंदर लेते हुए रीढ़ को नीचे की ओर दबाएं और गर्दन को ऊपर उठाने की कोशिश करें।
- थोड़ी देर इस पोजीशन में रहने के बाद सांस को बाहर छोड़ते हुए रीढ़ को ऊपर करें और गर्दन को अंदर की ओर झुकाने की कोशिश करें।
- इस अवस्था में कुछ देर रहने के बाद बाद धीरे-धीरे वज्रासन में आएं।
- यह एक चक्र पूरा हुआ। अपनी क्षमतानुसार आप इसके तीन-चार चक्र पूरे कर सकते हैं।
छाती में दर्द के लिए कुछ और उपाय –
छाती में दर्द हो तो क्या करें जानने के बाद, आगे जानिए सीने में दर्द से बचे रहने के लिए कौन सी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बच्चों और किशोरों के सीने में दर्द होने का कारण क्या हो सकता है?
एनसीबीआई के शोध में पाया गया है कि ज्यादातर मामलों में इनमें सीने में दर्द का कारण पता नही चल पाता। वहीं, कुछ मामलों में इसके पीछे का कारण श्वसन तंत्र, हृदय, पेट, मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं ।
क्या गर्भावस्था में चेस्ट पेन हो सकता है?
जी हां, गर्भावस्था में चेस्ट पेन हो सकता है, इसके पीछे एसिडिटी से लेकर गंभीर हृदय रोग तक के कारण शामिल हो सकते हैं ।
क्या ठंड के मौसम में सीने में दर्द हो सकता है?
अगर किसी को ठंड के मौसम में सीने में दर्द हो तो वह कोरोनरी आर्टरी डिजीज (दिल की प्रमुख रक्त वाहिकाएं को क्षति) का संकेत हो सकता है
- अधिक शारीरिक परिश्रम से बचें।
- संतुलित आहार का सेवन करें।
- शराब का सेवन न करें।
- तंबाकू के सेवन से बचें।
- खुद को तनाव मुक्त रखें।
- जॉगिंग, मॉर्निंग वॉक और ट्रेनर की देखरेख में सामान्य व्यायाम कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राइट साइड चेस्ट पेन क्यों होता है?
- राइट साइड चेस्ट पेन पथरी के कारण हो सकता है ।
- लेफ्ट साइड चेस्ट पेन क्यों होता है?
बच्चों और किशोरों के सीने में दर्द होने का कारण क्या हो सकता है?
एनसीबीआई के शोध में पाया गया है कि ज्यादातर मामलों में इनमें सीने में दर्द का कारण पता नही चल पाता। वहीं, कुछ मामलों में इसके पीछे का कारण श्वसन तंत्र, हृदय, पेट, मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं ।
क्या गर्भावस्था में चेस्ट पेन हो सकता है?
जी हां, गर्भावस्था में चेस्ट पेन हो सकता है, इसके पीछे एसिडिटी से लेकर गंभीर हृदय रोग तक के कारण शामिल हो सकते हैं ।
क्या ठंड के मौसम में सीने में दर्द हो सकता है?
अगर किसी को ठंड के मौसम में सीने में दर्द हो तो वह कोरोनरी आर्टरी डिजीज (दिल की प्रमुख रक्त वाहिकाएं को क्षति) का संकेत हो सकता है




