पपीता ऐसा फल है, जो सालभर बाजार में उपलब्ध रहता है। इसका बीज, छिलका व गूदा यानी हर भाग किसी न किसी रूप में उपयोग में आता है। जितना यह खाने में मीठा और स्वादिष्ट होता है, उतना ही सेहत से भरपूर होता है। पपीते के पौधे को कैरिकेसी फैमिली से संबंधित माना गया है। सामान्य अवस्था के अलावा गर्भावस्था में भी पपीते का सेवन किया जा सकता है। जहां एक ओर यह कई बीमारियों को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है, वहीं बालों और त्वचा के लिए भी पपीता के फायदे देखे जा सकते हैं। इस आर्टिकल में हम पपीता खाने के फायदे और उपयोग के बारे में बता रहे हैं। साथ ही पपीता के नुकसान भी जानेंगे। आर्टिकल में दी गई जानकारी कई प्रकार के शोधों के आधार पर दी जा रही है। हालांकि, पपीता स्वस्थ रखने में लाभकारी है, लेकिन गंभीर बीमारी की अवस्था में सिर्फ पपीते के सहारे न रहकर डॉक्टर से इलाज जरूर करवाना चाहिए।
पपीता के फायदे –
1. शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर
पपीते पर कई प्रकार के शोध को एनीसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है। ऐसे ही एक शोध के अनुसार, पपीता के अर्क और अन्य भागों में मौजूद पॉलीफेनोल्स में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। पपीते में पाया जाने वाला यह गुण स्वास्थ्य को बनाए रखने और बीमारियों को रोकने में मददगार हाे सकता है। यह गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रैस और इससे संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करने की क्षमता रखता है। साथ ही यह शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम भी करता है। इसके अलावा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (पाचन संबंधी) की समस्याओं को दूर करने में भी मददगार हो सकता है।
2. एंटीकैंसर गुण
आपको जानकर हैरानी होगी कि पपीते में कैंसर से बचाने के गुण पाए जाते हैं। कई संस्थाओं ने इस विषय पर शोध किया और उसे एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है। शोध के अनुसार, पपीते में पेक्टिन नामक कंपाउंड पाया जाता है। पेक्टिन में एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण पेक्टिन कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकने में फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, यह कैंसर के लक्षणों को कम करने में भी लाभदायक हो सकता है। ध्यान रहे कि अगर किसी को कैंसर है, तो उसे मेडिकल चेकअप करवा कर उचित इलाज करवाना चाहिए। साथ ही डॉक्टर की सलाह पर ही पपीते का सेवन करना चाहिए।
3. स्वस्थ हृदय के लिए
पपीते का उपयोग स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं के साथ ही हृदय के रोगों और समस्याओं को दूर करने में भी किया जा सकता है। चूहों पर पपीते के असर के संबंध में एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में पाया गया कि पपीते में कार्डियोटॉक्सिसिटी के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के गुण पाए जाते हैं। कार्डियोटॉक्सिसिटी ऐसी स्थिति है, जब हृदय की मांसपेशियों को नुकसान होता है। इस अवस्था में हृदय शरीर में रक्त को सही प्रकार से पंप करने में सक्षम नहीं होता है। वहीं, पपीते के अर्क में इथेनॉल नामक कंपाउंड पाया जाता है, जिसमें कार्डियोप्रोटेक्टिव और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये दोनों गुण कार्डियोटॉक्सिसिटी की स्थिति को दूर करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही हृदय के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं ।
4. सूजन को कम करने के लिए
माना जाता है कि गंभीर सूजन कैंसर, मधुमेह और एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों की एक बीमारी) जैसे विभिन्न रोगों के होने का कारण हो सकती है। वहीं, सूजन की समस्या को दूर करने में पपीता फायदेमंद हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया में स्थिति एक स्कूल द्वारा किए गए शोध में पाया गया कि पपीते के अर्क में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। पपीते में पाए जाने वाले एंटीइंफ्लेमेटरी गुण गंभीर सूजन को दूर करने में फायदेमंद हो सकते हैं। साथ ही गंभीर सूजन के कारण होने वाले गंभीर रोगों के लक्षणों को कम करने में भी लाभदायक हो सकते हैं ।
5. पाचनतंत्र के लिए फायदेमंद
कई स्थानों पर पपीते का उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए उपचार के रूप में किया जाता है। एक शोध के अनुसार, पपीते में हाइमोपैपेन और पैपेन (hymopapain and papain) दो महत्वपूर्ण कंपाउंड पाए जाते हैं। इन दोनों को ही पाचन संबंधी विकारों को दूर करने के लिए जाना जाता है। पपाइन (Papain) प्रोटीन को तेजी से पचाने में मदद कर सकता है, जो एसिड रिफ्लेक्स को कम करता है। साथ ही अल्सर के इलाज और यहां तक कि इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी पेट की समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
6. दाद के लिए उपचार
त्वचा संबंधी कई समस्याओं में एक दाद की समस्या भी है। यह समस्या फंगल इंफेक्शन के कारण होती है । मेक्सीको की एक यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया कि पपीते में एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं । यह गुण कई प्रकार के फंगल इंफेक्शन की समस्याओं के उपचार के साथ ही दाद की समस्या को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। एक अन्य शोध के अनुसार, पपीते के विभिन्न भाग जैसे – फल, बीज, छाल, जड़ व पत्तियों का उपयोग रिंगवार्म सहित त्वचा संबंधी कई समस्याओं को दूर करने में लाभदायक हो सकते हैं ।
7. प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद करता है
छोटी-छोटी रक्त कोशिकाओं को प्लेटलेट्स कहा जाता है। ये शरीर में रक्तस्राव को रोकने के लिए खून के थक्के बनाने में मदद करते हैं। इनकी मात्रा कम होने पर कई प्रकार की समस्याओं का समाना करना पड़ सकता है। वहीं, पपीता प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद कर सकता है। इस विषय पर हुए शोध में पाया गया कि पपीता, उसके अर्क और अन्य भागों में कारापाइन, मैलिक एसिड, क्विनिक एसिड और क्लिटोरिन जैसे घटक पाए जाते हैं। ये सभी घटक बोन मैरो को क्षतिग्रस्त होने से रोकने के साथ ही प्लेटलेट्स बनाने की क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। वहीं, डेंगू होने पर प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए घरेलू उपचार के तौर पर भी पपीता और पपीते के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल, इस संबंध में और शोध की जरूरत है।
8. प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के लिए
प्रतिरक्षा प्रणाली के कमजोर होने के कारण कई प्रकार की बीमारियां और संक्रमण होने का खतरा हो सकता है। वहीं, पपीता प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। एक शोध के अनुसार, पपीते के अर्क में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और इम्यूनोस्टिमुलेंट गुण प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में फायदेमंद हो सकते हैं ।
9. घाव भरने में मददगार
अच्छी सेहत के साथ ही पपीता घाव भरने में भी फायदेमंद हो सकता है। इसी संबंध में मधुमेह से ग्रस्त चूहों पर किए गए शोध में पाया गया कि पपीते के अर्क में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। शोध के अनुसार, पपीते के अर्क में पाया जाने वाला यह गुण मधुमेह से ग्रस्त चूहों में घाव भरने के लिए लाभदायक रहा । इसके अलावा, प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि सर्जिकल घाव के किनारों पर पपीते के फल की ड्रेसिंग करने से घाव जल्दी भर सकता है।
10. डैंड्रफ को नियंत्रित करता है
पपीता डैंड्रफ की समस्या को दूर करने में भी फायदेमंद हो सकता है। कई संस्थाओं के शोधकर्ताओं ने पाया कि पपीते में बायोफ्लेवोनोइड और एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा पाई जाती है। ये दोनों ही कई समस्याओं काे दूर करने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। इन्हीं में से एक है डैंड्रफ की समस्या। यह डैंड्रफ को दूर कर बालों को इससे होने वाले प्रभाव से बचाने में मदद कर सकता है। एक अन्य शोध के अनुसार, जिन शैंपू और साबुन में पपीते का अर्क होता है, वो रूसी और बालों के झड़ने को रोकने में मदद कर सकते हैं।
11. त्वचा की रक्षा करता है
बात अगर सम्पूर्ण सेहत के फायदों की हो रही हो, तो हम त्वचा को कैसे भूल सकते हैं। पपीता सेहत के साथ ही त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, और इस विषय पर कई शोध भी हो चुके हैं। उन्हीं में से एक शोध के अनुसार, पपीते में बायोफ्लेवोनोइड और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में होते हैं। यह दोनों ही पपीते को त्वचा के लिए फायदेमंद बनाते हैं। शोध में पाया गया है कि पपीते में पाए जाने वाले बायोफ्लेवोनोइड और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को मॉइस्चराइज करने के साथ ही पिगमेंटेशन को साफ करने और झुर्रियों को कम करने में फायदेमंद हाे सकते हैं। इसके अलावा, आंखों के नीचे के काले घेरे, एक्जिमा और सोरायसिस को ठीक कर सकते हैं। साथ ही टैन को हटाकर मुंहासे को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं ।
पपीता के पौष्टिक तत्व –
पपीता में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व होते हैं, जिनके बारे में नीचे टेबल के जरिए बताया गया है
पपीता का उपयोग –
पपीता के गुण और स्वाद की वजह से लगभग हर भारतीय रसोई में पपीता का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। यहां हम पपीते का उपयोग के कुछ सरल और फायदेमंद तरीकों के बारे में बता रहे हैं।
- आप पपीता का छिलका निकालकर उसे ऐसे ही खा सकते हैं।
- पपीता का उपयोग जूस बनाने में किया जा सकता है।
- फ्रूट सलाद बनाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।
- पपीता का उपयोग करके आप उसका स्वादिष्ट हलवा भी बना सकते हैं।
- कई स्थानों पर पके हुए पपीते का उपयोग मिठाई बनाने के लिए भी किया जाता है।
- मात्रा: रोजाना 4 से 5 सर्विंग यानी लगभग 150 ग्राम पपीते का सेवन आदर्श माना जा सकता है । साथ ही यह प्रति व्यक्ति के स्वास्थ्य व क्षमता पर भी निर्भर करता है।
पपीता के नुकसान –
जहां एक ओर पपीता के गुण इसे फायदेमंद बनाते हैं, वहीं किन्हीं कारणों से पपीता के नुकसान भी देखने को मिल सकते हैं। यहां हम पपीते के अनुमानित दुष्प्रभावों के बारे में बता रहे हैं
- पपीते के लेटेक्स में पपैन नामक कंपाउंड होता है। बड़ी मात्रा में पपैन को मुंह से लेने से गले में भोजन नली को नुकसान हो सकता है।
- पपीते के लेटेक्स को त्वचा पर लगाने से कुछ लोगों में गंभीर जलन और एलर्जी हो सकती है।
- गर्भावस्था के दौरान पपीते का सेवन करने से उसमें मौजूद पपैन भ्रूण के लिए जहर का काम कर सकता है या फिर जन्म दोष का कारण बन सकता है।
- पपीता ब्लड शुगर को कम कर सकता है। इसलिए, अगर मधुमेह से ग्रस्त कोई मरीज रक्त शर्करा को कम करने के लिए दवा ले रहा है, उसे पपीता खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
- अधिक मात्रा में पपीता खाने से थायराइड की समस्या हो सकती है।
- पपीता रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम कर सकता है। सर्जरी के दौरान और बाद में पपीते का सेवन रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, सर्जरी से 2 सप्ताह पहले पपीता का सेवन रोक देना चाहिए।
लगभग हर किसी को पसंद आने वाला पपीता स्वाद और सेहत दोनों के हिसाब से बहुत खास होता है। इस आर्टिकल के माध्यम से पपीता खाने के फायदे को पढ़ कर आप जान गए होंगे कि स्वस्थ तरीके से पपीता कैसे खाया जा सकता है। पपीता के फायदे के अलावा इसके उपयोग और इसके सेवन से पहले रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में भी आप जान चुके हैं। आप इसे अपनी डाइट में शामिल कर पपीता खाने के लाभ ले सकते हैं। साथ ही अगर आप पपीते के संबंध में कुछ और जानना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।

