शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में रोग प्रतिरोधक क्षमता की एक महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। शरीर के अंगों, सेल्स और टिश्यू से बना यह एक ऐसा सिस्टम है, जो शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले कीटाणुओं से लड़ता है। यह इन कीटाणुओं को शरीर में घुसने से रोकता है और अगर कभी कोई जीवाणु अंदर आ जाए तो ये उन्हें खत्म करके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। वहीं, इस क्षमता में कमी आ जाने से शरीर आसानी से बीमारियों की चपेट में आ सकता है और इस कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। यह एक स्वस्थ जीवनशैली की मदद से किया जा सकता है। अपने आहार में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने से मदद मिल सकती है, जिनके बारे में इस लेख में बताया गया है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार के साथ इस लेख में जानिए उससे जुड़ी कुछ अन्य टिप्स और जानकारी
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के खाद्य पदार्थ –
लेख के इस भाग में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताया गया है, जो अलग-अलग तरीकों से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही इनके सेवन की मात्रा व्यक्ति की सेहत और शरीर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। अच्छा होगा मात्रा संबंधी जानकारी के लिए डाइटीशियन से संपर्क करें।
1. ब्लूबेरी
क्या आप जानते हैं कि इम्यून सिस्टम का एक बड़ा भाग आंत में मौजूद होता है। इस कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए पाचन प्रणाली को मजबूत बनाए रखना जरूरी है, जिसमें ब्लूबेरी का उपयोग मददगार साबित हो सकता है। यह आंत के माइक्रोबायोम के लिए लाभकारी होने के साथ ही पाचन और प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने में मदद कर सकती है । इसके अलावा, बेरी में समृद्ध मात्रा में फाइटोकेमिकल पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मॉड्यूलेट कर कैंसर के प्रसार के जोखिम को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकते हैं। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है । इन कारणों से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार में ब्लूबेरी को शामिल किया जा सकता है।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन एक से दो कप ब्लूबेरी खा सकते हैं।
3. डार्क चॉकलेट
एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन) द्वारा प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि कोको में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही, कोको थाइमस ग्लैंड में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव को बढ़ा सकता है। बता दें कि थाइमस ग्लैंड शरीर का एक जरूरी भाग है, जो इम्यून सिस्टम के विकास में मदद करता है। इस प्रकार डार्क चॉकलेट खाने के फायदे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन में एक से दो टुकड़े डार्क चॉकलेट के खाए जा सकते हैं। ध्यान रखें कि सभी का शरीर एक जैसा नहीं होता है। इस कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इसके सेवन की मात्रा को लेकर डॉक्टर से परामर्श करना अच्छा विचार होगा।
3. हल्दी
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हल्दी में मौजूद एंटीइन्फ्लामेट्री गुण काम कर सकते हैं। इसके पीछे हल्दी में मौजूद करक्यूमिन काम करता है। इसमें न सिर्फ एंटीइन्फ्लामेट्री, एंटीऑक्सीडेंट और कीमोप्रिवेंटिव गुण (कैंसर से बचाव करने वाला गुण) होते हैं, बल्कि यह इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखने वाली टी व बी सेल्स (सफेद रक्त कोशिकाओं का प्रकार) की कार्यप्रणाली को भी बेहतर करने में भी मदद कर सकता है ।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन में लगभग एक चौथाई चम्मच हल्दी का सेवन किया जा सकता है।
4. शकरकंद
यह जानकर शायद हैरानी होगी कि शकरकंद का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। जी हां, शकरकंद विटामिन-ए का एक समृद्ध स्रोत होता है। विटामिन-ए एक एंटीइन्फ्लामेट्री विटामिन होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। यह थाइमस ग्लैंड की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा, विटामिन-ए एंटीऑक्सीडेंट भी होता है और ऑक्सीडेटिव तनाव के कारण बढ़ने वाली समस्या जैसे एड्स का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही, विटामिन-ए टीबी के जोखिम से बचाने में भी मददगार हो सकता है।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन में एक मध्यम आकार का शकरकंद खाया जा सकता है।
5. पालक
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में पालक मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, पालक में भी विटामिन-ए पाया जाता है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी रूप से काम कर सकता है। प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ विटामिन-ए आंखों की रोशनी को बेहतर कर सकता है और संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है। इन फायदों के कारण पालक को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार में शामिल किया जा सकता है।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन में लगभग आधे कप से एक कप पके हुए पालक का सेवन किया जा सकता है
6. अदरक
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ में एक नाम अदरक का भी शामिल है। दरअसल, अदरक में इम्यूनोन्यूट्रीशन और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इस कार्य को सफल बनाने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकते हैं। वहीं, अदरक का अर्क मधुमेह, आर्थराइटिस, क्रोहन रोग (क्रोनिक इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज) आदि से बचाने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है ।
सेवन की मात्रा :
- अदरक के फायदे उठाने के लिए लगभग एक छोटा चम्मच कूटा हुआ अदरक उपयोग किया जा सकता है।
7. लहसुन
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लहसुन का भी उपयोग किया जा सकता है। इसमें इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन में लगभग तीन से चार लहसुन की कलियों का सेवन किया जा सकता है।
8. ग्रीन टी
ग्रीन टी के फायदे के बारे में आपने कई बार सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने में भी मदद कर सकती है? जी हां, हर रोज ग्रीन टी का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सकती है। दरअसल, इसमें प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम को ऑक्सीडेंट और फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाते हैं और उसे मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं ।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन में एक से दो कप ग्रीन टी का सेवन किया जा सकता है।
9. सिट्रस फल
सिट्रस फल जैसे ऑरेंज, ग्रेपफ्रूट, लेमन और टमाटर को विटामिन-सी के समृद्ध स्रोतों में शामिल किया जाता है। विटामिन सी के फायदे, संक्रमण से लड़ने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, विटामिन सी इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी सफेद रक्त कोशिकाएं, टी व बी सेल्स को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है और साथ ही यह एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से होने वाले नुकसानों से भी बचा सकता है ।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन में एक फल (ऑरेंज, ग्रेपफ्रूट, कीवी) आदि का सेवन किया जा सकता है। खाने में टमाटर और नींबू का रस भी शामिल किया जा सकता है।
10. लाल शिमला मिर्च
शिमला मिर्च का उपयोग भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ के रूप में किया जा सकता है। इसमें कैरोटीनॉयड नाम का एक तत्व पाया जाता है, जिसमें कई तरह के बायोएक्टिव गुण होते हैं। इन्हीं में से एक गुण है इम्यूनोमॉड्यूलेटरी। खासकर, इसमें मौजूद लाइकोपीन नाम का कैरोटीनॉयड एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट (फ्री रेडिकल्स को दूर रखने वाला गुण) और एंटी इंफ्लेमेटरी तत्व होता है। साथ ही इसमें मौजूद कीमोथेरोप्युटिक गुण हृदय या मस्तिष्क से जुड़े रोग और कुछ तरह के कैंसर के लिए प्रभावशाली हो सकते हैं ।
सेवन की मात्रा :
- एक दिन में लगभग एक मध्यम आकार की लाल शिमला मिर्च का सेवन किया जा सकता है।
11. दही
दही का सेवन भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक (एक तरह के अच्छे बैक्टीरिया) में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण होते हैं, जो आंत के इम्यून सिस्टम को मजबूत बना सकते हैं। साथ ही ये डायरिया से आराम पाने में भी मदद कर सकते हैं ।
सेवन की मात्रा :
- प्रतिदिन आहार में एक कप दही शामिल किया जा सकता है।
12. कीवी
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार में कीवी का नाम भी शामिल किया जा सकता है। दरअसल, इसमें विटामिन सी, कैरोटीनॉयड, पॉलीफेनोल्स और डाइट्री फाइबर पाए जाते हैं और ये सभी इम्यून सिस्टम के लिए लाभकारी हैं। इसके अलावा, कुछ मामलों में कीवी का उपयोग ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भी मदद कर सकता है ।
सेवन की मात्रा :
- सुबह नाश्ते में एक से दो कीवी का सेवन किया जा सकता है।
- लेख के अगले भाग में जानिए कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए किन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इन खाद्य पदार्थों से बचें –
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले आहार के साथ-साथ उन खाद्य पदार्थों के बारे में भी जानना जरूरी है, जो इम्यून सिस्टम के लिए समस्या उत्पन्न कर सकते हैं। जानिए कौन-कौन से खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए –
- दूषित खाना
- अपास्चुरीकृत (Unpasteurized) खाद्य या पेय पदार्थ
- कच्चा या अधपका मीट, चिकन, अंडा या मछली
- इनके अलावा, स्वस्थ जीवनशैली के लिए कुछ अन्य सामग्रियों का सेवन करने से भी बचें, जैसे –
- अल्कोहल
- जंक फूड्स
- सोडा और कोल्ड ड्रिंक
- पैकटबंद खाद्य व पेय पदार्थ
- जरूरत से अधिक नमक/मीठा
- इन बातों का रखें ध्यान।
रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए कुछ और टिप्स –
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए आहार के साथ कुछ अन्य बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है, जैसे :
- समय पर जरूरी टीकाकरण करवाएं
- नियमित रूप से व्यायाम करें
- संतुलित आहार का सेवन करें
- धूम्रपान न करें
- शराब का सेवन न करें
- तनाव मुक्त रहे
दोस्तों, इस लेख की मदद से अब आप रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में बेहतर तरीके के समझ गए होंगे। आप यह भी समझ गए होंगे कि स्वस्थ शरीर के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना कितना आवश्यक है। हम आशा करते हैं कि लेख में दी गई जानकारी की मदद से आप रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ को अपने आहार में शामिल अवश्य करेंगे। इनका उपयोग करते समय इस बात का ध्यान रखें कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार कुछ बीमारियों का खतरा कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन ये डॉक्टरी इलाज नहीं हैं।

