यह समय धान की रोपाई करने के लिए बहुत उपयुक्त है. देश के अधिकतर किसान धान की खेती के लिए कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं, ताकि उन्हें फसल का अच्छा उत्पादन मिल पाए. धान की खेती की बात करें, तो इसकी रोपाई परंपरागत तरीकों से की जाती है. यानी किसान या मजदूर अपने हाथों से धान की रोपाई करता है. इस प्रक्रिया में समय और लागत काफी ज्यादा लगती है. इसमें थकान भी ज्यादा होती है, क्योंकि धान की रोपाई कई घंटों तक झुक कर करनी पड़ती है. ऐसे में किसानों के लिए कृषि यंत्रों का उपयोग करना चाहिए. वैसे भी मौजूदा समय में मजदूरों की काफी कमी है, क्योंकि अधिकतर मजदूरों अपने गांव लौट चुके हैं. ऐसे में किसान धान की रोपाई करने के लिए सेल्फ प्रोपेल्ड मशीन (Self propelled machine) का उपयोग कर सकते हैं. यह मशीन किसानों के लिए काफी मददगार साबित होगी.
क्या है सेल्फ प्रोपेल्ड मशीन -
इस मशीन में 3 एचपी का डीजल इंजन लगा होता है, जो कि धान की रोपाई कतारों में करता है. इन कतारों की दूरी 10 से 12 सेंटीमीटर की रखी जाती है. खास बात है इस मशीन के हैंडल को दाएं-बाएं आसानी से घुमाया जा सकता है. इसके साथ ही पौध रोपने के लिए यंत्र की गहराई को बढ़ाया और घटाया जा सकता है. बता दें कि इस मशीन द्वारा 1 दिन में 1 हेक्टेयर खेत में धान की रोपाई कर सकते हैं.
सेल्फ प्रोपेल्ड मशीन से धान की रोपाई -
आधुनिक समय में किसानों के बीच यह कृषि यंत्र काफी पसंद किया जा रहा है. इस मशीन द्वारा धान की रोपाई 8 कतारों में की जाती है. यह धान की पौध को उठाकर रोपाई करता है. इससे धान की रोपाई में लगने वाले समय की बचत होती है, साथ ही मजदूरों को देने वाली लागत भी बचती है. यह कृषि यंत्र एक निश्चित दूरी पर पौधों की रोपाई करता है खास बात है कि इस तरह फसल की पैदावार भी अच्छी मिलती है.
सेल्फ प्रोपेल्ड मशीन की कीमत -
आपको बता दें कि सेल्फ प्रोपेल्ड मशीन की कीमत लगभग 1 लाख 25 हजार रुपए के आस-पास होती है. इसके लिए आप अपने क्षेत्र की निजी कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं, जो कि कृषि यंत्र का उपलब्ध कराती हैं. इसके अलावा बाजार में धान रोपाई के लिए कई तरह के कृषि यंत्र मौजूद हैं. इसमें हाथ, पैट्रोल और डीजल से चलने वाले प्लांटर शामिल हैं. ये मशीनें धान की रोपाई 4, 6 और 8 कतारों में करते हैं.

