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लहसुन के लाभ , उपयोग और नुकसान

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भारतीय व्यंजन अपने ला-जवाब जायके के लिए जाने जाते हैं। यहां भोजन में कई खास चीजों को प्रयोग किया जाता है, जिसमें एक नाम लहसुन का भी है। यह अपनी तेज गंध और अद्भुत स्वाद के लिए जाना जाता है। भोजन का जायका बढ़ाने के अलावा, लहसुन अपने औषधीय गुणों के लिए भी लोकप्रिय है। यही वजह है कि  इस लेख में हम लहसुन के फायदे बताने जा रहे हैं। यहां आप जान पाएंगे कि लहसुन के औषधीय गुण किस प्रकार व्यक्ति के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, लेख में लहसुन के उपयोग और लहसुन के नुकसान के विषय में भी बताया गया है। साथ ही पाठक इस बात का ध्यान भी रखें कि लहसुन लेख में शामिल किसी भी शारीरिक समस्या का इलाज नहीं हैं। यह केवल समस्या के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकता है।

लहसुन के बारे में कुछ रोचक तथ्य
नीचे जानिए लहसुन के बारे में कुछ रोचक तथ्य।
  • माना जाता है कि दुनियाभर में लहसुन की 300 से भी ज्यादा किस्में हैं ।
  • 19 अप्रैल को राष्ट्रीय लहसुन दिवस मनाया जाता है।
  • पहले और दूसरे विश्व युद्ध में लहसुन को एंटीसेप्टिक की तरह घाव के संक्रमण के लिए उपयोग किया गया था।
  • कुछ लोग हैं, जो वास्तव में लहसुन से डरते हैं। यह एक फोबिया है और इसे नाम भी दिया गया है एलियमफोबिया’।
  • कुत्ते और बिल्लियों को लहसुन से दूर रखना चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए जहरीला हो सकता है।
  • प्राचीन ग्रीस में शादी समारोह में लहसुन और अन्य जड़ी बूटियों से बने गुलदस्ते दिए जाते थे।
  • माना जाता है कि ग्रीक और रोमन के सैनिक युद्ध से पहले लहसुन का सेवन किया करते थे।
लहसुन कितने प्रकार के होते हैं?
हमने ऊपर बताया कि लहसुन की 300 से भी ज्यादा किस्में हैं। अब सभी के बारे में बताना संभव नहीं है, लेकिन यहां हम कुछ मुख्य प्रकार के बारे में जानकारी दे रहे हैं। दरअसल, लहसुन को दो वर्गों में बांटा गया है – सॉफ्टनेक और हार्डनेक ।

सॉफ्टनेक गार्लिक  – इसे आसानी से स्टोर किया जा सकता है। दुकानों में जो सामान्य लहसुन पाया जाता है, वो सॉफ्टनेक लहसुन होता है। इसका स्वाद हल्का होता है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर रसोई में रोजाना किया जाता है।

हार्डनेक गार्लिक  – सॉफ्टनेक लहसुन की तुलना में हार्डनेक गार्लिक ज्यादा दिनों तक स्टोर नहीं किया जा सकता है। इसका स्वाद सामान्य लहसुन से थोड़ा अलग होता है। हार्डनेक लहसुन का छिलका आसानी से उतारा जा सकता है। कश्मीरी लहसुन या हिमालयन गार्लिक हार्डनेक के वर्ग में आता है। यह लहसुन शुद्ध वातावरण में उगाया जाता है। दरअसल, इसकी खेती हिमालय की तराई (पहाड़ के नीचे की भूमि) वाले इलाकों में की जाती है। कश्मीरी लहसुन खाने के फायदे भी कई हैं।

लहसुन के औषधीय गुण-
एक समय था, जब आज की तरह जगह-जगह दवा की दुकानें नहीं होती थीं। उस समय लहसुन का इस्तेमाल आयुर्वेदिक उपचार में किया जाता था। लहसुन एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुणों से भरपूर होता है। इसमें एलीसीन  और सल्फर यौगिक मौजूद होते हैं। साथ ही लहसुन में एजोइन और एलीन  जैसे यौगिक भी मौजूद होते हैं, जो लहसुन को और ज्यादा असरदार औषधि बना देते हैं। इन तत्वों और यौगिकों की वजह से ही लहसुन का स्वाद कड़वा होता है, लेकिन यही घटक लहसुन को संक्रमण दूर करने की क्षमता भी देते हैं । लेख में आगे लहसुन के औषधीय गुण को विस्तार से बताया गया है।

लहसुन के फायदे – 
नीचे जानिए लहसुन का उपयोग किस प्रकार फायदेमंद हो सकता है।

1. वजन घटाने के लिए लहसुन के फायदे
लहसुन बढ़ते वजन को रोकने में कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है। इसका एंटी-ओबेसिटी गुण डाइट के कारण मोटापे को कम करने में मदद कर सकता है, इसके अलावा लहसुन का सेवन थर्मोजेनेसिस ( – शरीर में गर्मी उत्पादन की प्रक्रिया) को बढ़ावा दे सकता है, जिससे फैट बर्न होने में मदद मिल सकती है। अपने इन अनोखे गुणों की वजह से लहसुन मोटापे से राहत दिला सकता है । इसके अलावा, एनसीबीआई  की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में यह भी पाया गया कि लहसुन के तेल में मौजूद एंटी-ओबेसिटी गुण हाई फैट डाइट (HFD) के कारण बढ़ते वजन की समस्या पर भी प्रभावकारी हो सकता है।

2. हाई ब्लड प्रेशर के लिए लहसुन खाने के फायदे
हाई ब्लड प्रेशर में घरेलू उपाय के तौर पर लहसुन का सेवन उपयोगी साबित हो सकता है। दरअसल, लहसुन में बायोएक्टिव सल्फर यौगिक, एस-एललिस्सीस्टीन  मौजूद होता है, जो ब्लड प्रेशर को 10 mmhg (सिस्टोलिक प्रेशर) और 8 mmhg (डायलोस्टिक प्रेशर) तक कम कर सकता है। सल्फर की कमी से भी हाई ब्ल्ड प्रेशर की समस्या हो सकती है,  इसलिए शरीर को ऑर्गनोसल्फर यौगिकों वाला पूरक आहार देने से ब्लड प्रेशर को स्थिर करने में मदद मिल सकती है ।

3. कोलेस्ट्रॉल की रोकथाम के लिए लहसुन के फायदे
लहसुन कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी लाभकारी हो सकता है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अपनी एक जांच में पाया है कि पुराने लहसुन के सेवन से शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (जो कि हानिकारक कोलेस्ट्रॉल होता है) के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है । इसके साथ ही इसमें मौजूद एंटी-हाइपरलिपिडेमिया गुण टोटल कोलेस्ट्रॉल और हानिकारक  कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है। फिलहाल, इस बारे में अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है, लेकिन व्यक्ति खुद को स्वस्थ रखने के लिए लहसुन का सेवन कर सकता है।

4. हृदय के लिए लहसुन खाने के फायदे
लहसुन के गुण कुछ हद तक लहसुन के लिए लाभकारी हो सकते हैं। मनुष्यों और जानवरों पर किए गए कुछ अध्ययनों के अनुसार लहसुन में कुछ खास तरह के कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण मौजूद होते हैं। इसके साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल को कम कर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, हृदय के लिए लहसुन के फायदे को लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है ।

5. मधुमेह के लिए लहसुन का उपयोग
मधुमेह रोगियों के लिए भी आहार में लहसुन को शामिल करना लाभकारी हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार, एक से दो हफ्ते के लिए लहसुन का सेवन टाइप डायबिटीज के मरीजों में शुगर को नियंत्रित करने में लाभकारी साबित हुआ। इसके साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी फायदेमंद हो सकता है । हालांकि, इस बारे में अभी और ठोस प्रमाण की आवश्यकता है। वहीं, कोई अगर मधुमेह की समस्या से परेशान व्यक्ति लहसुन का सेवन करना चाहता है तो उसके लिए कच्चा लहसुन लाभकारी हो सकता है। एक शोध के अनुसार कच्चा लहसुन शुगर की मात्रा को कम करने में सहायक हो सकता है । इसके अलावा, लहसुन में मौजूद एंटी-डायबिटिक गुण भी डायबिटीज के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है ।

6. दमा के लिए लहसुन के फायदे
जिनको दमा की समस्या है, उनके लिए भी लहसुन कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है। इस विषय में जानवरों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार लहसुन का प्रयोग कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है । फिलहाल, इस बारे में अभी और शोध की जरूरत है। इसके साथ ही अगर किसी दमा के मरीज को एलर्जी की समस्या है, तो वो लहसुन का उपयोग डॉक्टरी परामर्श पर ही करें क्योंकि इससे एलर्जी की समस्या हो सकती है।

7. सर्दी-जुकाम और बुखार के लिए लहसुन
कई बार लोग सर्दी-जुकाम या बुखार से बचाव के लिए लहसुन खाने की राय देते हैं। इस बारे में एनसीबीआई की वेबसाइट में मौजूद 12-सप्ताह के एक अध्ययन में पाया गया कि एलिसिन युक्त ( – एक प्रकार का यौगिक) लहसुन के सप्लीमेंट के सेवन से सर्दी जुकाम की समस्या का जोखिम कम हो सकता है। वहीं, एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि पुराने लहसुन के अर्क की एक उच्च खुराक (प्रति दिन 2.56 ग्राम) से रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम या बुखार का जोखिम कम हो सकता है । इन शोधों से यह पता चलता है कि कुछ हद तक हो सकता है कि लहसुन सर्दी-जुकाम के जोखिम से बचाव कर सकता है, लेकिन इस बारे में भी अभी और अध्ययन की आवश्यकता है ।

8. हड्डियों और गठिया के लिए लहसुन
लहसुन हड्डियों के लिए भी काफी लाभकारी हो सकता है। कच्चा लहसुन या लहसुन युक्त दवा के सेवन से शरीर में कैल्शियम अवशोषण में मदद मिल सकती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के कमजोर होने की बीमारी) की समस्या में राहत मिल सकती है । इसके अलावा, लहसुन में मौजूद सल्फर यौगिक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-अर्थराइटिक गुण मौजूद होता है, जिससे गठिया का जोखिम कम हो सकता है ।

9. लिवर के लिए लहसुन के फायदे
जिन लोगों को लिवर में सूजन की शिकायत है, उनके लिए एक सीमित मात्रा में लहसुन की कली का सेवन करना उपयोगी साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि लहसुन में पाए जाने वाले एस-एलील्मर कैप्टोसाइटिस्टीन (एसएएमसी-एक प्रकार का यौगिक) नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर के उपचार में सहायक हो सकता है और लिवर को किसी प्रकार के चोट से बचाव करने में भी मदद कर सकता है। वहीं, लहसुन का तेल एंटीऑक्सीडेटिव गुणों से भरपूर होता है, जो लिवर के सूजन (फैटी लिवर की समस्या) के लिए लाभकारी हो सकता है । अगर किसी को अगर लिवर की गंभीर समस्या है तो हमारी राय है कि घरेलू उपाय के बजाय डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दें।

10. गर्भावस्था में गार्लिक के फायदे
गर्भावस्था के शुरुआती दौर में लहसुन को सीमित मात्रा में खाने में शामिल कर किया जा सकता है । वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जानवरों पर किये गए शोध में यह बात सामने आई है कि गर्भवती और भ्रूण दोनों के लिए गर्भावस्था के दौरान लहसुन फायदेमंद हो सकता है । हालांकि, ये शोध जानवरों पर किए गए हैं, ऐसे में बेहतर है कि गर्भवती इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह भी जरूर लें।

11. रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए लहसुन
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इम्यून पावर का अच्छा होना आवश्यक है (26)। ऐसे में लहसुन की कली का सेवन रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में मददगार साबित हो सकता है। लहसुन में कई तरह के यौगिक मौजूद होते हैं, जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभकारी हो सकते हैं। यह तब और फायदेमंद हो सकता है, जब लहसुन पुराना  हो। इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि लहसुन खाने से शरीर में कई तरह की प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि हो सकती है।

12. यूटीआई या किडनी संक्रमण के लिए लहसुन
लहसुन किडनी संक्रमण की रोकथाम में भी मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि गार्लिक पी. एरुजिनोसा ( एक प्रकार का बैक्टीरिया) को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है, जो यूटीआई और गुर्दे के संक्रमण के लिए जिम्मेदार होता है । इसके अलावा, लहसुन में मौजूद एलिसिन यौगिक किडनी की समस्या के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकता है । फिलहाल, इस बारे में अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन व्यक्ति खुद को सेहतमंद रखने के लिए लहसुन का सेवन कर सकते हैं।

13. आंतो के लिए लहसुन
लहसुन का सेवन पेट और आंतो के लिए भी लाभकारी हो सकता है। चूहों पर किए गए एक शोध के अनुसार, लहसुन का उपयोग छोटी आंत की क्षति से बचाव में सहायक हो सकता है । वहीं, इसका एंटीमाइक्रोबायल गुण आंतों के लाभकारी माइक्रोफ्लोरा और हानिकारक एंटरोबैक्टीरिया  के बीच अंतर कर हानिकारक बैक्टीरिया को बनने से रोकने में मदद कर सकता है । हालांकि, ध्यान रहे लहसुन के अत्यधिक सेवन से सीने में जलन या पेट खराब की समस्या भी हो सकती है ।

14. कैंसर के लिए लहसुन
लहसुन के गुण की अगर बात की जाए तो यह कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है। यह इसमें मौजूद एंटी-कैंसर गुण के कारण हो सकता है । हालांकि, कैंसर एक गंभीर बीमारी है तो ऐसे में लहसुन को इसके उपचार समझने की भूल न करें। कैंसर के लिए पहली प्राथमिकता डॉक्टरी इलाज ही है।

15. कान दर्द के लिए लहसुन के फायदे
बच्चों के कान में होने वाले हल्के संक्रमण या दर्द में भी लहसुन फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, प्राकृतिक समाग्रियों से बना इयर ड्राप जिसमें लहसुन का अर्क भी शामिल है, लाभकारी हो सकता है । ध्यान रहे कि यह सामान्य कान दर्द में ही प्रभावकारी हो सकता है। अगर किसी बच्चे को कान दर्द की समस्या लगातार हो रही हो तो डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

16. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के लिए लहसुन
जब शरीर में फ्री रेडिकल और एंटीऑक्सीडेंट के बीच असुंतलन हो जाए तो उसे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कहते हैं। वहीं, जब फ्री रेडिकल शरीर में बढ़ जाए तो शरीर में कई तरह की समस्याएं जैसे – डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य समस्याएं हो सकती है। ऐसे में लहसुन का उपयोग ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में सहायक हो सकता है। चूहों पर किये गए एक शोध के अनुसार, गार्लिक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण सिस्प्लैटिन (– कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवा) के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर सकता है ।

17. अल्जाइमर के लिए लहसुन
अल्जाइमर मस्तिष्क से संबंधित एक समस्या जिसमें लोगों को भूलने की बीमारी हो जाती है। यह डिम्नेशिया (मस्तिष्क संबंधी समस्याओं के लक्षणों का समूह) का एक प्रकार है, इसका सटीक कारण अभी तक अज्ञात है, लेकिन यह आमतौर पर बढ़ती उम्र में लोगों को प्रभावित कर सकता है । ऐसे में एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर लहसुन का सेवन न सिर्फ संज्ञानात्मक गिरावट से बचाव कर सकता है, बल्कि अल्जाइमर और डिम्नेशिया से भी बचाव करने में भी मदद कर सकता है ।

18. आंखों के लिए लहसुन खाने के फायदे
लहसुन का सेवन आंखों को स्वस्थ रखने में भी सहायक हो सकता है। दरअसल, एकैंथअमीबा ( एक प्रकार का अमीबा) आंखों के संक्रमण, खासकर केरेटाइटिस ( आंख के सामने का पारदर्शी हिस्सा कॉर्निया, जब इसमें सूजन हो जाती है) का कारण बन सकता है। यहां लहसुन लाभकारी हो सकता है, क्योंकि इसमें अमीबिसाइडल ( अमीबा को खत्म करने वाला गुण) गुण पाया जाता है, जो इस अमीबा से बचाव कर आंखों को इससे होने वाले संक्रमण के जोखिम को कुछ हद तक कम कर सकता है । फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

19. योनि संक्रमण के लिए लहसुन
अक्सर महिलाएं योनि संक्रमण जैसी समस्या के बारे में सबके साथ चर्चा नहीं कर पाती हैं। इस वजह से कई बार यह समस्या गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है। जबकि, घर में मौजूद लहसुन के जरिए इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। इस विषय में किए गए शोध में यह बात सामने आई कि लहसुन युक्त वैजिनल क्रीम से योनि संक्रमण  कुछ हद ठीक हो सकता है। इसके अलावा, लहसुन में एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं, जो फंगल संक्रमण से आराम दिला सकता है ।

20. आयरन और जिंक के अवशोषण के लिए लहसुन
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्व जरूरी है और आयरन और जिंक उन्हीं में शामिल हैं। लहसुन का सेवन खाद्य पदार्थों में मौजूद आयरन और जिंक दोनों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर शरीर में अवशोषण करने में मदद कर सकता है । इसलिए, किसी को आयरन या जिंक की कमी है तो वो अपने आहार में लहसुन को शामिल कर सकता है।

21. कोल्ड सोर के लिए लहसुन
कोल्ड सोर या छाले हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस  के कारण होते हैं । ये आमतौर पर दर्दनाक फफोले होते हैं जो होंठ और नाक के आसपास हो सकते हैं। इसके साथ ही यह संक्रामक भी होते हैं। ऐसे में लहसुन का सेवन मुंह में छाले की समस्या से बचाव करने में मददगार हो सकता है। लहसुन में मौजूद एंटीमाइक्रोबायल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण के कारण कोल्ड सोर की समस्या से राहत मिल सकता है। हालांकि, इस बारे में कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह सिर्फ अनुमान के आधार पर ही है।

22. मुंह के स्वास्थ्य के लिए लहसुन
लहसुन में मौजूद एलिसिन में एंटीमाइक्रोबायल गुण मौजूद होते हैं, जो मुंह के बैक्टीरिया, जो मसूड़ों के संक्रमण का कारण बनते हैं, उन्हें खत्म करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, वैज्ञानिकों ने लहसुन के अर्क युक्त माउथवॉश को प्रभावी पाया । ऐसे में यह बात भी सामने आई कि लहसुन युक्त टूथपेस्ट या माउथवॉश का उपयोग कैविटी के जोखिम से बचाव के लिए लाभकारी हो सकता है।

23. कील-मुंहासों के लिए गार्लिक
कील-मुंहासों के कारण कई हो सकते हैं और बैक्टीरिया उन्हीं में से एक है । ऐसे में लहसुन के उपयोग से कील-मुंहासों से बचाव हो सकता है। हालांकि, इसका अभी तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन लहसुन में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण यहां लाभकारी हो सकते हैं ।

24. सोरायसिस की रोकथाम के लिए लहसुन
सोरायसिस एक प्रकार का त्वचा रोग है, जिसमें खुजली होने लगती है और त्वचा लाल हो जाती है। यह बीमारी ज्यादातर सिर की त्वचा, कोहनी और घुटनों को प्रभावित करती है ।  इस बीमारी का प्रभाव लहसुन के सेवन से कम किया जा सकता है। लहसुन में डायलिल सल्फाइड और एजेन जैसे यौगिक होते हैं। ये यौगिक न्यूक्लियर ट्रांसमिशन कारक कप्पा बी (जिसकी वजह से सोरायसिस होता है) को निष्क्रिय कर सकते हैं । जिस कारण इसका जोखिम कम हो सकता है।

25. एक्जिमा से राहत के लिए लहसुन
एक्जिमा एक त्वचा संबंधी समस्या है, जिसमें त्वचा लाल हो जाती है और सूजन के साथ खुजली जैसी परेशानी हो सकती है, इसे डर्मेटाइटिस भी कहते हैं । ऐसे में इससे राहत पाने के लिए लहसुन खाना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दरअसल, खुजली से राहत दिलाने के मामले में लहसुन की सफलता या असफलता रोगी के शरीर पर निर्भर करती है। किसी व्यक्ति को अगर लहसुन से एलर्जी है, तो यह एक्जिमा को बढ़ा सकता है, लेकिन जिन्हें लहसुन से कोई एलर्जी नहीं है, उनके लिए लहसुन का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है।

26. झुर्रियों के लिए लहसुन का लाभ
कई बार लोगों की त्वचा पर समय से पहले झुर्रियां नजर आने लगती हैं। दरअसल, ऐसा गलत खान-पान, तनाव, सूर्य की हानिकारक किरणों और बदलती जीवनशैली की वजह से होता है। ऐसे में अगर लहसुन का सेवन किया जाए, तो समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों से बचा जा सकता है। लहसुन में एस-एलिल सिस्टीन ( एक प्रकार का यौगिक) पाया जाता है, जो त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों की वजह से होने वाली झुर्रियों से बचाने में मदद कर सकता है ।

27. स्ट्रेच मार्क्स के लिए लहसुन के लाभ
गर्भावस्था, बढ़ता वजन या एक उम्र के बाद महिलाओं के शरीर पर स्ट्रेच मार्क होना सामान्य है । आए दिन महिलाएं स्ट्रेच मार्क से निजात पाने के लिए कुछ न कुछ नुस्खें आजमाती रहती हैं। वैसे तो स्ट्रेच मार्क्स के निशान को पूरी तरह मिटाना मुश्किल है, लेकिन इसे गार्लिक की मदद से कम किया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यह सिर्फ मान्यताओं पर आधारित है।

28. बालों के लिए लहसुन
लहसुन का उपयोग बालों के लिए भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार लहसुन का जेल और बीटामेथासोन वैलेरेटका मिश्रण एलोपेसिया एरेटा ( बाल झड़ने की बीमारी) की समस्या से बचाव कर सकता है । अगर समस्या ज्यादा हो तो डॉक्टरी सलाह लेने में देर न करें।

लहसुन के पौष्टिक तत्व –
नीचे हम लहसुन के पौष्टिक तत्वों की एक सूची साझा कर रहे हैं 
पौष्टिक तत्व प्रति 100 ग्राम
वॉटर (पानी)58.58 ग्राम
एनर्जी149 केसीएल
प्रोटीन6.36  ग्राम
टोटल लिपिड (फैट)0.5  ग्राम
ऐश1.5  ग्राम
कार्बोहायड्रेट33.06  ग्राम
फाइबर2.1  ग्राम
शुगर1  ग्राम
कैल्शियम181  मिलीग्राम
आयरन1.7 मिलीग्राम
मैग्नीशियम 25 मिलीग्राम
फास्फोरस153 मिलीग्राम
पोटेशियम401 मिलीग्राम
 सोडियम17 मिलीग्राम
 जिंक1.16 मिलीग्राम
कॉपर0.299 मिलीग्राम
सेलेनियम14.2 माइक्रोग्राम
विटामिन सी31.2 मिलीग्राम
 थायमिन0.2 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.11 मिलीग्राम
 नियासिन0.7 मिलीग्राम
 पैंटोथैनिक एसिड0.596 मिलीग्राम
 विटामिन बी -61.235 मिलीग्राम
 फोलेट, टोटल 3 माइक्रोग्राम
कॉलिन, टोटल23.2 मिलीग्राम
ल्यूटिन + जियाजैंथिन16 माइक्रोग्राम
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल) 0.08 मिलीग्राम
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.089 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.011 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.249 ग्राम
लहसुन का उपयोग – 
नीचे पढ़ें लहसुन के उपयोग।
भोजन में सीमित मात्रा में लहसुन को शामिल कर सकते हैं।
  • हर रोज खाली पेट कच्ची या सूखी लहसुन की कली का सेवन कर सकते हैं। उपयोग करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
  • चाहें तो एक या दो लहसुन की कलियों को बारीक काटकर पालक की स्मूदी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। यह कच्चा लहसुन खाने का तरीका थोड़ा अलग है।
  • लहसुन को रोज सब्जी या सूप में डालकर भी खा सकते हैं।
  • आप गार्लिक टी यानी लहसुन की चाय भी पी सकते हैं।
  • लहसुन की कुछ कलियों को घी में भूनकर भी खा सकते हैं।
  • दो से तीन लहसुन की कलियों को हरे प्याज, ब्रोकली और चुकंदर के रस के साथ मिलाकर सेवन करें। अगर किसी को इनमें से किसी भी चीज से एलर्जी है, तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • सरसों के तेल में लहसुन की कलियों को गर्म करके, जोड़ों के दर्द के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 
लहसुन खाने का सही समय और सही तरीका
लहसुन खाने के सही समय की बात करें तो दोपहर या रात के भोजन में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, शाम के वक्त वेजिटेबल सूप में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, इसके खाने के तरीके के बात करें तो इसका पेस्ट बनाकर भोजन में इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, कुछ लोग इसकी कलियों को भूनकर भी खाने में इस्तेमाल करते हैं। अच्छा होगा इस विषय में डाइटीशियन से सही राय ली जाए।

लहसुन को फ्रिज में न रखकर, किसी हवादार स्थान पर रखें।
ताजे लहसुन को पैक करके न रखें। ऐसा करने से लहसुन अंकुरित होकर खराब हो सकता है।
जरूरत के हिसाब से ही लहसुन के कंद को तोड़कर कलियां निकालें, क्योंकि साबूत लहसुन के मुकाबले कलियां जल्दी खराब हो जाती हैं।

लहसुन के नुकसान – 
नीचे जानिए ज्यादा लहसुन खाने से क्या होता है 
  • लहसुन खाने से मुंह या शरीर से दुर्गंध आने की समस्या हो सकती है।
  • अगर कोई कच्चा लहसुन खा रहा है, तो उसे सीने में जलन और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • ज्यादा लहसुन खाने से रक्तस्त्राव की समस्या हो सकती है। इसलिए, अगर किसी की कोई सर्जरी होने वाली है, तो उससे पहले लहसुन का सेवन न करें।
  • लहसुन से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है।
लहसुन किन किन लोगों को नहीं खाना चाहिए? –
जैसा कि हमने ऊपर जानकारी दी है कि कच्चे लहसुन से पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में जिनको पेट से जुड़ी कोई परेशानी है, तो वो कच्चे लहसुन का सेवन करने से बचे।
  • अगर कोई खून को पतला करने की दवाई ले रहा है, तो वो लहसुन का सेवन न करें ।
  • हमने लेख में बताया है कि लिवर के लिए लहसुन लाभकारी है, लेकिन अगर किसी को लिवर की गंभीर समस्या है तो इसके सेवन से पहले डॉक्टरी परामर्श लें। लहसुन के अत्यधिक सेवन से लिवर को क्षति भी हो सकती है ।
  • जिनको माइग्रेन की समस्या है, वो लहसुन का सेवन न करें, क्योंकि हो सकता है कि इसकी गंध से समस्या और बढ़ जाए ।
  • जिनको लो ब्लड प्रेशर की शिकायत है, वो लहसुन का सेवन डॉक्टरी सलाह पर ही करें। लहसुन हाई ब्लड प्रेशर के लिए लाभकारी होता है । ऐसे में लो ब्लड प्रेशर में यह नुकसानदायक हो सकता है। इस बारे में अभी कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है, ये जानकारी सावधानी के तौर पर दी गई है।
 इस लेख को पढ़ने के बाद आशा करते हैं कि सामान्य सा लगने वाला लहसुन पाठकों के लिए गुणकारी बन चुका होगा। अगर इसका इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए तो लहसुन के फायदे लिए जा सकते हैं। इसके साथ ही लहसुन के नुकसान का भी ध्यान रखें और इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। लहसुन के नुकसान बताने से हमारा उद्देश्य है कि लोग इसका सावधानीपूर्वक उपयोग करें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सुबह खाली पेट लहसुन खाने के फायदे ज्यादा होते हैं?
ज्यादातर लोगों की राय है कि सुबह खाली पेट लहसुन खाने के फायदे अधिक हैं, लेकिन यह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। इस बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बेहतर है कि व्यक्ति खाली पेट लहसुन कैसे खाएं इस बारे में किसी विशेषज्ञ की राय लें और उसके अनुसार लहसुन खाने के वक्त को तय करें।

क्या कच्चा लहसुन आपके शरीर को किसी तरह का नुकसान पहुंचा सकता है?
कई लोगों के मन में यह सवाल आता होगा कि कच्चा लहसुन खाने से क्या फायदा हो सकता है या क्या कच्चा लहसुन खाया जा सकता है। दरअसल, यह व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है, क्योंकि इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है। अगर किसी को एलर्जी है तो कच्चा लहसुन खाने के फायदे के बजाय कच्चे लहसुन से उन्हें समस्या हो सकती है। अच्छा होगा कि इस विषय में डॉक्टर से सलाह ली जाए।

लहसुन की तासीर कैसी होती है?
लहसुन की तासीर गर्म होती है।

क्या लहसुन को पकाने से उसका औषधीय गुण चला जाता है?
लहसुन को अगर बहुत ज्यादा पकाया जाए तो वो जल सकता है और उसके औषधीय गुण खत्म हो सकते हैं।

लहसुन और शहद मिलाकर खाने से क्या फायदा हो सकता है?
लहसुन कैसे खाएं, इस सवाल के कई जवाब हैं और लहसुन और शहद का मिश्रण उन्हीं में से एक है। लहसुन और शहद एंटी-बैक्टीरियल तरीके से काम कर सकते हैं। ये शरीर को बीमार करने वाले बैक्टीरिया (Pathogenic bacteria) से बचाव कर सकता है । हालांकि, व्यक्ति इस मिश्रण के सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह भी जरूर लें।

क्या दूध के साथ लहसुन खाने से नुकसान हो सकता है?
दूध और लहसुन को एक साथ खाने से नुकसान हो सकता है, इससे जुड़ा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। अच्छा होगा इस विषय में सही राय डॉक्टर से ली जाए। वहीं, किसी को अगर इन दोनों सामग्री से एलर्जी है, तो उनको इससे सेवन से बचना चाहिए।

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