जय मनसा माता श्री जय मनसा माता
जो नर तुमको ध्याता,जो नर मैया जी को ध्याता मन वांछित फल पाता ।।
जय मनसा माता।।
जरत्कारू मुनि पत्नी, तुम वासुकि भगिनी मैया तुम वासुकि भगिनी ।।
कश्यप की तुम कन्या आस्तीक की माता।।
सुरनर मुनिगण ध्यावत, सेवत नरनारी मैया सेवत नर नारी ।।
गर्व धन्वन्तरी नाशिनी, हंस वाहिनी देवी जय नागेश्वरी माता ।।
जय मनसा माता।।
पर्वतवासिनी संकट नाशिनी, अक्षय धन दात्री| ।।
मैया अक्षय धनदात्री, पुत्र पौत्रदायिनी माता ।।
पुत्र पौत्रदायिनी माता, मन इच्छा फल दाता।।
जय मनसा माता ।।
मनसा जी की आरती जो कोई नर गाता ।। मैया जो नर नित गाता ।।
कहत शिवानन्द स्वामी,रटत हरिहर स्वामी ।।
सुख सम्पति पाता।। जय मनसा माता ।।
जो नर तुमको ध्याता,जो नर मैया जी को ध्याता मन वांछित फल पाता ।।
जय मनसा माता।।
जरत्कारू मुनि पत्नी, तुम वासुकि भगिनी मैया तुम वासुकि भगिनी ।।
कश्यप की तुम कन्या आस्तीक की माता।।
सुरनर मुनिगण ध्यावत, सेवत नरनारी मैया सेवत नर नारी ।।
गर्व धन्वन्तरी नाशिनी, हंस वाहिनी देवी जय नागेश्वरी माता ।।
जय मनसा माता।।
पर्वतवासिनी संकट नाशिनी, अक्षय धन दात्री| ।।
मैया अक्षय धनदात्री, पुत्र पौत्रदायिनी माता ।।
पुत्र पौत्रदायिनी माता, मन इच्छा फल दाता।।
जय मनसा माता ।।
मनसा जी की आरती जो कोई नर गाता ।। मैया जो नर नित गाता ।।
कहत शिवानन्द स्वामी,रटत हरिहर स्वामी ।।
सुख सम्पति पाता।। जय मनसा माता ।।

