-न्यायालय द्वारा आरोपियांे के हाजिर न होने पर लगभग तीन सप्ताह पूर्व गिरफ्तारी वारण्ट भी जारी किया जा चुका है
-अदेशों की अवहेलना पर न्यायालय द्वारा 82 आईपीसी कार्रवाई कर पत्रावली प्रस्तुत करने का आदेश
गोण्डा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन बड़ी बड़ी कार्रवाई कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज रही है और आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलवा रहे हैं लेकिन कुछ ऐसे आरोपी हैं जो पुलिस प्रशासन की बात को छोड़िए न्यायालय के आदेशों को भी दरकिनार कर एकतरफा धड़ल्ले से घूम रहे हैं और शिकायतकर्ता को सुलह समझौता करने की बात को लेकर तरह तरह की धमकियां दे रहे हैं। कोतवाली नगर अंतर्गत सिविल लाइन के रहने वाले आलोक जयसवाल ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए पत्र में कहा है कि वाद संख्या 648/2017 का वादी है वाद प्रथम अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन गोंडा के यहां विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा विपक्षीगण गौतम पांडे राधेश्याम मिश्रा सुनील कुमार जयसवाल संजीव कुमार सिंह राकेश कुमार पांडे व विनोद कुमार खिलाफ अपराध संख्या 515/2015,धारा 419, 420,467,468,471,व 406 आईपीसी के तहत कोर्ट में तलब किया गया था लेकिन विपक्षीगण न्यायालय में उपस्थित होना उचित नहीं समझे जिस पर न्यायालय ने गंभीरतापूर्वक लेते हुए दिनांक,27-05, 2022, को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट थाना कोतवाली नगर के पैरोकार द्वारा न्यायालय से रिसीव कर थाना कोतवाली नगर में दाखिल किया किंतु विपक्षी गणों की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा नहीं की गई। गिरफ्तारी वारंट तामिल ना होने पर न्यायालय द्वारा धारा 82 की भी कार्रवाई की गई है। पीड़ित आलोक जयसवाल ने डीएम, एसपी सहित रे0इ0क0 को0सोसाइटी बड़गांव के अध्यक्ष रामसरन शर्मा को दिए गये पत्र में कहा है कि विश्वस्त सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है कि कोर्ट एंव पुलिस प्रशासन की नजर में भगोड़ा उक्त फर्जी प्रभारी सचिव संजीव कुमार सिंह और रोकड़िया गौतम पाण्डेय के संयुक्त हस्ताक्षर से समिति के कार्यो का निस्तारण किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उक्त सभी आरोपी सोसाइटी के अध्यक्ष के जानकारी में है। साथ ही श्रीजयसवाल ने समिति के अनाधिकृत भगोड़ा फर्जी प्रभारी सचिव तथा अन्य अभियुक्तो को संरक्षण न प्रदान करते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर सुरक्षा करे ताकि पूर्व की तरह गबन की पुनरावृत्ति न हो सके। मामले पर रे0इ0क0 कोसोसाइटी बड़गांव के अध्यक्ष रामसरन शर्मा से बात की गयी तो उन्होने बताया कि मुकदमे की जानकारी हमको है लेकिन आलोक द्वरा दिए गये पत्र की जानकारी हमको नही है। पत्र प्राप्त होगा तो समिति की बैठक कर आगे की कार्यवाही की जायेगी।

