गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

चीन से अलर्ट हुआ नेपाल, सीमा विवाद को लेकर नई समिति

 
naee-samiti

काठमांडू: नेपाल सरकार ने देश के उत्तरी हिमालयी क्षेत्र में चीन के साथ सीमा मुद्दों को लेकर एक समिति बनाने का फैसला किया है। समिति बनाने का फैसला बुधवार को प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के बालूवतार स्थित सरकारी आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। सरकार के प्रवक्ता ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की ने कहा कि समिति हुमला जिले में लिमी लापचा से लेकर नमखा ग्रामीण नगरपालिका के हिलसा तक, नेपाल-चीन सीमा से संबंधित समस्याओं का अध्ययन करेगी।

चीन ने कथित तौर पर नेपाली भूमि पर अतिक्रमण कर पिछले साल हुमला में नौ इमारतें बनाई थीं। मुख्य जिला अधिकारी के नेतृत्व में एक सरकारी टीम ने भी स्थल पर अध्ययन किया है। हालांकि टीम की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने नेपाल के क्षेत्र में चीन के अतिक्रमण की खबरों को खारिज कर दिया था।

सरकार के प्रवक्ता और कानून, न्याय व संसदीय मामलों के मंत्री कार्की ने कहा कि नयी समिति में सर्वेक्षण विभाग, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस और सीमा विशेषज्ञों के अधिकारी शामिल होंगे। इसका गठन गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव के समन्वय के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, समिति के लिए रिपोर्ट जमा करने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।


”go"