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महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतें 46 फीसदी बढ़ी, सबसे ज्यादा मामले यूपी से: महिला आयोग

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 इस साल देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। जनवरी 2021 से अगस्त तक यानी साल के शुरुआत के आठ महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतें पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 46 प्रतिशत ज्यादा आई हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश के हालात सबसे खराब हैं, यहीं से सबसे ज्यादा कंपलेन हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की ओर से बताया गया है कि देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध की जो कुल शिकायतें हैं, उनमें से आधी से भी ज्यादा अकेले उत्तर प्रदेश से हैं। महिला आयोग ने खुद को मिलने वाली शिकायतों के आधार पर ये जानकारी दी है।

महिला आयोग की ओर से बताया गया है कि जनवरी 2021 से अगस्त तक महिलाओं के खिलाफ अपराध की 19,953 शिकायतें मिलीं, जबकि पिछले साल इसकी अवधि में उसे 13,618 शिकायतें मिली थीं। ये बीते साल के मुकाबले 46 फीसदी ज्यादा है। जुलाई के महीने में आयोग को 3,248 शिकायतें मिलीं, जो छह साल में एक महीने में मिली सबसे ज्यादा शिकायतें हैं। जून, 2015 के बाद किसी एक महीने में आईं ये सर्वाधिक शिकायतें थीं।

आयोग का कहना है कि उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 10,084 शिकायतें आईं। इसके बाद दिल्ली से 2,147, हरियाणा से 995 और महाराष्ट्र से 974 शिकायतें मिलीं। इन आठ महीनों में जो शिकायतें आईं उनमें 7,036 शिकायतें गरिमामयी जीवन जीने के अधिकार के प्रावधान के तहत दर्ज की गईं, जबकि 4,289 शिकायतें घरेलू हिंसा और 2,923 शिकायतें विवाह के बाद महिलाओं के उत्पीड़न या दहेज संबंधी उत्पीड़न की थीं। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने महिलाओं के खिलाफ अपराध की ज्यादा शिकायतें मिलने को लेकर कहा है कि शिकायतें इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि आयोग नियमित रूप से जागरुकता अभियान चला रहा है और महिलाएं ज्यादा जागरुक हो गई हैं। ऐसे में अब वो आयोग तक अपनी शिकायत भेज रही हैं।


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