गोण्डा लाइव न्यूज एक प्रोफेशनल वेब मीडिया है। जो समाज में घटित किसी भी घटना-दुघर्टना "✿" समसामायिक घटना"✿" राजनैतिक घटनाक्रम "✿" भ्रष्ट्राचार "✿" सामाजिक समस्या "✿" खोजी खबरे "✿" संपादकीय "✿" ब्लाग "✿" सामाजिक "✿" हास्य "✿" व्यंग "✿" लेख "✿" खेल "✿" मनोरंजन "✿" स्वास्थ्य "✿" शिक्षा एंव किसान जागरूकता सम्बन्धित लेख आदि से सम्बन्धित खबरे ही निःशुल्क प्रकाशित करती है। एवं राजनैतिक , समाजसेवी , निजी खबरे आदि जैसी खबरो का एक निश्चित शुल्क भुगतान के उपरान्त ही खबरो का प्रकाशन किया जाता है। पोर्टल हिंदी क्षेत्र के साथ-साथ विदेशों में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है और भारत में उत्तर प्रदेश गोण्डा जनपद में स्थित है। पोर्टल का फोकस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाना है और आम लोगों की आवाज बनना है जो अपने अधिकारों से वंचित हैं। यदि आप अपना नाम पत्रकारिता के क्षेत्र में देश-दुनिया में विश्व स्तर पर ख्याति स्थापित करना चाहते है। अपने अन्दर की छुपी हुई प्रतिभा को उजागर कर एक नई पहचान देना चाहते है। तो ऐसे में आप आज से ही नही बल्कि अभी से ही बनिये गोण्डा लाइव न्यूज के एक सशक्त सहयोगी। अपने आस-पास घटित होने वाले किसी भी प्रकार की घटनाक्रम पर रखे पैनी नजर। और उसे झट लिख भेजिए गोण्डा लाइव न्यूज के Email-gondalivenews@gmail.com पर या दूरभाष-8303799009 -पर सम्पर्क करें।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया सुपरटेक को बड़ा झटका, 40-मंजिला ट्विन टावरों को ध्वस्त करने का आदेश

 
ka-aadesh

नई दिल्ली, 31 अगस्त। रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने कंपनी और नोएडा प्राधिकरण की मिलीभगत से नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए दो 40-मंजिल टावरों को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को आदेश दिया है कि उसे ट्विन टावरों के फ्लैट मालिकों को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ उनकी रकम को वापस लौटाना होगा। वहीं, टावरों को गिराए जाने का खर्च भी सुपरटेक को ही उठाना पड़ेगा।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दो 40-मंजिला टावरों का निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम था। नोएडा सेक्टर-93 में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट में लगभग 1,000 फ्लैटों वाले ट्विन टावरों का निर्माण नियमों का उल्लंघन करके किया गया था और सुपरटेक द्वारा अपनी लागत पर दो महीने की अवधि के भीतर तोड़ा जाना चाहिए। इसके अलावा नोएडा में ट्विन टावरों के सभी फ्लैट मालिकों को 12% ब्याज के साथ उनकी रकम लौटाई जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सुपरटेक को बड़ा घाटा लगने वाला है।
”go"