बढ़ता वजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए, कुछ लोग योग, व्यायाम और अन्य तरीकों के साथ-साथ कई तरह की डाइट प्लान का भी सहारा लेते हैं। इन्हीं में से एक है पैलियो डाइट। हो सकता है कि इस डाइट प्लान का नाम आपके लिए नया हो। इसलिए, इस लेख से हम पैलियो डाइट क्या है व पैलियो डाइट के फायदे के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने की कोशिश करेंगे। इतना ही नहीं अगर पैलियो डाइट के नुकसान हैं, तो हम उसके बारे में भी आपको बताएंगे। अगर मन में यह सवाल चल रहा है कि क्या पैलियो डाइट बढ़ते वजन को कम करने में मदद कर सकती है, तो इस लेख को जरूर पढ़ें।
पैलियो डाइट प्लान क्या है? –
पैलियो एक खास प्रकार का डाइट प्लान है, जिसे केवमैन या स्टोन-एज डाइट भी कहा जाता है। इसमें फल, सब्जी, लीन मीट, मछली, अंडा व नट्स आदि को शामिल किया जाता है। वहीं, इसमें अनाज, डेयरी उत्पाद, नमक, प्रोसेस्ड फैट और चीनी जैसे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने के लिए कहा जाता है।
पैलिया डाइट प्लान के फायदे –
नीचे हम पैलियो डाइट के फायदे के बारे में बता रहे हैं। यहां हम स्पष्ट कर दें कि इस डाइट के फायदे बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं, जो इस प्रकार हैं :
- हृदय रोग का खतरा कम हो सकता है।
- मेटाबॉलिक सिंड्रोम कम हो सकता है।
- कैंसर का जोखिम कम हो सकता है।
- टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है।
- कील-मुंहासों से बचाव।
- मायोपिया (myopia) एक तरह की नेत्र संबंधी समस्या से बचाव कर सकता है।
पैलियो डाइट में सात दिन का मील प्लान –
नीचे हम पैलियो डाइट की एक सूची साझा कर रहे हैं। ध्यान रहे कि यह सूची एक नमूने के तौर पर दी जा रही है। इसमें बताए गए खाद्य पदार्थ और उसकी मात्रा में व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, जरूरत और पसंद के अनुसार बदलाव किया जा सकता है। इसके लिए आप एक बार किसी आहार विशेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं
पैलियो डाइट में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ –
अगर कोई ऊपर दिए गए चार्ट को फॉलो नहीं कर सकता, तो कम से कम इन खाद्य पदार्थों को तो अपनी पैलियो डाइट में जरूर शामिल किया जाना चाहिए
- अंडा
- लीन मीट जैसे – चिकन
- नट्स
- हरी सब्जियां
- फल
- मछली
- जैतून का तेल
- नारियल का तेल
- अब बारी आती है जानने की कि पैलियो डाइट में क्या न खाएं।
पैलियो डाइट में इन खाद्य पदार्थों को खाने से बचें –
नीचे जानिए पैलियो डाइट में किन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए (5)।
- साबुत अनाज
- अनाज
- शुगर
- डेयरी उत्पाद
- सफेद आलू
- फलियां (मूंगफली, सेम, मसूर)
- अल्कोहल
- कॉफी
- नमक
- कैनोला जैसे रिफाइंड वनस्पति तेल
क्या पैलियो डाइट बढ़ते वजन को कम करने में मददगार है या नहीं?
अब बात करते हैं कि यह डाइट प्लान किस प्रकार वजन को कम कर सकता है। इसी संबंध में वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की है। रिसर्च में वैज्ञानिकों ने रजोनिवृत्ति के बाद (Post Menopausal) मोटापे से ग्रस्त 70 महिलाओं को शामिल किया। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित इस रिसर्च के अनुसार, इन महिलाओं को दो तरह की डाइट पर रखा गया, जिनमें से एक पैलियो डाइट थी। शोध में पैलियो डाइट का पालन करने वाली महिलाओं में काफी मात्रा में फैट कम होता हुआ पाया गया। दूसरी डाइट की तुलना में पैलियो डाइट करने वाली महिलाओं में ट्राइग्लिसराइड (Triglyceride-एक प्रकार का फैट) का स्तर काफी कम हुआ । यह अभी शुरुआती रिसर्च है। इस संबंध में और शोध किया जाना बाकी है।
अगर ऊपर बताए गए शोध को देखा जाए, तो पैलियो डाइट से कुछ हद तक वजन कम हो सकता है, लेकिन यह व्यक्ति के स्वास्थ्य और वजन पर निर्भर करता है। हर किसी की शारीरिक स्थिति एक जैसी नहीं होती है। ऐसे में यह कह पाना थोड़ा मुश्किल है कि पैलियो डाइट सभी के लिए कारगर है या नहीं। हां, इतना जरूर कहा जा सकता है कि पैलियो डाइट से वजन पूरी तरह कम हो या न हो, लेकिन कुछ बीमारियों का जोखिम जरूर कम हो सकता है।
पैलियो डाइट प्लान के नुकसान –
हर चीज का फायदा और नुकसान दोनों होते हैं। वैसे ही अगर पैलियो डाइट के फायदे हैं, तो उसके कुछ नुकसान भी हैं। उन्हीं के बारे में हम लेख के इस भाग में जानकारी दे रहे हैं ।
- पैलियो डाइट प्लान में कई चीजों का ध्यान रखना जरूरी होता है। यह डाइट ताजे खाद्य पदार्थों पर निर्भर करती है। ऐसे में इस व्यस्त जीवनशैली में भोजन को तैयार करने और पकाने के लिए वक्त निकालना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
- इस डाइट में साबुत अनाज और डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं किया जाता है। ऐसे में यह डाइट पोषक तत्व जैसे – कैल्शियम, विटामिन-बी व डी की कमी का कारण बन सकता है। इस स्थिति में जरूरी है कि कुछ नॉन डेयरी प्रोडक्ट का सेवन किया जाए, जिससे शरीर को कैल्शियम मिले। इसके अलावा, साबुत अनाज का सेवन न करने से फाइबर जैसे लाभकारी पोषक तत्व की कमी भी हो सकती है, जिससे मधुमेह और हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।
- साथ ही इसमें मौजूद किसी विशेष खाद्य पदार्थ का सेवन अगर व्यक्ति पहली बार कर रहा है, तो उसे फूड एलर्जी जैसी समस्या भी हो सकती है।
उम्मीद करते हैं कि इस लेख के जरिए पैलियो डाइट से संबंधित जानकारी से कई लोगों को इसके बारे में थोड़ा-बहुत अंदाजा हो गया होगा। पैलियो डाइट प्लान के फायदे जानने के बाद इसे कई लोग अपनाने का सोच रहे होंगे। इसे फॉलो करने में कोई बुराई नहीं है। अगर सही तरीके से इस डाइट का पालन किया जाए, तो पैलियो डाइट के फायदे जरूर दिखेंगे। फिर भी बेहतर है कि एक बार डॉक्टर या विशेषज्ञ की राय जरूर ली जाए। अंत में अगर पैलियो डाइट से संबंधित कोई भी सवाल या सुझाव आपके पास हो, तो आप उसे हमारे साथ साझा कर सकते हैं।

