बदलती जीवनशैली के साथ हमारा खानपान और रहने का तरीक़ा भी बदला है, जिस कारण हमारा शरीर कई बीमारियों का घर बन रहा है। कुछ बीमारियां आम होते हुए भी ख़तरनाक रूप ले लेती हैं और उन्हीं में से एक डायबिटीज़़ (मधुमेह), जो एक बार लग जाए, तो पीछा नहीं छोड़ती। ऐसे में ज़रूरी हो जाता है कि जिस व्यक्ति को डायबिटीज़ है, वह अपना डाइट चार्ट बनाए और उसका नियमित पालन करे। अब यह जानना ज़रूरी हो जाता है कि मधुमेह के रोगियों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। आज इस लेख में हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे।
हमारे लिए यह जानना भी ज़रूरी है कि डायबिटीज़ कैसे होती है? इसका जवाब है, जब व्यक्ति की पाचन ग्रंथियों में इंसुलिन हार्मोन का बनना कम हो जाता है, तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है। ये इंसुलिन हार्मोन ही होते हैं, जो शरीर में शुगर की मात्रा को नियमित रखते हैं। इसके प्रभावित होने पर मधुमेह होता है और शरीर के दूसरे अंगों भी असर पड़ता है।
डायबिटीज़ (मधुमेह) के लिए भारतीय आहार चार्ट –
कई बार डायबिटीज़ के मरीज़ सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर ऐसा क्या खाएं, जिससे वो मधुमेह को संतुलित रख सकें। मधुमेह होने पर कई चीज़ें खाने की मनाही होती है, जिस कारण कई बार मरीज़ को चिड़चिड़ाहट भी होती है। वहीं, डॉक्टरों के अनुसार, प्रतिदिन भोजन के साथ दो तरह के फल ज़रूर खाने चाहिए। साथ ही खाने के 10 मिनट पहले सलाद भी खाना चाहिए, ताकि आप ज़रूरत से ज़्यादा खाना एक बार में न खाएं। यहां हम मधुमेह रोगियों के लिए चार तरह के भारतीय आहार चार्ट शेयर कर रहे हैं, जिन्हें भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों के आधार पर तैयार किया गया है। ये आहार चार्ट आपको सही अनुपात में कार्बो, वसा और प्रोटीन के साथ-साथ प्रतिदिन 1200-1600 कैलोरी प्रदान करेंगे।
उत्तर भारतीय (North)
पूर्व भारतीय (East):
पश्चिम भारतीय (West):
दक्षिण भारतीय (South):
डायबिटीज़ (मधुमेह) में क्या खाएं –
इन सबके अलावा और भी कई चीज़े हैं, जिनका मधुमेह ग्रस्त शख़्स सेवन कर सकता है। साथ ही साथ डायबिटीज़ के मरीज़ों को किसी भी समय का आहार छोड़ना नहीं चाहिए। दिनभर में तीन वक़्त का खाना, तो ज़रूर खाना चाहिए। इसके अलावा, जब भी खाएं, तो एक बार में ज़्यादा न खाकर हर थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाते रहें। पूरे दिन में अपने खाने में फल का सेवन ज़रूर करें और ज़्यादा चीनी युक्त भोजन से दूर रहें (1)। नीचे हम ऐसी ही कई और खाने के चीज़ों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें खाने से न सिर्फ आपकी डायबिटीज़ सही रहेगी, बल्कि आपको प्रोटीन, कैल्शियम, फैट व कार्बोहाइड्रेट्स जैसे पोषक तत्व भी मिलेंगे।
हरी सब्ज़ियां – अगर आपको मधुमेह नहीं है या आपको मधुमेह का अंदेशा लग रहा हो, तो हरी सब्ज़ियों के सेवन से मधुमेह होने की आशंका कम हो जाती है । सब्ज़ियों में काफ़ी मात्रा में प्रोटीन, विटामिन व मिनरल्स जैसे पोषक तत्व होते हैं। हरी सब्ज़ियां जैसे – पालक, मटर, शिमला मिर्च, लौकी, प्याज, लहसुन व बैंगन आदि का सेवन कर सकते हैं। इससे आपके शरीर में शुगर की मात्रा संतुलित रहेगी।
फल – मधुमेह के मरीज़ों के लिए ताज़े फलों का सेवन भी काफ़ी फायदेमंद है। अगर आपको मधुमेह नहीं है, तो भी आप फलों का सेवन करें, क्योंकि ऐसा करने से भविष्य में भी डायबिटीज़ होने की आशंका कम होती है । वहीं, अगर मधुमेह है, तो भी फल का सेवन कर सकते हैं, ऐसा करने से शरीर स्वस्थ रहेगा। आप मधुमेह में केला, संतरा व कीवी जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। हमेशा याद रखें कि मधुमेह के लिए फल (कुछ चुनिंदा फल) अमृत का काम करते हैं।
डेयरी प्रोडक्ट – आप अगर मधुमेह के मरीज़ हैं, तो आप कम फैट वाला दूध, दही या सीमित मात्रा में चीज़ का सेवन कर सकते हैं। खासकर के दही मधुमेह में फ़ायदेमंद साबित होता है ।
डायबिटीज़ (मधुमेह) में क्या नहीं खाना चाहिए –
डायबिटीज़ के मरीज़ों को यह भी जानना चाहिए कि उन्हें किन खाद्य या पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। यह सिर्फ़ मधुमेह के मरीज़ों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके लिए भी है, जिन्हें मधुमेह नहीं है।
- खाने में ज़्यादा नमक का सेवन न करें।
- शराब व चीनी युक्त पेय पदार्थ जैसे – कोल्डड्रिंक से दूर रहें।
- ज़्यादा कॉफ़ी का सेवन न करें।
- ज़्यादा चीनी का सेवन न करें।
- ज़्यादा तला-भुना या तैलीय खाद्य पदर्थों का सेवन न करें।
शुगर के मरीजों को खानपान के साथ-साथ व्यायाम के ज़रिए भी अपनी सेहत को फिट रखना चाहिए। आइए, जाने कैसे।
डायबिटीज़ (मधुमेह) के लिए कुछ व्यायाम और योगासन –
सिर्फ़ खाना-पीना ही नहीं, बल्कि शारीरिक क्रिया जैसे – व्यायाम और योगासन भी काफ़ी महत्वपूर्ण है । आज इस लेख में हम कुछ व्यायाम और योगासन भी आपको बता रहे हैं, जिन्हें करके आप डायबिटीज़ को संतुलित रख सकते हैं।
- दौड़ना – हर रोज़ सुबह जॉगिंग या दौड़ें, इससे आप तंदरुस्त रहेंगे।
- साइकिल चलाना – आप चाहें, तो साइकिल चलाने का भी आनंद ले सकते हैं। इससे न सिर्फ आपकी बचपन की यादें ताज़ा होंगी, बल्कि आप स्वस्थ भी रहेंगे।
- सुबह-शाम टहलना – अगर आपको व्यायाम करना नहीं पसंद या आप जिम नहीं जा सकते, तो सबसे बेहतर होगा कि सुबह और शाम टहलने ज़रूर जाएं।
- डांस – यह न सिर्फ़ एक अच्छा व्यायाम है, बल्कि एक कला भी है। नाचने से न सिर्फ़ आपकी कैलोरी कम होगी, बल्कि आपको अपने अंदर एक कला का अनुभव भी होगा।
- तैराकी – यह एरोबिक व्यायाम का हिस्सा है। तैरने से आपका कोलेस्ट्रॉल और कैलोरी कम होगी और आपका वज़न भी संतुलित रहेगा।
- सीढ़ियां चढ़ें – खाने के बाद सीढ़ियां चढ़ें और उतरें, इससे आपके ब्लड शुगर की मात्रा संतुलित रहेगी और आप फिट भी महसूस करेंगे।
- योग – इन सबके अलावा आप योगासन का भी सहारा ले सकते हैं। योग कई लोगों के लिए फ़ायदेमंद साबित होता आ रहा है और यही कारण है कि आज भी लोग कई बड़ी बीमारियों में योग का सहारा लेते हैं। मधुमेह में भी योगासन के कई फायदे हैं। आप बालासन, धनुरासन, चक्रासन जैसे योग कर सकते हैं।
नोट : अगर आप पहली बार व्यायाम या योगासन कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि किसी एक्सपर्ट की निगरानी में या पूरी तरह सीखकर ही करें।
डायबिटीज़ (मधुमेह) के लिए कुछ और डायट टिप्स –
खाने-पीने के अलावा मधुमेह रोगियों को अपनी जीवनशैली पर भी ख़ासा ध्यान देना ज़रूरी है। नीचे हम कुछ आम, लेकिन बेहद अहम रोज़मर्रा की बातों के बारे में आपको बता रहे हैं।
- नाश्ता बिल्कुल न छोड़ें, क्योंकि नाश्ता महत्वपूर्ण आहार होता है। इससे हम न सिर्फ़ शारीरिक, बल्कि मानसिक तौर पर भी स्वस्थ रहते हैं। नाश्ता करने से आपके शरीर को ऊर्जा मिलती है और आपका वज़न भी संतुलित रहता है।
- डिटॉक्स पेय पदार्थ जैसे :- नींबू पानी का सेवन करें।
- खूब पानी पिएं, ताकि आपके शरीर से विषैले पदार्थ मूत्र के जरिए बाहर निकल जाएं।
- रोज़ सुबह तय समय पर उठें, सही समय पर खाना खाएं और सही समय पर सोएं।
- व्यायाम व योगासन करें और मन को शांत रखने के लिए ध्यान भी लगाएं।
डायबिटीज़ का कोई इलाज तो नहीं हैं, लेकिन सही खान-पान और अच्छी दिनचर्या व जीवनशैली को अपनाने से इस बीमारी का शरीर पर असर कम किया जा सकता है। इसलिए, मधुमेह में आहार का ख़ासतौर पर ध्यान रखें, सही आहार चार्ट का पालन करें और अपने अनुभव कमेंट में ज़रूर शेयर करें।

