शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पोषक तत्वों की अहम भूमिका होती है। ये शरीर की कार्यप्रणाली को नियंत्रित और सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं। इनके महत्व का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि शरीर में इनकी कमी विभिन्न शारीरिक समस्या का कारण बन सकती है। ऐसे ही जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है ओमेगा 3 फैटी एसिड। इस आर्टिकल में जानिए ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे। साथ में जानिए ओमेगा 3 फैटी एसिड का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। इसके अलावा, लेख में ओमेगा 3 फैटी एसिड के नुकसान को भी साझा किया गया है। पाठक इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि ओमेगा-3 फैटी एसिड लेख में शामिल किसी भी रोग का इलाज नहीं है। यह केवल शारीरिक समस्या के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में सहयोग कर सकता है।
ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे –
आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड का उपयोग निम्नलिखित फायदे पहुंचा सकता है।
1. अवसाद और चिंता से छुटकारा
अवसाद से छुटकारा पाने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड का उपयोग सहायक साबित हो सकता है। इस बात का पता इससे जुड़े एक शोध से चलता है। शोध के अनुसार, ओमेगा-3-फैटी में एंटीडिप्रेसेंट गुण पाए जाते हैं, जो अवसाद की स्थिति में आराम पहुंचाने का काम कर सकते हैं । साथ ही हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि ओमेगा-3-फैटी चिंता के लक्षण को भी दूर करने में कारगर साबित हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी गहन शोध की जरूरत है ।
2. आंखों के स्वास्थ्य में सुधार
ओमेगा 3 फैटी एसिड के लाभ आंखों के लिए भी मददगार हो सकते हैं। इनवेस्टिगेटिव ऑप्थेल्मोलॉजी एंड विजुअल साइंस की एक स्टडी के अनुसार ओमेगा 3 फैटी एसिड का उपयोग उम्र आधारित दृष्टि हानि से बचाव का काम कर सकता है। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में बताया गया है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड ड्राई आई (शुष्क आंख) सिंड्रोम के जोखिम को भी कम करने में मददगार हो सकता है। फिलहाल, इस पर और शोध की आवश्यकता है।
3. हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए
ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन हृदय को स्वस्थ रखने और हार्ट स्ट्रोक से बचाव में मदद कर सकता है। साथ ही यह हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों के हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने का काम कर सकता है। दरअसल, ओमेगा-3 के प्रयोग से ट्राइग्लिसराइड्स (रक्त में मौजूद एक तरह का फैट) को कम किया जा सकता है। साथ ही अनियमित दिल की धड़कन के जोखिम को भी कम किया जा सकता है। इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड धमनियों में प्लाक (पट्टिका) के निर्माण को धीमा कर सकता है और बढ़ते रक्तचाप को भी कम कर सकता है । ओमेगा-3 फैटी एसिड की ये सभी क्रियाएं हृदय के लिए लाभदायक हो सकती हैं।
4. मेटाबॉलिक सिंड्रोम के लिए
मेटाबॉलिक सिंड्रोम कुछ जोखिम कारकों का एक समूह है, जो कोरोनरी आर्टरी डिजीज, स्ट्रोक और टाइप 2 डायबिटीज की आशंका को बढ़ाने का काम कर सकता है। यहां ओमेगा-3 फैटी एसिड के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई के एक शोध के अनुसार, ओमेगा-3 फैटी एसिड इंसुलिन रेजिस्टेंस (जो ब्लड शुगर को बढ़ाने का काम करता है) के जोखिम को कम कर सकता है। साथ ही ओमेगा-3 मोटापे से जुड़े मेटाबॉलिक परिवर्तन में सुधार कर सकता है, जिसमें लिपिड मेटाबॉलिज्म भी शामिल है । इंसुलिन रेजिस्टेंस और मोटापा, दोनों ही मेटाबॉलिक सिंड्रोम के मुख्य जोखिम कारक माने जाते हैं । इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे मेटाबॉलिक सिंड्रोम के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
5. इन्फ्लेमेशन (सूजन) से राहत
ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन से भी राहत देने में मदद कर सकता है। दरअसल, ओमेगा-3 फैटी एसिड में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव पाए जाते हैं। एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव इंफ्लेमेशन (सूजन) को कम करने में सहायक हो सकते हैं। साथ ही ओमेगा-3 फैटी एसिड गठिया, अस्थमा और इंफ्लेमेटरी बाउल डिसऑर्डर से जुड़ी सूजन की समस्या को भी कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकता है ।
6. नींद में सुधार
ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे नींद में सुधार का काम कर सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक, ओमेगा-3 फैटी एसिड के सुरक्षात्मक प्रभाव हिप्पोकैम्पस (मस्तिष्क का एक भाग) के एंटीऑक्सीडेंट इफेक्ट्स में सुधार कर क्रोनिक स्लीप डेप्रिवेशन (पर्याप्त नींद का न मिल पाना) से निजात दिलाने में मदद सकते हैं। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।
7. मानसिक विकार और अल्जाइमर रोग से राहत
अल्जाइमर एक मानसिक विकार है, जो याददाश्त, सोचने की क्षमता और व्यवहार को प्रभावित करने का काम करता है । यहां ओमेगा-3 के लाभ देखे जा सकते हैं। एक शोध के अनुसार, ओमेगा -3 फैटी एसिड मानसिक कार्यप्रणाली (Cognitive Function) में सुधार का काम कर सकता है, जिससे अल्जाइमर की स्थिति में कुछ हद तक लाभ मिल सकते हैं। फिलहाल, इस विषय पर अभी गहन शोध की आवश्यकता है
8. कैंसर से बचाव
ओमेगा-3 फैटी एसिड का उपयोग कैंसर से बचाव में भी मददगार हो सकता है। एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध एक शोध में देखा गया है कि कीमोथेरेपी (एक प्रकार का कैंसर ट्रीटमेंट) के दौरान ओमेगा-3 फैटी एसिड का उपयोग इंफ्लेमेटरी प्रतिक्रियाओं को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता सकता है । पाठक इस बात का ध्यान रखें कि ओमेगा-3 फैटी एसिड किसी भी तरीके से कैंसर का इलाज नहीं है। अगर कोई इस बीमारी से पीड़ित है, तो वो जल्द से जल्द अपना डॉक्टरी इलाज करवाए।
9. ऑटोइम्यून डिजीज के लिए
ऑटोइम्यून डिजीज ऐसी समस्या है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है (14)। ऐसे में इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, ओमेगा 3 में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम की कार्यप्रणाली को बेहतर कर सकते हैं।
10. बच्चों में अस्थमा की समस्या कम करने के लिए
अस्थमा से बचाव में भी ओमेगा 3 फैटी एसिड के लाभ देखे जा सकते हैं। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि ओमेगा 3 में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव पाया जाता है। यह गुण अस्थमा से जुड़ी सूजन की समस्या को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकता है। वहीं, एक अन्य शोध के अनुसार डाइट में ओमेगा-3 को बढ़ाकर और ओमेगा-6 को घटाकर बच्चों को अस्थमा के लक्षणों से बचाया जा सकता है । फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।
11. हड्डी और जोड़ों के स्वास्थ्य में सुधार
हड्डियों को स्वस्थ रखने में ओमेगा-3 फैटी एसिड के लाभ देखे जा सकते हैं। एक शोध से यह पता चलता है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा का सेवन करने पर ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों से संबंधित समस्या) के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, ओमेगा 3 बोन मिनरल में सुधार का काम कर सकता है, जिससे हड्डियों को स्वस्थ रखा जा सकता है। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि ओमेगा-3 हड्डियों को स्वस्थ रखने का काम कर सकता है, जिसका फायदा जोड़ों के स्वास्थ्य में भी दिख सकता है।
12. त्वचा के लिए लाभकारी
ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे त्वचा पर भी दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, ओमेगा-3 अल्ट्रा वायलेट किरणों के कारण उत्पन्न सूजन और हाइपरपिग्मेंटेशन की समस्या को दूर रखने का काम कर सकता है। साथ ही यह रूखी त्वचा और डर्मेटाइटिस (त्वचा में सूजन, खुजली, जलन और लाल चकत्ते) पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है और घाव को जल्द भरने में मदद कर सकता है ।
ओमेगा 3 फैटी एसिड का उपयोग –
ओमेगा 3 फैटी एसिड के लाभ इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि उसे किस रूप में लिया जा रहा है। यहां हम इसके कुछ स्वास्थ्यवर्धक उपयोग के बारे में बता रहे हैं ।
कैसे करें सेवन:
- ओमेगा 3 फैटी एसिड को कैप्सूल के रूप में लिया जा सकता है।
- मछली को ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है। इसलिए, ओमेगा-3 युक्त मछली का सेवन किया जा सकता है।
- कुछ तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इनमें अलसी, सोयाबीन और कैनोला तेल शामिल हैं। ऐसे में ओमेगा 3 फैटी एसिड से समृद्ध तेल का उपयोग किया जा सकता है।
- ओमेगा 3 फैटी एसिड के लिए नट्स का सेवन भी अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसके लिए आप अखरोट का सेवन कर सकते हैं। इसमें ओमेगा-3 की अच्छी मात्रा पाई जाती है।
- अन्य ओमेगा-3 के स्रोत में अंडे, दही, जूस और दूध भी शामिल हैं।
कब करें सेवन:
- सुबह या शाम को ओमेगा-3 युक्त नट्स का सेवन किया जा सकता है।
- दोपहर या रात के खाने में ओमेगा-3 युक्त मछली या तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कितना करें सेवन: 14 वर्ष या इससे अधिक उम्र वाले पुरुष प्रतिदिन 1.6 ग्राम और महिलाएं 1.1 ग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन कर सकती हैं ।
ओमेगा 3 फैटी एसिड के नुकसान –
ओमेगा-3 फैटी एसिड के सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। नीचे इससे होने वाले आंशिक नुकसानों के बारे में बताया गया है ।
- बार-बार डकार आना
- सीने में जलन
- पेट में दर्द
- जोड़ों में दर्द
- उल्टी
- कब्ज
- दस्त
- मतली
- स्वाद पहचानने में परिवर्तन
उम्मीद करते हैं कि आपको समझ आ गया होगा कि ओमेगा 3 फैटी एसिड क्या है और यह शरीर के लिए किस प्रकार फायदेमंद हो सकता है। जैसा कि हमने बताया कि यह कई शारीरिक समस्याओं से बचाव में मदद कर सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान जरूर रखें कि यह कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं है। अगर कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है, तो उसका डॉक्टरी इलाज जरूरी है। साथ ही इसके सेवन की मात्रा का भी ध्यान रखें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा।

