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सीताफल का उपयोग और फायदे एवं नुकसान

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हमारे आसपास कई प्रकार के फल पाए जाते हैं, जिनमें से सीताफल भी प्रमुख है। सीताफल का सेवन व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य में होने वाली कई खामियों में कुछ हद तक सुधार कर सकता है, लेकिन यह लेख में बताई जा रही स्वास्थ्य समस्याओं का सटीक उपचार नहीं है। हां, यह आपको बीमार होने से बचा जरूर सकता है।यह लेख, सीताफल से होने वाले संभावित स्वास्थ्य लाभ के बारे में है। सीताफल खाने के फायदे के अलावा इसके कुछ नुकसान भी हैं। इस लेख में सीताफल खाने के फायदे के साथ आपको सीताफल खाने के नुकसान के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

सीताफल क्‍या है? – 
सीताफल एक स्वादिष्ट फल है, जो आसानी से फलों की दुकान में मिल जाएगा। इसकी बाहरी त्वचा हरे रंग की होती है, जो एक आवरण की तरह फल के अंदर मौजूद गूदे को ढककर रखती है। सीताफल को शुगर एप्पल और शरीफा के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम एनोना स्क्वैमोसा (Annona squamosa) है। यह फल जब पक जाता है, तब इसे खाने के इस्तेमाल किया जाता है। सीताफल खाने के फायदे नीचे बताए जा रहा हैं। आप यहां दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

सीताफल के फायदे –
स्वास्थ्य के लिए सीताफल के फायदे कुछ इस प्रकार हैं।

1. स्वस्थ वजन के लिए
अगर कोई अपने वजन से परेशान है, तो इस स्थिति में सीताफल मदद कर सकता है। दरअसल, कम वजन होने का एक कारण यह भी है कि शरीर को जितनी ऊर्जा प्राप्त होती है, उससे कहीं ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है। वहीं, सीताफल को एक बेहतर ऊर्जा स्रोत वाले फल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो वजन बढ़ाने में मदद कर सकता है । ध्यान रहे कि सीताफल के साथ-साथ अन्य डाइट व नियमित व्यायाम पर ध्यान देना भी जरूरी है।

2. अस्थमा के लिए
अस्थमा ऐसी मेडिकल कंडीशन है, जो इन्फ्लेमेशन (फेफड़ों के रास्ते में सूजन) के कारण होती है । यहां सीताफल के प्रयोग से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। यह एक बेहतरीन एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण वाला फल है । एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रिया अस्थमा के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। इसके लिए सीताफल के अर्क का सेवन किया जा सकता है।

3. हार्ट अटैक के खतरे को रोकने के लिए-
हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए भी सीताफल का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, सीताफल में विटामिन-बी6 की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। एक डॉक्टरी रिसर्च के अनुसार, विटामिन-बी6 का सेवन, हृदय रोग के खतरे को कम कर सकता है। इसमें हार्ट अटैक भी शामिल है।

4. पाचन स्वास्थ्य के लिए-
अगर कोई पाचन प्रक्रिया को बेहतर रखना चाहता है, तो इस स्थिति में भी सीताफल काम आ सकता है। सीताफल खाने के फायदे में फाइबर की पूर्ति भी शामिल है। वहीं, फाइबर की पूर्ति शरीर की पाचन क्रिया में भी सुधार करती है और साथ ही यह कब्ज की समस्या से भी लोगों को छुटकारा दिलाती है ।

5. डायबिटीज के उपचार में-
डायबिटीज की स्थिति में सीताफल के लाभ उपयोग में लिए जा सकते हैं। दरअसल, सीताफल में एंटी-डायबिटिक गुण पाया जाता है। यह ब्लड ग्लूकोज के स्तर में सुधार करता है और डायबिटीज के लिए जिम्मेदार विभिन्न जोखिम को भी रोकने में प्रभावी रूप से कार्य कर सकता है। इसके लिए सीताफल के गूदे की स्मूदी का सेवन किया जा सकता है। डायबिटीज में सीताफल लक्षणों को कम कर सकता है, उपचार नहीं कर सकता। बेहतर उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

6. ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए-
ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने के लिए भी सीताफल का उपयोग किया जा सकता है। सीताफल में कुछ मात्रा मैग्नीशियम की होती है। अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो सीताफल में मौजूद मैग्नीशियम के सेवन के जरिए उसे कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है। यह हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को भी कम कर सकता है ।

7. कोलेस्ट्रोल को कम करने में
अगर कोलेस्ट्रोल के स्तर में अनावश्यक रूप से बढ़ोत्तरी हो जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। कोलेस्ट्रोल के स्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए सीताफल को इस्तेमाल में ला सकते हैं। दरअसल, इसमें नियासिन विटामिन की मात्रा पाई जाती है। नियासिन विटामिन का सेवन कोलेस्ट्रोल स्तर को संतुलित करके हृदय रोग, स्ट्रोक और हार्ट अटैक से बचाए रखने में लोगों की मदद कर सकता है । ध्यान रहे कि आप कोलेस्ट्रोल की समस्या से पीड़ित हैं, तो घरेलू उपचार के साथ डॉक्टरी उपचार जरूर करवाएं।

8. एनीमिया को ठीक करने में
एनीमिया से बचने के लिए भी सीताफल खाने के लाभ देखे जा सकते हैं। एनीमिया एक मेडिकल कंडीशन है, जिसमें शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है। ऐसे में व्यक्ति के शरीर के सभी हिस्सों में खून के साथ ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा पहुंचने में परेशानी होती है। वहीं, सीताफल में आयरन व फोलेट की भी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है और एनीमिया में आयरन व फोलेट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इस प्रकार सीताफल के प्रयोग से एनीमिया के कुछ लक्षणों को कम किया जा सकता है। वहीं, अगर आप स्वस्थ हैं, तो एनीमिया से बचे रहे सकते हैं।

9. प्रेगनेंसी में सीताफल का सेवन
प्रेगनेंसी की स्थिति में भी सीताफल में मौजूद पोषक तत्व के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, सीताफल में आयरन व फोलेट की मात्रा पाई जाती है। ये पोषक तत्व गर्भावस्था में एनीमिया को रोकने और न्यूरल ट्यूब दोष (Neural tube defect – बच्चों की रीढ़ और मस्तिष्क में जन्म के समय होने वाला दोष) से मां को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। हालांकि, गर्भावस्था में सीताफल का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य लें, क्योंकि गर्भावस्था में इसके सेवन को लेकर अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

10. स्वस्थ त्वचा और बालों के लिए
त्वचा को निखार देने के लिए भी सीताफल का सेवन काम आ सकता है। सीताफल में विटामिन-सी की मात्रा पाई जाती है। विटामिन-सी त्वचा को सूर्य की हानिकारक पैराबैंगनी किरणों से बचाने में मदद कर सकता है । साथ ही सीताफल में जिंक, आयरन, कैल्शियम व मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों के लिए लाभदायक हो सकते हैं । बेहतर होगा कि आप त्वचा विशेषज्ञ की सलाह पर ही इसका प्रयोग करें।

सीताफल के पौष्टिक तत्व – 
सीताफल में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं ।
पौष्टिक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
जल73.23g
ऊर्जा94kcal
ऊर्जा393kJ
प्रोटीन2.06g
टोटल लिपिड0.29g
ऐश (Ash)0.78g
कार्बोहाइड्रेट23.64g
फाइबर, कुल डाइटरी4.4g
मिनरल
कैल्शियम24mg
आयरन0.6mg
मैग्नीशियम21mg
फास्फोरस32mg
पोटैशियम247mg
सोडियम9mg
 जिंक0.1mg
कॉपर0.086mg
सेलेनियम0.6μg
विटामिन
 विटामिन सी, कुल एस्कॉर्बिक एसिड36.3mg
थायमिन0.11mg
राइबोफ्लेविन0.113mg
नियासिन0.883mg
पैंटोथैनिक एसिड0.226mg
विटामिन बी-60.2mg
फोलेट (कुल,डीएफई,फूड)14μg
विटामिन ए, आईयू6IU
लिपिड
फैटी एसिड टोटल, सैचुरेटेड0.048g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.114g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.04g
ट्रिपटोफन0.01g
लाईसीन0.005g
मेथियोनीन0.007g
सीताफल का उपयोग – 
  • सीताफल को निम्न प्रकार से उपयोग में लाया जा सकता है-
  • सीताफल के अर्क का सेवन किया जा सकता है।
  • सीताफल के गूदे से बीज को निकालकर, इसकी स्मूदी बनाई जा सकती है।
  • सीताफल की सब्जी बनाकर खाई जा सकती है।
  • मिल्क शेक के जरिए भी सीताफल का सेवन कर सकते है ।

सीताफल के नुकसान – 
सीताफल के कुछ खास दुष्प्रभाव नहीं हैं और इस संबंध में अभी रिसर्च भी कम हुई है। अभी तक की उपलब्ध जानकारी के अनुसार अधिक मात्रा में सीताफल खाने से निम्न प्रकार के नुकसान हो सकते हैं:
  • सीताफल में मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है, जिसका अधिक सेवन मतली और पेट दर्द का कारण बन सकती है।
  • सीताफल खाते समय इसके बीज को निकाल लें, नहीं तो यह गले में फंस सकता है, जिससे दम भी घुट सकता है।

सीताफल का सेवन करने से पहले यह देख लें कि यह किसी भी प्रकार से चिड़ियां या किसी कीट से संक्रमित न हो। सीताफल का सेवन ऊपर बताई गई स्वास्थ्य समस्या का पुख्ता इलाज नहीं है, बल्कि यह उसे ठीक करने में और उसके खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। सीताफल को अपनी डाइट में शामिल करने के लिए लोग ऊपर बताई गई विधि का इस्तेमाल कर सकते हैं। सीताफल के लाभ या सेवन से जुड़ा अगर कोई सवाल आप हमसे पूछना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के जरिए हम तक अपनी बात अवश्य पहुंचाएं। साथ ही अगर कोई गंभीर बीमारी का उपचार करा रहा है, तो उस स्थिति में इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।


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