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पुदीना के तेल के लाभ , उपयोग और नुकसान

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बारिश के मौसम में पुदीने की चटनी पकोड़ों का स्वाद बढ़ा देती है। जायके के लिए कई भारतीय और विदेशी व्यंजनों में इसका इस्तेमाल किया जा जाता है। पुदीना का प्रयोग खाद्य पदार्थों से अलग आयुर्वेदिक औषधियों में भी किया जाता है। खासकर, पुदीना का तेल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। आम भाषा में, पेपरमिंट ऑयल के नाम से भी जाना जाने वाला यह एक गुणकारी तेल है।  इस लेख में हम शरीर के लिए पेपरमिंट ऑयल के फायदे के बारे में आपको बताएंगे। साथ ही इस लेख में आप सीमित मात्रा में इस्तेमाल न करने पर पुदीना के तेल के नुकसान और सही ढंग से इसके उपयोग के बारे में भी जान सकेंगे।

पुदीना का तेल क्‍या है – 
जैसा कि नाम सुन कर ही आपको समझ आ रहा होगा कि पेपरमिंट ऑयल पेपरमिंट की पत्तियों से बनाया जाता है। यह साधारण पेपरमिंट नहीं होता, बल्कि इसे वाटरमिंट और स्पीयरमिंट (पुदीना के दो प्रकार) को मिला कर बनाया जाता है। पेपरमिंट ऑयल में मेंथॉल की अधिक मात्रा होने की वजह से इसकी महक भी मेंथॉल की ही तरह होती है। यह रंग में हल्का पीला और तरलता में पानी की तरह होता है। पुदीना के तेल का उपयोग कई चीजों के लिए किया जाता है, जिसके बारे में हम लेख के आने वाले भागों में बताएंगे।

पुदीना के तेल के फायदे – 
पुदीना के तेल के फायदे के बारे में बात करें, तो यह आपके स्वास्थ्य, त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद हो सकता है। आसान भाषा में कहें, तो पुदीना के तेल का उपयोग आप अपने पूरे शरीर के लिए कर सकते हैं। इसमें कई गुण होते हैं, जो आपके स्वास्थ के लिए लाभदायक हो सकते हैं, जैसे एंटीसेप्टिक, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीमाइक्रोबियल आदि। स्वास्थ के लिए पुदीना के तेल के फायदे की वजह से ही इसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयों, टूथपेस्ट, पेन बाम, परफ्यूम और खाद्य पदार्थों में किया जाता है।

सेहत के साथ पुदीना के तेल का उपयोग त्वचा और बालों को खूबसूरत बनाने के लिए भी किया जा सकता है। यह दाग-धब्बे और मुंहासों को हटाकर चेहरे को साफ करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह बालों का झड़ना रोक कर और उन्हें घना बनने में मदद कर सकता है। इन सभी के बारे में आपको लेख में बताया जाएगा।

सेहत/स्वास्थ्य के लिए पुदीना के तेल के फायदे – 

1. पाचन शक्ति बेहतर करे
पेपरमिंट ऑयल का उपयोग पुराने समय से पाचन तंत्र बेहतर करने के लिए, डायरिया, गैस और शिशु में पाचन की समस्या का इलाज करने में किया जा रहा है। इसके साथ यह इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम का इलाज करने के लिए इस्तेमाल लिया जाता है।

2. श्वसन तंत्र के लिए पुदीना का तेल
पुदीने का तेल बंद नाक को खोल कर बेहतर तरीके से सांस लेने में मदद कर सकता है। यह फेंफडों में ऑक्सीजन लेने की क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही, पुदीना के तेल का उपयोग करने से श्वसन तंत्र की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। यही वजह है कि इसका उपयोग इन्हेलर व जुखाम की दवाइयों में किया जाता है।

3. सिरदर्द करे कम
अगर आपको चिंता की वजह से सिरदर्द रहता है, तो आप पेपरमिंट ऑयल का उपयोग कर सकते हैं। एक शोध से पता चला है कि पुदीना के तेल के फायदे चिंता के कारण हो रहे सिरदर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके प्रभावों को सिरदर्द के लिए बनी एलोपैथिक दवाइयों जितना प्रभावशाली माना गया है।

4. रक्त संचार बढ़ाए
अपनी त्वचा पर पुदीना के तेल का उपयोग करने से आपका रक्त संचार बेहतर तरीके से होगा। इसमें मौजूद मेंथॉल त्वचा में आसानी से अवशोषित (Absorb) हो जाता है और आपके ब्लड फ्लो को बढ़ाने में मदद करता है।

5. मौखिक स्वास्थ बनाए रखे
पुदीना का एक पत्ता चबाने से ही मुंह में ताजगी आ जाती है। इस बात की पुष्टि शोध में भी की गई है कि पुदीना और पुदीना का तेल में एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण होते हैं, जो मुंह में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को बढ़ने से रोक सकते हैं और आपकी सांस को महका कर मुंह में ताजगी बनाए रखने का काम कर सकते हैं।

6. तनाव और दर्द से आराम
चिंता से हो रहे सिरदर्द के अलावा, पुदीने का तेल थकान या काम के वजह से हो रहे तनाव और दर्द को कम करने में भी मददगार साबित हो सकता है। माना जाता है कि पेपरमिंट ऑयल आपके सेंट्रल नवर्स सिस्टम  पर सकारात्मक प्रभाव डाल कर तनाव और थकान के दर्द से आराम दिला सकता है। इनके लिए पेपरमिंट ऑयल की अरोमाथेरेपी का उपयोग किया जा सकता है।

7. साइनसाइटिस के लिए पेपरमिंट ऑयल के फायदे
साइनसाइटिस, नाक की मांसपेशियों (साइनस) में होने वाले ब्लॉकेज को कहा जाता है। यह एक प्रकार का संक्रमण होता है, जिसकी वजह से नाक के अंदर वाले भाग में सूजन आ जाती है। इससे आपको नाक में दर्द होता है और सांस लेने में तकलीफ होती है। साइनसाइटिस से आराम पाने में पुदीना का तेल लाभकारी हो सकता है। माना जाता है कि गर्म पानी में इसकी कुछ बूंदें डालकर भाप लेने से साइनस का ब्लॉकेज खुल सकता है, जिससे आपको सांस लेने में आसानी होगी । हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं कि यह कितना लाभकारी हो सकता है।

8. मांसपेशियों को आराम पहुंचाए
पुदीना के तेल का उपयोग मांसपेशियों को आराम दिलवाने और थकान को कम करने में लाभकारी साबित हुआ है। पुदीना में एंटी-स्पास्मोडिक  और दर्दनिवारक गुण होते हैं, जो मांसपेशियों की ऐंठन और दर्द को दूर करते हैं । इसके लिए आप पेपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदें प्रभावित मांसपेशियों पर लगाकर मालिश कर सकते हैं।

9. मलती से आराम
एक वैज्ञानिक प्रयोग में जी मिचलाने से आराम पाने के लिए पेपरमिंट ऑयल के फायदे देखे गए हैं। इस प्रयोग में  यह पाया गया कि पुदीना के तेल की अरोमाथेरेपी लेने से मलती से आराम मिल सकता है । यहां, इसमें मौजूद एंटी-एमेटिक गुण काम करते हैं, जो मलती के प्रभाव को कम करते हैं और आपको बेहतर महसूस कराने में मदद करते हैं ।

10. एलर्जी और संक्रमण से आराम दिलवाए
पुदीना के तेल का उपयोग आपको कई प्रकार की एलर्जी और संक्रमण से आराम दिलवाने में लाभदायक साबित हो सकता है। इसमें मौजूद मेंथॉल एलर्जी को कम करते हैं। साथ ही पेपरमिंट ऑयल में एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया और फंगस को खत्म करने का काम कर सकते हैं।

त्वचा के लिए पुदीना के तेल के फायदे – 
1. रंग साफ करे
धूप और यूवी किरणों के कारण त्वचा का रंग काला पड़ सकता है। ऐसे में पेपरमिंट ऑयल में मौजूद विटामिन-सी त्वचा का रंग साफ करने में मदद कर सकता है । विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है, जो डिपिगमेंटेशन और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करके त्वचा का रंग साफ करने में मदद करता है।

कैसे उपयोग करे:
रंग साफ करने में पुदीना के तेल के फायदे लेने के लिए आप इसकी कुछ बूंदें हथेली में लेकर चेहरे की मसाज कर सकते हैं।

2. मुंहासों से आराम दिलाए
पेपरमिंट ऑयल में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो मुंहासे फैलाने वाले बैक्टीरिया से लड़ते हैं और आपको पिम्पल से निजात दिलाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मुंहासों की सूजन को कम कर सकते हैं।

कैसे उपयोग करे:
रूई की मदद से इस तेल को संक्रमित क्षेत्र पर लगाएं।

3. स्क्रब में मदद करे
पेपरमिंट ऑयल में विटामिन-ए पाया जाता है। यह त्वचा पर बढ़ती उम्र के लक्षण जैसे झुर्रियों और महीन रेखाएं कम करने में मदद करता है। इसके साथ काला नमक और जैतून का तेल मिलाकर स्क्रब किया जा सकता है। नमक त्वचा के रोमछिद्र खोलेगा और जैतून का तेल त्वचा के ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करेगा ।

सामग्री:
  • पेपरमिंट ऑयल की चार बूंदें
  • दो चम्मच जैतून का तेल
  • तीन चम्मच काला नमक
कैसे उपयोग करे :
  • एक बाउल में पेपरमिंट ऑयल, जैतून का तेल और काला नमक मिला लें।
  • अब इस मिश्रण से चेहरे पर स्क्रब करें।
  • अंत में ठंडे पानी से चेहरा धो लें।
4. प्राकृतिक टोनर
पुदीना का तेल और सेब का सिरका मिलकर त्वचा के लिए प्राकृतिक टोनर की तरह काम कर सकते हैं। पेपरमिंट ऑयल में पाए जाने वाला मेंथॉल त्वचा को ठंडक पहुंचाता है । वहीं, सेब के सिरके में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों को बढ़ने से रोकता है और इसमें पाए जाने वाले लैक्टिक और मैलिक एसिड त्वचा का पीएच बैलेंस बनाए रखते हैं ।

सामग्री:
  • तीन चौथाई बोतल डिस्टिल वाटर
  • एक चौथाई बोतल सेब का सिरका
  • 40 बूंदें पेपरमिंट ऑयल
  • एक स्प्रे बोतल
कैसे उपयोग करे:
  • सभी सामग्रियों को मिला कर एक स्प्रे बोतल में भर लें।
  • जब भी चेहरे पर थकान या ऑयल महसूस हो, तो इस टोनर को चेहरे पर स्प्रे कर लें।
  • इसके बाद बोतल को फ्रिज में रख दें।
5. फेस मास्क :
आप खीरा, मुल्तानी मिट्टी और पेपरमिंट ऑयल को मिलाकर फेस पैक बना सकते हैं। इस फेस मास्क में पेपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदें मिलाने से आप उसके मौजूद पोषक तत्वों का लाभ उठा सकते हैं।  पेपरमिंट में विटामिन-सी, विटामिन-ए जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ बनाने का काम करते हैं। ये त्वचा को यूवी रेडिएशन से बचाने के साथ-साथ डर्मेटाइटिस और इन्फ्लेमेशन जैसी समस्याओं से बचाते हैं । इसके अलावा, खीरा त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और मुल्तानी मिट्टी मृत कोशिकाओं को हटाकर चेहरे को चमकदार बनाने का काम करती है ।

सामग्री:
  • दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी
  • पेस्ट बनाने के लिए आवश्यकतानुसार खीरे का रस
  • पेपरमिंट ऑयल की दो बूंदें
कैसे उपयोग करे:
  • एक बाउल में सारी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट को उंगलियों की मदद से चेहरे पर लगाएं और 10-15 मिनट तक सूखने दें।
  • अच्छी तरह सूख जाने के बाद, चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
  • अंत में तौलिये से थपथपा कर चेहरा पोंछ लें।
बालों के लिए पुदीना के तेल के फायदे – 
1. बालों को बढ़ने में मदद करे:
पुदीने में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनकी कमी बाल झड़ने का एक कारण बन सकती है, जैसे विटामिन-सी, आयरन और जिंक। ये सभी तत्व बालों को पोषण देने के साथ-साथ उन्हें प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचा कर झड़ने से रोकते हैं। इसके साथ, पुदीना का तेल स्कैल्प में आसानी से समाकर रक्त संचार बेहतर करता है और बालों बढ़ने में मदद करता है ।

सामग्री:
  • नारियल/जोजोबा/जैतून का तेल
  • पेपरमिंट ऑयल
कैसे उपयोग करें:
  • नारियल/जोजोबा/जैतून के तेल में कुछ बूंदें पेपरमिंट ऑयल की मिला लें।
  • इस तेल से सिर की 15-20 मिनट तक मसाज करें।
  • फिर 10 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • अंत में बालों को ठंडे पानी से शैम्पू करके धो लें।
2. रुखे स्कैल्प के लिए
पुदीना का तेल त्वचा में नमी बनाए रख सकता है। पेपरमिंट ऑयल के फायदे की वजह से इसका उपयोग मॉइस्चराइजिंग उत्पादों में किया जाता है  इसके अलावा, पेपरमिंट में मेंथॉल, जिंक और सिलेनियम भी होते हैं, जो स्कैल्प पर एंटीफ्लैक गुणों (जो स्कैल्प पर पपड़ी बनने से रोकता है) की तरह काम करते हैं । पुदीना का तेल बालों में ठंडक का एहसास बनाए रखता है और रूसी से निजात पाने में मदद करता है ।

कैसे उपयोग करें:
ड्राई स्कैल्प और रूसी के लिए आप पुदीना के तेल का उपयोग बालों का झड़ना रोकने के लिए बताए गए तरीके से ही कर सकते हैं।

3. सभी प्रकार के बालों के लिए लाभदायक
यह सभी प्रकार के बालों, जैसे रूखे, तैलीय या नॉर्मल के लिए लाभदायक हो सकता है। हालांकि, इस बात की पुष्टि के लिए सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं कि पेपरमिंट ऑयल के फायदे किस प्रकार के बालों के लिए कितने लाभदायक रहेंगे।

लेख में अब तक आप जान चुके हैं कि पुदीना का तेल क्या है। साथ ही आप यह भी समझ गए होंगे कि स्वास्थ्य, त्वचा और बालों के लिए पेपरमिंट ऑयल के फायदे क्या हैं। आइए, अब आपको इसके उपयोग के बारे में बताते हैं।

पुदीना का तेल का उपयोग –
पुदीने की पत्तियों का उपयोग आप कई प्रकार के व्यंजनों में कर सकते हैं, लेकिन पुदीना के तेल का उपयोग भोजन में ही किया जाता है। इसके अलावा, पुदीना के तेल का उपयोग कई दवाइयों और इन्हेलर्स में होता है । इसके अलावा, आप पेपरमिंट ऑयल का इस्तेमाल इस प्रकार भी कर सकते हैं:
  • डिफ्यूजर में कुछ बूंदें डालकर अरोमाथेरेपी
  • मांसपेशियों की मसाज
  • स्कैल्प की मसाज
  • फेस पैक
  • हेयर मास्क
  • मॉइस्चराइजर में मिला कर
पुदीना का तेल के नुकसान – 
जहां एक तरफ पुदीना के तेल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, वहीं अगर इसका सही ढंग से उपयोग न किया जाए, तो आपको पुदीना के तेल के नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। पुदीना के तेल का उपयोग अगर सही और सीमित मात्रा में न किया जाए,  तो उससे नीचे बताए गए नुकसान हो सकते हैं:
  • गैस की समस्या
  • मलती और उल्टी
  • शरीर में कंपन
  • अवसाद (Depression)
  • लिवर में समस्या
  • सांस लेने में तकलीफ
  • पेट दर्द
  • दस्त
  • मूत्र में रक्त
  • चक्कर आना
  • बेहोशी
  • शरीर का संतुलन बनाए रखने में समस्या
  • विषाक्त प्रभाव
नोट: इन सभी नुकसानों के साथ-साथ हर्निया व पित्ताशय के रोग से पीड़ित मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इसका सेवन न करने की सलाह दी जाती है।

अब तो आप पुदीना का तेल के फायदे जान गए होंगे। पेट की समस्या से आराम पाना हो, बालों का झड़ना कम करना हो या निखरी खूबसूरत त्वचा पानी हो, पुदीना के तेल का उपयोग आप कर सकते हैं। बस ध्यान रखिये कि किसी भी चीज की अति नुकसानदायक हो सकती है और ऐसा ही पेपरमिंट ऑयल के साथ भी होता है। अगर सीमित मात्रा में उपयोग न किया जाए, तो आपको पुदीना के तेल के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। 

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